यू.जी.सी. NTAनेट परीक्षा जून-2020 (इतिहास)

Total Questions: 100

81. 'सती' का पहला अभिलेखीय साक्ष्य निम्नलिखित में से किस अभिलेख में मिलता है?

Correct Answer: (a) भानुगुप्त का एरण-स्तंभ लेख
Solution:

गुप्तकाल में सती प्रथा का एकमात्र उल्लेख या अभिलेखीय साक्ष्य है 510 ईस्वी का भानुगुप्त का एरण अभिलेख । इसके अनुसार भानुगुप्त के मित्र गोपराज की मृत्यु के पश्चात उसकी पत्नी सती हो गई थी। एरण से प्राप्त एक वराह मूर्ति के अभिलेख में हूण शासक तोरमाण और उसके प्रथम वर्ष का उल्लेख है। एरण में गुप्तकालीन नृसिंह मंदिर, वराह मंदिर तथा विष्णु मंदिर पाए गए है।

82. निम्नलिखित चोल राजाओं का कालानुक्रम में व्यवस्थित करें:

(A) कुलोतुंग प्रथम
(B) राजराज प्रथम
(C) राजेन्द्र प्रथम
(D) वीरराजेन्द्र
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें:

Correct Answer: (b) (B), (C), (D), (A)
Solution:

चोल साम्राज्य की स्थापना विजयालय ने की थी उसने तंजौर / तंजावुर पर अधिकार करके 'नरकेसरी' की उपाधि धारण की। विजयालय पल्लवों का एक सामन्त था। इस वंश के शासक राजराज प्रथम ने तंजौर में वृहदेश्वर या राजराजेश्वर मंदिर (शिव मंदिर) का निर्माण करवाया था। राजेन्द्र प्रथम ने 'गंगैकोण्ड चोल' की उपाधि धारण की तथा गंगैकोण्डचोलपुरम नामक नयी राजधानी बनायी। चोल शासकों का सही कालक्रम है- राजराज प्रथम राजेन्द्र प्रथम → वीर राजेन्द्र → कुलोतुंग प्रथम

83. नीचे दो कथन हैं: इसमें से एक अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है:

अभिकथन (A): गुप्तकाल में हिन्दू धर्म, विशेषतः भागवत धर्म या वैष्णव धर्म का उत्थान हुआ।
तर्क (R): फाह्यान के कथनानुसार इस काल के दौरान बौद्ध धर्म फल-फूल रहा था। यह भी कहा जा सकता है कि सांची के महास्तूप के चार प्रवेशद्वारों पर बुद्ध की चार प्रतिमाएं स्थापित की गई। इस काल के दौरान ही नालंदा भी बौद्ध शिक्षा का केन्द्र बन गया था।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही है परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
Solution:

गुप्तकाल को ब्राह्मण धर्म के पुनरुत्थान का काल माना जाता है। इस काल में हिन्दू धर्म, विशेषतः भागवत धर्म या वैष्णव धर्म का भी उत्थान हुआ। चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य के समान अन्य सम्राटों ने अपने सिक्कों पर नाम के साथ-साथ 'परम भागवत' विशेषण का प्रयोग किया। इस काल में वैष्णव धर्म का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण देवगढ़ (झाँसी) का दशावतार मंदिर है। चन्द्र गुप्त द्वितीय के काल में आए चीनी यात्री 'फाह्यान' ने अपने यात्रा वृत्तांत में मध्यप्रदेश को 'ब्राह्मणों का देश' कहा तथा साँची के महास्तूप और नालंदा को बौद्ध शिक्षा का प्रमुख केन्द्र माना। इस प्रकार (A) और (R) दोनों सही है परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

84. निम्नलिखित मंदिरों में से कौन से मंदिर ईटों से निर्मित है?

(A) भीतरगांव मंदिर, कानपुर
(B) परशुरामेश्वर मंदिर, भुवनेश्वर
(C) लक्ष्मण मंदिर, खुजराहो
(D) लक्षमण मंदिर, सिरपुर
निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (c) केवल (A) और (D)
Solution:

भारत में गुप्तकाल से मंदिर देवालय निर्माण कार्य में भव्यता दिखाई देती है। इस काल में प्रस्तर मंदिर के साथ-साथ ईष्टिका (ईटों द्वारा) निर्मित मंदिर भी बनाए गए। इस काल में निर्मित भीतर गाँव मंदिर (कानपुर) तथा लक्ष्मण मंदिर (सिरपुर) छत्तीसगढ़ ईंटों से निर्मित होने वाले प्रमुख मंदिर है। भीतरगाँव मंदिर की खोज अलेक्जेंडर कनिंघम ने किया था। इस मंदिर को हिन्दुओं का पवित्र स्थान माना जाता है। परशुरामेश्वर (भुवनेश्वर, उड़ीसा) तथा लक्ष्मण मंदिर (खजुराहो, मध्य प्रदेश) विष्णु को समर्पित मंदिर है।

85. संगीत के क्षेत्र में अपनी महारत के लिए निम्नलिखित में कौन सा राजा सुल्तान कवि को गंधर्व की उपाधि से सम्बोधित किया गया था?

Correct Answer: (b) सुल्तान हुसैन शक
Solution:

फिरोजशाह तुगलक ने अपने चचेरे भाई मुहम्मद जौना खाँ की स्मृति में जौनपुर की स्थापना की जो बाद में शर्की साम्राज्य की राजधानी बनी। मलिक सरवर ने जौनपुर में शर्की राज्य की स्थापना की। सुल्तान हुसैन शाह, शर्की वशं का अंतिम शासक हुआ। उसे संगीत के क्षेत्र में प्रसिद्धी के लिए राजा सुल्तान कवि कहा गया तथा गंधर्व की उपाधि दी गई। वह ख्याल गायकी का श्रेष्ठतम गायक था। उसने संगीत के विश्वकोश 'संगीत राग कल्पद्रुम' में अपने संगीत को कम्पोजीशन (रचना) के रूप में दर्ज किया।

86. निम्न में से कौन प्रेममार्गी निर्गुण भक्ति संत नहीं है?

Correct Answer: (d) मलूक दास
Solution:

संत मलूक दास का जन्म वत्स देश की राजधानी रही वर्तमान कौशाम्बी जिले के 'वाड़ा' नामक स्थान पर हुआ था। इनकी दो प्रसिद्ध पुस्तकें है- 'रत्नखान' और 'ज्ञानबोध' । इन्होंने हिन्दुओं और मुसलमानों दोनों को उपदेश देने के लिए फारसी और अरबी शब्दों का प्रयोग किया। ज्ञानाश्रयी मार्गी निर्गुण भक्ति संत नानक, रैदास, मलूकदास, दादूयाल आदि है। निर्गुण भक्ति काल के प्रेममार्गी शाखा के कवि- मंझन, कुतबन, मुल्ला दाउद तथा उस्मान है। इन्होंने प्रेमगाथाएँ फारसी की मसाबियों की शैली के आधार पर रची। इन गाथाओं की भाषा अवधी है और इनमें दोहा-चौपाई, छंदो का प्रयोग हुआ है।

87. निम्नलिखित अधिनियमों को उसके अधिनियम की तिथि के अनुसार कालानुक्रमिक रूप से व्यवस्थित करेंः

(A) द आफिशियल सीक्रेट्स एक्ट
(B) एन एक्ट फॉर द बैटर कंट्रोल ऑफ पब्लिकेशन इन ओरिएंटल लेंग्वेजेज
(C) द इंडियन प्रेस एक्ट (एमरजेंसी पावर्स)
(D) रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रेस एक्ट XI
निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें:

Correct Answer: (b) (D), (B), (A), (C)
Solution:

अधिनियमों का सही कालाक्रमानुसार इस प्रकार है-
रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रेस एक्ट (XI) - 1835
एन एक्ट फॉर द बेटर कंट्रोल ऑफ पब्लिकेशन इन ओरिएंटल
लैंग्वेजेज- 1878 (वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट के तहत ओरिएंटल भाषाओं
के प्रशासनों में विद्रोहात्मक लेखन को नियंत्रित करने में।)
द आफिशियल सीक्रेट्स एक्ट-1923 (सरकारी गोपनीयता अधिनियम)
द इंडियन प्रेस एक्ट (एमरजेंसी पावर्स) - 1931 (इस अधिनियम के द्वारा प्रांतीय सरकारों ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के लिए प्रचार को दबाने का प्रयत्न किया)
नोट- पंजीकरण अधिनियम 1835 के स्थान पर पंजीकरण अधिनियम 1867 को लाया गया।

88. 'मेरी सीमा क्षेत्र में सौ करोड़ भी पूरी तरह से मेरी आज्ञा के अधीन नहीं है।

सुल्तान अलाउद्दीन खलजी यह शिकायत किस से कर रहा था?

Correct Answer: (a) काजी मुगीसुद्दीन
Solution:

अलाउद्दीन खिलजी ने एक बड़ी स्थायी सेना को रखा तथा उन्हें शाही खजाने से वेतन नकदी में भुगतान करता था। वह दिल्ली का पहला सुल्तान था जिसने भूमि की माप के आदेश दिए। उसके दरबार में 'काजी मुगीसुद्दीन' रहते थे। अलाउद्दीन ने इनसे कहा “यद्यपि मुझे कोई ज्ञान नहीं है और न मैंने कोई पुस्तक पढ़ी है। फिर भी मैं जन्म से मुसलमान हूँ।” आगे वह कहता है कि "मेरे साम्राज्य के अन्दर रहने वाले सौ करोड़ भी मेरी आज्ञा नहीं मानते है।" अलाउद्दीन ने आर्थिक मामलों की देख-रेख के लिए दीवानए-रियासत नामक एक नवीन विभाग की स्थापना की।

89. निम्नलिखित में से किसने 15 जनवरी, 1876 को कलकत्ता में इंडियन ऐसोसिएशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साईंस की स्थापना की?

Correct Answer: (d) महेन्द्र लाल सरकार
Solution:

महेन्द्र लाल सरकार ने 15 जनवरी 1876 को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में इंडियन ऐसोसिएशन ऑफ कल्टिवेशन ऑफ साईंस की। स्थापना की यह एक उच्च शिक्षा संस्थान है तथा बुनियादी विज्ञानों में मौलिक अनुसंधान पर केन्द्रित है। इसे भारत का सबसे पुराना अनुसंधान संस्थान भी माना जाता है।

90. पूर्वाग्रह और वस्तुनिष्ठता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही है?

(A) इतिहास लेखन में वस्तुनिष्ठ व्याख्याएं वे है जो परिशुद्धि, व्यापकता, संगति और खुलेपन की तार्किक कसौटी पर खरी उतरती हों।
(B) यदि ऐतिहासिक व्याख्या दुर्घटनावश, गलती से असावधानी के कारण होती है, तो इसे पूर्वाग्रह नहीं, मात्र गलत कहा जा सकता है।
(C) पूर्वाग्रह ग्रसित इतिहास में त्रुटियां दुर्घटना नहीं वरन् सोद्देश्य है।
(D) पूर्वाग्रह ग्रसित विवरण बहुधा अपने विषय का एक पक्षीय वर्णन प्रस्तुत कर अनुचित होते है।
निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) केवल (A), (B), (C) और (D)
Solution:

वैषयिकता या वस्तुनिष्ठता घटनाओं के अध्ययन का एक दृष्टिकोण है जिसके अनुसार एक व्यक्ति घटना से सम्बन्धित तथ्यों को पूर्वाग्रहों अथवा भावनाओं से मुक्त होकर देखता व परखता है।

वस्तुनिष्ठता इतिहास लेखन में परिशुद्धि, व्यापकता, संगति और खुलेपन की तार्किक कसौटी पर खरी उतरती है जबकि पूर्वाग्रह तथा मिथ्या झुकाव एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें अनेक भावात्मक लगावों के कारण अनुसंधानकर्ता किसी विशेष घटना को उसके वास्तविक रूप में न देखकर किसी पूर्व निर्धारित काल्पनिक रूप में देखने का प्रयत्न करता है परिणाम स्वरूप उसके द्वारा किये गए अध्ययन में वस्तुनिष्ठता नहीं आ पाती।