यू. जी. सी.NTA नेट (जून) परीक्षा, 2019 राजनीति शास्त्र

Total Questions: 100

1. नीचे दो कथन दिए गए है, जिसमें से एक अभिकथन (A)है और दूसरा तर्क (R) है।

अभिकथन (A) : मैकियावली के दर्शन में साध्य साधनों की उपयोगिता को पुष्ट करता है।
तर्क (R): द प्रिंस का मुख्य ध्येय राज्य की एकता एवं अखण्डता लाना है।

उपयुक्त दोनों कथनों के आधार पर नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

मैकियावेली के दर्शन में साध्य-साधनों की उपयोगिता को पुष्ट करता है, क्योंकि दि प्रिंस का मुख्य ध्येय राज्य की एकता एवं अखण्डता को सुनिश्चित करना है। इन्होंने अपनी पुस्तक 'द प्रिंस' में राजा के गुणों का वर्णन करते हुए कहा कि वही राज्य श्रेष्ठ है जो नैतिक या अनैतिक सभी साधनों का प्रयोग कर राज्य की एकता और अखण्डता को बनाए रखने में सफल है।

2. बहुसंस्कृतिवाद के अंतर्गत वे प्रवासी जातीय सांस्कृतिक समूह, जिन्हें कभी-भी नागरिक बनने का अवसर नहीं मिलता कहलाते हैं

Correct Answer: (a) मेटिक्स
Solution:

बहुसंस्कृतिवाद, बहुजातीय संस्कृति की स्वीकृति देना या बढ़ावा देना होता है। एक विशिष्ट स्थान के जनसांख्यिकीय बनावट पर यह लागू होती है। आमतौर पर यह स्कूलों, व्यापारों, पड़ोस, शहरों या राष्ट्रों जैसे संगठनात्मक स्तर पर होते हैं। बहुसंस्कृतिवाद के अंतर्गत वे प्रवासी जातीय सांस्कृतिक समूह, जिन्हें कभी-भी नागरिक बनने का अवसर नहीं मिलता, 'मेटिक्स' कहलाते हैं। बहुसंस्कृतिवाद का सैद्धान्तिक आधार भीखू पारेख अपनी पुस्तक Rething multiculturalism: Cultural diversity and political theory-2000 में दिया।

3. किसने कहा है कि राजनीतिक कार्य समस्त आर्थिक कार्य का जीवन रक्त है?

Correct Answer: (b) माओ जेडोंग
Solution:

माओ जेडोग (माओत्से तुंग) ने कहा है कि "राजनीतिक कार्य समस्त आर्थिक कार्य का जीवन रक्त है।" माओ चीनी क्रांति के नायक एवं चीन के प्रथम राष्ट्राध्यक्ष थे। उल्लेखनीय है कि उन्होंने 1 अक्टूबर 1949 को माओवादी शासन 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाईना' की नींव रखी और 9 सितंबर 1976 में अपने निधन तक सर्वोच्च पद पर बने रहे।

4. 'ए ग्रेट एण्ड टेरीबल वर्ल्ड' पुस्तक का लेखक कौन है?

Correct Answer: (a) एंतोनिओ ग्राम्सी
Solution:

'ए ग्रेट एण्ड टेरीबल वर्ल्ड' एंटोनिओ ग्राम्शी (1891- 1937) की रचना है। इसके अतिरिक्त 'प्रिजन नोटबुक' ग्राम्शी की सुप्रसिद्ध कृति है जिसे उन्होंने में जेल में कैद रहते हुए लिखा था।

5. सूची-1 को सूची-11 से सुमेलित कीजिए:

सूची-1 (पुस्तकें)सूची-II (विचारक) 
(A) मार्क्स, गांधी एण्ड सोशलिज्म(i) अरबिन्दो
(B) गांधी एण्ड गांधीज्म(ii) रवीन्द्रनाथ टैगोर
(C) सावित्रीः ए लिजेण्ड एण्ड ए सिम्बल(iii) राममनोहर लोहिया
(D) गीतांजलि(iv) बी. आर. अंबेडकर
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)iiiiviii
(b)iiiiviii
(c)iviiiiii
(d)iiiiiiiv
Correct Answer: (a)
Solution:सूची-1 का सूची-1 के साथ सुमेलन सही है- 
सूची-1 (पुस्तकें)सूची-II (विचारक) 
(A) मार्क्स, गांधी एण्ड सोशलिज्म(iii) राममनोहर लोहिया
(B) गांधी एण्ड गांधीज्म(iv) बी. आर. अंबेडकर
(C) सावित्रीः ए लिजेण्ड एण्ड ए सिम्बल(i) अरबिन्दो
(D) गीतांजलि(ii) रवीन्द्रनाथ टैगोर

6. निम्न में से कौन-सा एक उत्तर आधुनिकता के संबंध में असंगत है?

Correct Answer: (d) ऐतिहासिक प्रवृत्ति
Solution:

'ऐतिहासिक प्रवृत्ति' उत्तर आधुनिकता से असंगत है। उत्तर आधुनिकता समग्रता का विखण्डन करते हुए आंशिक विस्तार के आधार पर भी व्यक्ति को स्वतंत्रता प्रदान करती है। साथ ही यह ज्ञान के स्थान पर उपभोग प्रधान है एवं यह महानता को एक सामान्य सी बात के तौर पर स्वीकार करती है।

7. एकीकृत मानववाद का अर्थ है

(A) मानव जीवन अलग नहीं है
(B) व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के मध्य सामंजस्य
(C) व्यक्ति की आवश्यक एकता
(D) राज्य, राष्ट्र से उच्चतर है

निम्न विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A), (B) और (C)
Solution:

एकीकृत मानववाद या एकात्म मानववाद का प्रतिपादन पं. दीनदयाल उपाध्याय ने किया था। इसकी मान्यता है-
(i) मानव जीवन अलग नहीं है।
(ii) व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के मध्य सामंजस्य
(iii) व्यक्ति की आवश्यक एकता

8. कौटिल्य द्वारा दी गई राज्य के मण्डल सिद्धांत की कितनी प्रकृतियाँ हैं-

Correct Answer: (d) 72
Solution:

कौटिल्य द्वारा प्रतिपादित मण्डल सिद्धांत विजिगीषु राजा द्वारा अपने पड़ोसी देशों के साथ अपनाई जाने वाले नीति है। इसमें राजाओं की संख्या 12 होती है, अतः इसे 'द्वादशः राजमण्डल' कहा जाता है। मण्डल के समस्त राजाओं की प्रकृतियों की संख्या कौटिल्य ने 72 माना है, जबकि महाभारत में इनकी संख्या 60 बताई गई है।

9. किसने कहा कि मानव का विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाना वर्तमान एवं भविष्य की नस्लो को लूटने के समान है?

Correct Answer: (a) जे. एस. मिल
Solution:

प्रमुख उपयोगितावादी एवं व्यक्तिवादी विचारक जे. एस. मिल ने कहा कि मानव का विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाना वर्तमान एवं भविष्य की नस्लों को लूटने के समान है। ध्यातव्य हो कि मिल नकारात्मक स्वतंत्रता एवं सकारात्मक उदारवाद का समर्थक है। मिल के अनुसार 'प्रत्येक प्रकार का प्रतिबन्ध बुरा है।' उसने भाषण, विचार, अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता का समर्थन किया है मिल के अनुसार स्वतंत्रता का हनन सबसे अधिक बहुमत समाज द्वारा किया जाता है। On liberty1859.

10. निम्न में से कौन-सी रचनाएँ मोहम्मद इकबाल से संबंधित है?

(A) तराना-ए-हिंद
(B) द रिक्स्ट्रक्शन ऑफ रिलिजियस थॉट इन इंडिया
(C) द हिस्टोरीकल रोल ऑफ इस्लाम
(D) द बंग-ए-दारा

दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A), (B) और (D)
Solution:

मोहम्मद इकबाल (1877-1938) अविभाजित भारत के प्रसिद्ध कवि, नेता और दार्शनिक थे। इनकी प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं-
• असरार-ए-खुदी
• रुमुज़-ए-बेखुदी
• द बंग-ए-दारा (1924)
• तराना-ए-हिन्द (1905)
• द रिकॉन्स्ट्रक्शन ऑफ रिलिजियस थॉट इन इस्लाम (1930)

'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा......' गीत इकबाल ने ही लिखा है। उल्लेखनीय है कि "द रिकंस्ट्रक्शन ऑफ रिलिजियस थॉट इन इस्लाम" के रचनाकार मोहम्मद इकबाल हैं, जबकि विकल्प (B) में इंडिया शब्द है और "द स्टिोरिकल रोल ऑफ इस्लाम" के लेखक एम.एन. रॉय हैं।