Solution:राष्ट्र एवं राष्ट्रवाद को विभिन्न मतवादियों द्वारा अलग- अलग रूपों में परिभाषित और व्याख्यायित किया गया है। बदलते परिप्रेक्षय, ऐतिहासिकता, समाज की बहुलवादी संरचना, आत्मनिर्णय, राजनीतिक पहचान जैसे कारक इनके समान सिद्धांतीकरण में बाधा हैं परन्तु इनके विषय में चर्चा अवश्य होती है। अतः राष्ट्र और राष्ट्रवाद के संदर्भ में उपर्युक्त अभिकथन और तर्क दोनों सत्य है और तर्क, अभिकथन की व्याख्या करता है। वेंडिक्ट एण्डरसन ने राष्ट्र को एक कल्पित समुदाय की संज्ञा दी है।