Solution:16वीं शताब्दी का प्रसिद्ध राजनीति विचारक टॉमस हॉब्स
ने कहा कि 'व्यक्ति का जीवन एकाकी, क्षुद्र, घिनौना, पशुवत् और अल्प है। हॉब्स अपने सामाजिक समझौता, प्राकृतिक अवस्था एवं मनुष्य की प्रकृति से संबंधित विचारो का प्रतिपादन अपनी अमर कृति 'लैवियाथन' में करता है। लॉक व्यक्ति की स्वाभाविक अच्छाई में विश्वास करता है, जबकि रूसो व्यक्ति को सीधे-साधे पशु की श्रेणी में रखता है। मैकियावली का विचार है कि व्यक्ति नितांत अवसरवादी होता है।