स्वातंत्रोत्तर भारत के पूर्व सात दशकों में लोकतांत्रिक राजनीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन आए है। पिछले दशकों में जहाँ चुनावी सहभागिता में अभूतपर्व वृद्धि हुई है, वहाँ जातीयता से जुड़ी आदिम अस्मिताओ ने 'जातियों के राजनीतिकरण एवं 'राजनीति के जातीयकरण को और अधिक सुदृढ़ किया है।
21 वीं सदी के भारत में बाजार राज्य ने तृतीय लोकतांत्रिक अभ्युदय मार्ग प्रशस्त्र किया है। किन्तु विकास प्राप्ति के अपने लक्ष्य में इन आदिम संरचनाओं को विखडित करने की अपेक्षा, बाजार राज्य लोक लुभावनवाद तथा अभिशासन के मध्य झूल रहा है।
इनमें से किसने सर्वप्रथम भारतीय राजनीति में 'जाति के राजनीतिकरण' धारणा का प्रयोग किया था?
Correct Answer: (a) रजनी कोठारी
Solution:रजनी कोठारी ने सर्वप्रथम भारतीय राजनीति में 'जाति के राजनीतिकरण' धारणा का प्रयोग किया। इन्होंने अपनी पुस्तक 'कास्ट इन इंडियन पॉलिटिक्स' (1973) में सर्वप्रथम जातियों के राजनीतिकरण अवधारणा का विस्तार से विवेचन किया। इनकी अन्य प्रमुख पुस्तकें है- पालिटिक्स इन इंडिया (1970), रीथिंकिंग डेमोक्रेसी (2005) इत्यादि।