यू. जी. सी. NTA नेट (जून) परीक्षा, 2020 राजनीति शास्त्र

Total Questions: 100

51. निम्नलिखित में से किस कारकों ने वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत के क्रमिक विकास में योगदान नहीं किया?

Correct Answer: (d) समुचित कार्य अभिकल्प और कर्मचारियों को आर्थिक प्रोत्साहन
Solution:

वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत का निर्माण लोकप्रशासन में डब्ल्यू. टेलर ने 1909 में किया। टेलर ने सांगठनिक कुशलता और मितव्ययिता, औद्योगिक संगठन में प्रबंधकीय प्रथाओं का प्रयोग व कर्मचारी प्रबंधन के मध्य उत्तरदायी समझ के विकास हेतु एक वैज्ञानिक पद्धति इजाद करने पर बल दिया।

52. निम्नलिखित में से किन विषयों में राज्य सभा को लोक सभा से अधिक शक्तियाँ प्राप्त है?

Correct Answer: (b) नई अखिल भारतीय सेवा का सृजन
Solution:

अनुच्छेद 312 के अनुसार नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन की शक्ति राज्य सभा को प्राप्त है।

53. निम्न में से किस देशों में भारत ने शांति स्थापना कार्यो में भाग लिया था?

(A) कोरिया
(B) गाजा पट्टी
(C) साईप्रस
(D) लेबनान

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए

Correct Answer: (d) (A), (B), (C) और (D) सभी
Solution:

भारत संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक देशों में से है, वर्ष 1950 के बाद से भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति स्थापना से सम्बन्धित 71 कार्यक्रमों में से 49 कार्यक्रमों में भाग लिया तथा' इसमें 2 लाख से अधिक भारतीय सैनिकों ने योगदान दिया।

54. परश्रिता सिद्धान्त के बारे में निम्न में से कौन-से कथन सत्य है?

'(A) पराश्रिता सिद्धांत पर उन मार्क्सवादियों और गैरलेनिनवादियों का बहुत प्रभाव पड़ा जो विकास सिद्धान्त के आलोचक थे।
(B) पराश्रिता सिद्धांत आधुनिकीकरण के शान्तिपूर्ण, क्रमिक विकास प्रक्रिया पर बल देता है।
(C) तीसरी दुनिया का विकास पहले से विकसित देशों के विकास पर निर्भर करता था।
(D) पहली दुनिया तीसरी दुनिया का शोषण नहीं करती है।

नीचे दिएगए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c) केवल (A) और (C)
Solution:

पराश्रिता सिद्धांत विकास सिद्धांत की आलोचना पर आधारित है। इसके मुख्य भाष्यकार समीर अमीन व आन्द्रे गुण्डरफ्रैंक हैं। जो मानते है कि तीसरी दुनिया के देश अविकसित नहीं बल्कि अल्पविकसित है। इसके पिछड़े-पन का कारण विकसित देशों द्वारा इनका शोषण है।

ये विश्व व्यवस्था को कोर (विकसित राष्ट्र), अर्द्ध 'परिधि (विकासशील राष्ट्र) परिधि (अविकसित राष्ट्र या तीसरी दुनिया के देश) में विभाजित करते है तथा मानते है कोर के द्वारा अर्द्ध परिधि व परिधि के राष्ट्रों का व अर्द्ध परिधि के द्वारा परिधि के राष्ट्रों का शोषण किया जाता है। यह सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि तीसरी दुनिया का विकास कोर राष्ट्रों के विकास पर निर्भर है।

55. नीचे दो कथन दिये गये है।

कर्थन (I): प्रत्येक संविधान का अपना दर्शन होता है।
कथन (II): भारतीय संविधान में निहित दर्शन को समझने के लिए हमें पंडित नेहस्तु के ऐतिहासिक उद्देश्यपरक संकल्प पर ध्यान केन्द्रित करना होगा।

उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुने

Correct Answer: (a) कथन (I) और (II) दोनों सही है
Solution:

प्रत्येक राष्ट्र के संविधान का अपना दर्शन होता है जो उस राष्ट्र के मूल्यों, अभिवृत्तियों संस्कृति का आईना होता है। अतः कथन (1) सत्य है। जैसे फ्रांस के संविधान में निहित स्वतंत्रता, समानता व बधुत्व का विचार।

• भारतीय संविधान का दर्शन जानने के लिए हमें नेहरू के ऐतिहासिक उद्देश्य परक संकल्प प्रस्ताव (13 दिसम्बर, 1946) पर दृष्टिपात करना होगा, जिसमें सुझाए गए बिंदु यथा उत्तरदायी सरकार, मौलिक अधिकार, धर्मनिरपेक्ष राज्य, सार्वजनिक निर्वाचन प्रणाली आदि, बाद में भारतीय संविधान का आधार बने। अतः कथन (11) भी सत्य है।

56. निम्नलिखित में से कौन भारत में पंचायती राज्य व्यवस्था के विचार का कट्टर विरोधी था?

Correct Answer: (a) बी. आर.अम्बेडकर
Solution:

डा. भीमराव अम्बेडकर पंचायती राज्य व्यवस्था के कट्टर विरोधी थे, वे मानते थे कि गाँव संकीर्णता, अज्ञानता, अंधविश्वास व साम्प्रदायिकता जाति प्रथा व निम्न स्वार्थों की पूर्ति के गढ़ है। अतः ग्राम पंचायतों को संविधान का आधार बनाना आत्मघाती होगा इससे अत्याचार बढ़ेगा तथा रूढ़िवादी व्यवस्था का सत्ता में संकेन्द्रण बढ़ेगा।

57. ई. वी. रामास्वामी पेरियार, सर्वप्रथम निम्न में से किस दल में सम्मिलित हुए थे?

Correct Answer: (b) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
Solution:

ई.वी. रामास्वामी पेरियार एक सामाजिक आंदोलनकारी थे, जिन्होंने आत्म सम्मान आंदोलन चलाया। वे प्रारंभ में वर्ष 1919 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए परंतु 1925 में पार्टी में ब्राह्मणवादी मानसिकता की बढ़ती प्रवृत्ति के आरोपों पर उससे दिया, बाद में जस्टिस पार्टी (1939) के अध्यक्ष बने तथा 1944 में उसका नाम बदलकर द्रविड कषगम कर दिया।

58. पारंपरिक प्राधिकार या सत्ता की अवधारणा में निम्नलिखित में से क्या सम्मिलित है?

Correct Answer: (a) व्यक्तियों द्वारा विरासत में प्राप्त प्रतिष्ठा के कारण प्राधिकार या सत्ता का प्रयोग
Solution:

पारंपरिक प्राधिकार या सत्ता की अवधारणा राजतंत्रिक प्रणाली पर आधारित है अर्थात् व्यक्तियों द्वारा पारिवारिक विरासत में प्राप्त के रूप में सत्ता का प्रयोग किया जाता है। यह वंशानुगत होता है जैसे- 'राजा का बेटा ही सदैव राजा होता है। मध्यकालीन युग में यह व्यवस्था बहुधा प्रचलित थी।

59. अरस्तू के अनुसार कौन-सा अभिकथन सही है?

(A) पोलिस को इतना वृहत होना चाहिए कि आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करे और इतना सूक्ष्म होना चाहिए कि सुशासन सुनिश्चित हो सके।
(B) पोलिस प्राकृतिक था और व्यक्ति से पूर्व रूप से था। कालक्रमानुसार नहीं अपितु उद्देश्य परक रूप से
(C) पोलिस मानव संघों का उच्चतम और सर्वाधिक व्यापक रूप है।
(D) पोलिस मानव का वृहतसय है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (d) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

अरस्तू आदर्श राज्य की संकल्पना (पोलिस का विचार) प्रस्तुत कैरते हुए कहता है कि राज्य की जनसंख्या न तो बहुत अधिक न ही बहुत कम होनी चाहिए। अरस्तू के अनुसार पोलिस (राज्य) का स्वरूप स्वाभाविक प्राकृतिक व आंगिक है तथा व्यक्ति से पूर्ववर्ती एक उद्देश्य परक संस्था है जिसका उद्देश्य एक नैतिक मानव समुदाय का निर्माण करना है। वह राज्य को संमुदायों का समुदाय या समुदायों का उच्चतर रूप मानता है। जबकि प्लेटो राज्य को मनुष्यों का उच्चतर (वृहत्तम) रूप मानता है।

60. हिन्दू राष्ट्र का विचार मूलतः किसका है?

Correct Answer: (a) वी.डी. सावरकर
Solution:

हिन्दू राष्ट्र का विचार मूलतः वी.डी. सावरकर का है। उनकी प्रमुख पुस्तके (Hundutva (1923) तथा Hundutva PadPadshahi (1925) है। सावरकर एक क्रांतिकारी राष्ट्रवादी थे, जो मेजिनी के विचारो से प्रेरित थे। उनका मानना था कि 'हिन्दू का आशय केवल धर्म या परंपरा नहीं बल्कि एक प्रजानि या राष्ट्रीयता है।'