Solution:निगमनात्मक तर्क में सबसे पहले किसी सिद्धांत की पूर्वधारणा बना ली जाती है, फिर उसे उदाहरण के माध्यम से सिद्ध करने का प्रयास किया जाता है। अतः दिया गया उदाहरण कि, "यदि हम गैस भरवाने के लिए जल्दी नहीं रुकेंगे तो हमारी गैस खत्म हो जाएगी। तो हम शादी में देर से पहुँचेगे। इस वाक्य में निगमनात्मक तर्क का श्रृंखला-युक्ति पैटर्न निहित है।
• फलवाक्य निषेध (Denying the Consequent) तर्कशास्त्र (Logic) में एक औपचारिक तर्कदोष (Formal Fallacy) है, जहाँ एक व्यक्ति यह गलत निष्कर्ष निकालता है कि यदि कोई सशर्त कथन (Conditional Statement) का 'फल' (Consequent) सत्य नहीं है, तो उसका 'पूर्ववृत्त' (Antecedent) भी सत्य नहीं हो सकता।
• फलवाक्य विधान (Affirming the Consequent) एक तार्किक दोष (logical fallacy) है, जिसमें यह गलती की जाती है कि यदि किसी सशर्त कथन (If P, then Q) का परिणाम (Q) सत्य है, तो उसका पूर्ववृत्त (P) भी सत्य होना चाहिए, जबकि ऐसा होना आवश्यक नहीं है।
• हेतु वाक्य निषेध (Nishedh Vachak Vakya) ऐसे वाक्य होते हैं जो किसी कार्य को करने से रोकते हैं, मना करते हैं, या किसी कार्य की अनुमति नहीं देते हैं।