Solution:किसी छात्र के प्रदर्शन की उसके पूर्व प्रदर्शन से तुलना करने की प्रक्रिया को स्वमानक आँकलन कहा जाता है। स्वमानक आकलन विधि ऐसी विधि है जिसमें व्यक्ति अथवा छात्र को बाध्य चयन करना होता है। इस विधि द्वारा मापन को 'कैटिल' ने इप्सेटिव मापन कहा है। इप्सेटिव माप में एक प्रमुख अंतर्निहित धारणा यह है कि जो एक विकल्प सबसे अधिक सत्य होगा उसे अधिक सकारात्मक माना जाएगा।
• नैदानिक मूल्यांकन (Clinical Assessment) किसी व्यक्ति की स्थिति, समस्या, या कौशल का गहराई से विश्लेषण करने की एक व्यवस्थित प्रक्रिया है, ताकि उसकी ज़रूरतों, शक्तियों और कमजोरियों को समझा जा सके और उचित निदान या उपचार योजना बनाई जा सके।
• समाकलनात्मक आकलन (Summative Assessment) किसी पाठ्यक्रम या इकाई के अंत में छात्रों के ज्ञान और कौशल का मूल्यांकन करने की एक विधि है, जिसका उद्देश्य सीखने की समग्र उपलब्धि को मापना और ग्रेड देना है; यह अक्सर अंतिम परीक्षा, प्रोजेक्ट या पेपर के रूप में होता है और सीखने की प्रक्रिया के बजाय अंतिम परिणामों पर केंद्रित होता है।
• अनौपचारिक आकलन (Informal Assessment) एक सहज, गैर-मानकीकृत मूल्यांकन विधि है जिसमें शिक्षक बिना किसी कठोर नियम या ग्रेडिंग के छात्रों की समझ और प्रगति को परखते हैं; यह कक्षा के दौरान अवलोकन, प्रश्नोत्तर, चर्चा और गतिविधियों के माध्यम से होता है, जिससे शिक्षक को तत्काल प्रतिक्रिया मिलती है और वे सीखने की कमियों को तुरंत दूर कर सकते हैं।