Solution:अनाच्छादन अपक्षय, द्रव्यमान क्षय और अपरदन को सम्मिलित करता है। सभी बर्हिजनिक भू-आकृतिक प्रक्रियाओं को अनाच्छादन कहा जाता है। इसमें अपक्षय, वृहत क्षरण, संचलन, अपरदन परिवहन आदि सभी को शामिल किया जाता है।
शुष्क जलवायु मुख्यतः रेगिस्तानों में जहाँ 30°C 50°C तक उच्च तापक्रम पाया जाता है लवणीय क्रिस्टल के वृद्धि में सहायक होता है, लवणीय क्रिस्टल में वृद्धि के कारण चूना पत्थर, बालू पत्थर, नीस, ग्रेनाइट तथा खड़िया में विघटन प्रारम्भ हो जाता है।
अपशल्कन तब घटित होता है जब तापमान परिवर्तन के कारण भिन्न दरों पर खनिजों का विस्तारण और संकुचन होता है। ग्रेनाइट शैलों में इस प्रक्रिया से चिकनी सतह के छोटे से लेकर बड़े गोलाश्मों का निर्माण होता है जिसे 'टार' कहते हैं। अतः कथन (a c d) सत्य हैं।