Solution:फ्रांसीसी दार्शनिक ऑगस्ट काम्टे को प्रत्यक्षवाद का जन्मदाता माना जाता है। प्रत्यक्षवाद का यह विश्वास है कि विज्ञान का सम्बन्ध केवल आनुभविक तथ्यों से होता है। आनुभविक तथ्य वे हैं जिनको मानव ज्ञानेन्द्रियों से देखा परखा जा सकता है
क्योंकि वे मूर्त होते हैं, भावात्मक नहीं। कॉम्टे के अनुसार, प्रत्यक्षवादी पद्धति से किये गये अध्ययन और उनके द्वारा प्राप्त परिणाम वैज्ञानिक तथा विश्वसनीय होते हैं। यही कारण है कि वैज्ञानिक प्रायः धार्मिक तथा तात्विक विचारधारा को महत्व नहीं देते हैं।
इस प्रकार अनुभववाद एवं वैज्ञानिक नियमों का एकीकरण प्रत्यक्षवाद की विशेषताएँ हैं। बर्नार्ड लोनरगन ने तत्वमीमांसा की 'मानव ज्ञान के केन्द्र और आधार' के रूप में इसलिए व्याख्या की है कि यह ज्ञानों के अन्य सभी विभागों को अन्तर्निहित परिच्छेदित, करती है, परिवर्तित करती है, और एकीकृत करती है।