Solution:कृषि, पशुधन, उद्योग या मानव जनसंख्या की सामान्य आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए पानी की किसी भी प्रकार की कमी को सूखा कहा जाता है क्योंकि सूखा, वर्षा के अभाव के कारण उत्पन्न एक विपत्तिजनक स्थिति है।
सूखा ऐसी स्थिति को कहा जाता है, जब लम्बे समय तक कम वर्षा, अत्याधिक वाष्पीकरण और जलाशयों तथा भूमिगत जल के अत्याधिक प्रयोग से भूतल पर जल की कमी हो जाए। सूखा एक जटिल परिघटना है,
जिनमे कई प्रकार के मौसम विज्ञान संबंधी तथा अन्य तत्व, जैसे- वृष्टि,वाष्पीकरण, वाष्पोत्सर्जन, भौम जल, मृदा में नमी जल भंडारण व भरण, कृषि पद्धतियाँ, विशेषतः उगाई जाने वाली फसलें, सामाजिक-आर्थिक गतिविधियाँ और पारिस्थितिकी शामिल हैं। अतः (A) और (R)दोनों सत्य है और (R), (A) की सही व्याख्या है।