Solution:पदार्थ जो ओजोन की परत का क्षरण करते हैं, इस पर हुए अंतर्राष्ट्रीय समझौते का सम्बन्ध 'मांट्रियल प्रोटोकॉल' से है। मांट्रियल प्रोटोकॉल को 16 सितम्बर 1987 को अपनाया गया जो वर्ष 1989 से प्रभावी रूप से कार्य करने लगा।
मांट्रियल प्रोटोकॉल एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसे ओजोन परत क्षरण हेतु जिम्मेदार पदार्थों के उत्पादन एवं उपभोग में कमी लाने हेतु तैयार किया गया था, जिससे समतापमण्डल की नाजुक ओजोन परत को सुरक्षित किया जा सके।
क्योटो प्रोटोकॉल जापान के क्योटो शहर में 11 दिसम्बर 1997 को अपनाया गया, जो 16 फरवरी 2005 से कार्यशील हुआ। इस प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन से सम्बन्धित विस्तृत नियम को मराकेश (मोरक्को) 2001 के CoP-7 में अपनाया गया था,
अतः इसे मराकेश समझौता भी कहते हैं। 'पेरिस समझौता' जलवायु परिवर्तन के विषय पर कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता है। इसे दिसम्बर 2015 को पेरिस में जलवायु परिवर्तन पर (CoP- 21) में स्वीकार किया गया।
पेरिस समझौते का प्रमुख उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2°C की वृद्धि से नीचे रखना है।