यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2021 जून 2022 भूगोल

Total Questions: 100

61. भूगोल के किस संदर्भ के साथ फर्दिनान्द द ससुर का सम्बन्ध है?

Correct Answer: (d) संरचनावाद
Solution:

'फर्दिनान्द द सॉसर (ससुर)' को 'संरचनावाद' का प्रवर्तक माना जाता है। 'संरचनावाद' विज्ञान की एक ऐसी पद्धति है जो संकेत विज्ञान (संकेतों की एक प्रणाली) और सहजता से परस्पर संबद्ध भागों की एक पद्धति के अनुसार तथ्यों का विश्लेषण करने का प्रयास करती है।

62. 'पदार्थ जो ओजोन की परत का क्षरण करते हैं' पर हुए अंतर्राष्ट्रीय समझौते का संबंध निम्नलिखित में से किससे है?

Correct Answer: (d) मांट्रियल प्रोटोकॉल
Solution:

पदार्थ जो ओजोन की परत का क्षरण करते हैं, इस पर हुए अंतर्राष्ट्रीय समझौते का सम्बन्ध 'मांट्रियल प्रोटोकॉल' से है। मांट्रियल प्रोटोकॉल को 16 सितम्बर 1987 को अपनाया गया जो वर्ष 1989 से प्रभावी रूप से कार्य करने लगा।

मांट्रियल प्रोटोकॉल एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसे ओजोन परत क्षरण हेतु जिम्मेदार पदार्थों के उत्पादन एवं उपभोग में कमी लाने हेतु तैयार किया गया था, जिससे समतापमण्डल की नाजुक ओजोन परत को सुरक्षित किया जा सके।

क्योटो प्रोटोकॉल जापान के क्योटो शहर में 11 दिसम्बर 1997 को अपनाया गया, जो 16 फरवरी 2005 से कार्यशील हुआ। इस प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन से सम्बन्धित विस्तृत नियम को मराकेश (मोरक्को) 2001 के CoP-7 में अपनाया गया था,

अतः इसे मराकेश समझौता भी कहते हैं। 'पेरिस समझौता' जलवायु परिवर्तन के विषय पर कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता है। इसे दिसम्बर 2015 को पेरिस में जलवायु परिवर्तन पर (CoP- 21) में स्वीकार किया गया।

पेरिस समझौते का प्रमुख उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2°C की वृद्धि से नीचे रखना है।

63. निम्नलिखित में से कौन से युग्मों का मिलान सही है ?

मानचित्र का प्रकारमापक (Scale)
भित्ति मानचित्र1 : 1,90
बृहद मापक योजना1 : 100
स्थलाकृतिक मानचित्र1 : 250,000
एटलास मानचित्र1 : 250
भू-कर मानचित्र1 : 3,960

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (B), (C) और (E)
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

मानचित्र का प्रकारमापक (Scale)
भित्ति मानचित्र1 : 15,000,000
वृहद मापक योजना1 : 100
स्थलाकृतिक मानचित्र1 : 250,000
एटलस मानचित्र1 : 20,000,000 से कम
भू-कर मानचित्र1 : 3,960

इस प्रकार विकल्प (b), (c) तथा (c) सत्य हैं।

64. गुन्नार मिर्डल (1957) ने अपने वृत्तीय संचयी कारणत्व के सिद्धांत में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रादेशिक असमानताओं को किस प्रकार वर्णित किया है?

Correct Answer: (c) प्रतिगमन और प्रसार प्रभाव
Solution:

गुनार मिर्डाल (1957) ने अपने वृत्तीय संचयी कारणत्व के सिद्धान्त मे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रादेशिक असमानताओं को प्रतिगमन (Backwash effect) और प्रसार प्रभाव (Spread effects) द्वारा वर्णित किया है।

यह सिद्धान्त विभिन्न देशों के मध्य और एक ही देश के विभिन्न प्रदेशों के मध्य पाये जाने वाले आर्थिक विकास में क्षेत्रीय भिन्नताओं के निर्धारण का प्रयत्न करता है। यह बहु-कारणात्मक उपागम पर आधारित है जहाँ प्रमुख चरों तथा उनके सम्बन्धों की व्याख्या की जाती है।

प्रसारी प्रभाव का आशय केन्द्र से बाहर की ओर प्रसारित उस गति से है जो अन्य प्रदेशों को आर्थिक विस्तार के रूप में प्राप्त है। जबकि पृष्ठ प्रक्षालन या प्रतिगमन प्रभाव का आशय सम्पन्न प्रदेशों से उत्पन्न होने वाली उन शक्तियों से है जो अभावग्रस्त पिछड़े क्षेत्रों में विकास को हतोत्साहित करती हैं।

इस प्रकार अग्रगामी और पश्चगामी अनुबंध, आकर्षण और अपकर्षण कारक तथा संतुलित और असंतुलित वृद्धि, वृत्तीय संचयी कारणत्व के सिद्धान्त को वर्णित नहीं करता है।

65. स्थलरूप के ह्रासमान विकास को निर्दिष्ट करने हेतु डब्ल्यू पेंक द्वारा इनमें से किस पद को प्रयुक्त किया गया है ?

Correct Answer: (d) आब्स्तीजिण्डे इण्ट्विकलुंग
Solution:

स्थलरूप के ह्रासमान विकास को निर्दिष्ट करने हेतु डब्ल्यू, पेंक द्वारा 'आब्स्तीजिण्डे-इण्टिकलुंग पद को प्रयुक्त किया गया है। 2 कें ने, अवस्था के स्थान पर 'इण्ट्विकलुंग' नामावली का प्रयोग किया है

जिसका तात्पर्य होता है विकास । इस तरह पॅक ने तरुण, प्रौढ़ तथा जीर्ण अवस्थाओं के स्थान पर क्रमशः आफस्तीजिण्डे इण्टिवकलुंग (बढ़ती दर से विकास), ग्लीखफार्मिंग इण्टिकलुंग (समान दर से विकास) एवं अब्स्तीजिण्डे इण्ट्विकलुंग (घटती - दर से विकास) नामावली का प्रयोग किया है।

अब्स्तीजिण्डे की अवस्था में पार्श्विक अपरदन लम्बवत या निम्नवर्ती अपरदन की तुलना मे बहुत अधिक होता है, अतः घाटी के गहरा होने की तुलना में घाटी के चौड़ा होने की प्रक्रिया अधिक सक्रिय होती है।

66. निम्नलिखित में से किस एक वाताग्र में धरातल से गर्म वायु पूर्ण रूप से विस्थापित हो जाती है ?

Correct Answer: (a) अवरुद्ध वाताग्र
Solution:

'अवरुद्ध वाताय' में धरातल से गर्म वायु पूर्ण रूप से विस्थापित होती है। प्रायः शीत वाताग्र उष्ण वाताग्र की तुलना में अधिक तेजी से आगे बढ़ता है। इस प्रकार तीव्र गति से आगे बढ़ता हुआ शीत वाताय जब उष्ण वाताग्र तक पहुंच कर उससे मिल जाता है,

तब अवरुद्ध वाताग्र का निर्माण होता है। शीत वाताय में भारी वायु राशि आक्रामक होती है तथा गर्म एवं हल्की वायु को तेजी से ऊपर उठा देती है। जबकि उष्ण वातात्र में उष्ण व हल्की वायु राशि आक्रामक होकर ठंडी व भारी वायु राशि के ऊपर चढ़ती है,

इस प्रकार शीत एवं उष्ण वाताओं का निर्माण होता है। स्थायी वाताय में दो विपरीत स्वभाव वाली वायु राशियां एक-दूसरे के समानान्तर हो जाती है एवं उष्ण वायु ऊपर की ओर नहीं उठ पाती है तो स्थायी वातान का निर्माण होता है।

67. निम्नलिखित में से किस लेखक ने पर्यटन क्षेत्र के जीवन चक्र (TALC)' के मॉडल से, पर्यटन में विकास और समय के साथ एक प्रदेश में आने वाले परिवर्तनों को प्रस्तुत किया है ?

Correct Answer: (b) रिचर्ड बटलर, 1980
Solution:

रिचर्ड बटलर ने 1980 में 'पर्यटन क्षेत्र के जीवन चक्र (TALC) के मॉडल से पर्यटन में विकास और समय के साथ एक प्रदेश में आने वाले परिवर्तनों को प्रस्तुत किया है। इस मॉडल से पता चलता है कि एक पर्यटन क्षेत्र 6 अनुमानित विभिन्न चरणों के माध्यम से विकसित होता है,

अर्थात अन्वेषण, भागीदारी, विकास, समेकन ठहराव और गिरावट या कायाकल्प । जीवन चक्र के प्रत्येक चरण में गंतव्य लेखक द्वारा परिभाषित परिवर्तनों की एक श्रृंखला से गुजरता है।

68. निम्नलिखित में से सही कथन को पहचानिए:

Correct Answer: (b) विक्षेपी पवन समदाब रेखाओं के समांतर प्रवाहित होती है।
Solution:

भूविक्षेपी पवन समदाब रेखाओं के सामांतर प्रवाहित होती है। पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन पवनों की दिशा को प्रभावित करता है। कोरियॉलिस प्रभाव से पवनें उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी दिशा से दाहिने तरफ व दक्षिणी गोलार्द्ध में बाईं तरफ विक्षेपित हो जाती हैं।

कोरियॉलिस बल अक्षांशों के कोण के सीधा समानुपात में बढ़ता है। यह ध्रुवों पर सर्वाधिक और विषुवत वृत्त पर अनुपस्थित होता है। कोरियॉलिस बल दाब प्रवणता के समकोण पर कार्य करता है। दाब प्रवणता बल समदाब रेखाओं के समकोण पर होता है।

जितनी दाब प्रवणता अधिक होगी, पवनों का वेग उतना ही अधिक होगा और पवनों की दिशा उतनी ही अधिक विक्षेपित होगी। घर्षण बल पवनों की गति को प्रभावित करता है। धरातल पर घर्षण सर्वाधिक होता है और इसका प्रभाव प्रायः धरातल से 1 से 3 किमी. ऊँचाई तक होता है।

जब समदाब रेखाएँ सीधी हो और घर्षण का प्रभाव न हो, तो दाब प्रवणता बल कोरियॉलिस बल से सन्तुलित हो जाता है और फलस्वरूप पवने समदाब रेखाओं के समांतर बहती है।

69. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-Iसूची-II
(A) वान थ्यूनन(I) केंद्रीय स्थल सिद्धांत
(B) ऑगस्ट लॉश(II) कृषि अवस्थिति
(C) डोई(III) औद्योगिक अवस्थिति सिद्धांत
(D) क्रिस्टालर(IV) फसल संयोजन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A)-(II), (B)-(III), (C)-(IV), (D)-(I)
Solution:

सही सुमेलित सूची इस प्रकार है-

क्रमविद्वान (सूची-I)सिद्धांत (सूची-II)
1वान थ्यूननकृषि अवस्थिति
2ऑगस्ट लॉशऔद्योगिक अवस्थिति सिद्धांत
3डोईफसल संयोजन
4क्रिस्टालरकेंद्रीय स्थल सिद्धांत

इस प्रकार विकल्प (c) सही सुमेलित है।

70. विल्सन चक्र का उचित क्रम है-

(A) महाद्वीपीय फटन और निष्क्रिय सीमान्तों वाली चौड़ी महासागरीय बेसिन का निर्माण
(B) द्वीपीय चाप और महाद्वीपीय चाप ओरोजन का निर्माण
(C) महासागरीय लिथोस्फियर विभंग और नई क्षेपणसीमाओं का आकार ग्रहण करना
(D) प्लेट विपरीत दिशा में गतिशील और महासागरीय बेसिन बन्द होने लगता है।
(E) महाद्वीपीय सीवन (सुचुर) का निर्माण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) (A), (D), (C), (B), (E)
Solution:

विल्सन चक्र का उचित क्रम निम्न प्रकार है- महाद्वीपीय फटन और निष्क्रिय सीमान्तों वाली चौड़ी महासागरीय बेसिन का निर्माण, होना तत्पश्चात प्लेट विपरीत दिशा में गतिशील और महासागरीय बेसिन बन्द होने लगता है।

इसके बाद महासागरीय लिथोस्फियर चाप विभंग का निर्माण होने लगता है। तथा द्वीपीय चाप और महाद्वीपीय चाप ओरोजन का निर्माण होता है और अन्त में महाद्वीपाय सीवन (सुचुर) का निर्माण होता है।

'विल्सन चक्र' एक ऐसा मॉडल है जो महाद्वीपों के संयोजन और वियोजन के दौरान महासागरीय घाटियों के खुलने और बंद होने तथा विवर्तनिक प्लेटों के उप-विभाजन और अपसरण का वर्णन करता है। विल्सन चक्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण अटलांटिक महासागर का खुलना और बंद होना है।