Solution:एक प्वाईंट आंकड़ा आयाम रहित होता है। भू-स्थानिक डाटा को दो प्रमुख प्रकारों में प्रदर्शित कर सकते है वेक्टर व रास्टर ।
वेक्टर डाटा- यह बिन्दु, रेखा, बहुभुज के रूप में प्रतीकित भौगोलिक डाटा का प्रतिनिधित्व करता है।
प्वाइंट डाटा - बिंदु डाटा का उपयोग असतत डाटा बिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है। बिंदुओं का आयाम शून्य होता है इसलिए इससे लम्बाई, क्षेत्रफल की माप नहीं कर सकते है।
पृथक पृथक बसाव स्थितियों को किसी बिंदु चिन्ह द्वारा X एवं Y निर्देशांक की सहायता से अंकित किया जाता है। उदाहरण कुओं व नलकूपों का वर्णन, अधिवासों की स्थिति, नगर क्षेत्र
रेखीय डाटा - रेखीय तत्व धरातलीय रेखीय आकृतियों को स्पष्ट करते है। ये एक आगामी डाटा होता है तथा इनको एक से अधिक निर्देशांको के जोड़ों की सहायता से प्रदर्शित किया जाता है।
बहुभुज डाटा - बहुभुज क्षेत्रीय आकृतियाँ वह है,जो समान विशेषताओं वाले क्षेत्रों की सीमाओं से घिरी होती है। उदाहरण झील, बाढ़ का मैदान, नगर क्षेत्र इत्यादि । ये दो आयामी है इसलिए इसका उपयोग भौगोलिक विशेषता के क्षेत्र व परिधि मापने हेतु करते है|
रास्टर डाटा - यह एक सरल व साधारण आंकड़ा संरचना है। इसमें सुदूर संवेदन आंकड़ों के साथ मानचित्र, आकड़ो का एकीकरण एवं प्रतिस्थापन करना आसान होता है।