यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2021 जून 2022 भूगोल

Total Questions: 100

81. ऋण सेवा अनुपात क्या है?

Correct Answer: (a) यह किसी देश के निर्यात अंश है, जिसका उसकी ऋण भुगतान उपयोग होता है।
Solution:

ऋण सेवा अनुपात यह किसी देश के निर्यात आय का वह अंश है, जिसका ऋण भुगतान की पूर्ति में उपयोग होता है। ऋण सेवा अनुपात किसी देश द्वारा किए गए या देए ऋण चुकौती भुगतानों का उस देश की निर्यात आय से अनुपात है। यह एक वर्ष के दौरान ऋण चुकौती का अनुपात, उस वर्ष हेतु निर्यात के प्रतिशत के रूप में व्यक्ति किया जाता है। इस अनुपात को देश के कर्ज बोझ का प्रमुख संकेतक माना जाता है।

82. हवाई छाया चित्र के निर्वचन में स्थान, स्थिति और साहचर्य तत्व किस क्रम में आते हैं ?

Correct Answer: (d) उच्चतर
Solution:

हवाई छाया चित्र के निर्वचन में स्थान, स्थिति और साहचर्य तत्त्व उच्चतर क्रम में आते है। हवाई फोटोचित्र की व्याख्या के निम्नांकित तत्त्व है- स्थान, आकार, आकृति, छाया, गठन, प्रतिरूप, गमनमार्ग, स्थिति, साइट इत्यादि ।
स्थान-निर्देशांक के रूप में सटीक स्थान प्राप्त करने के लिए दो प्राथमिक विधियाँ है-
1. पारंपरिक सर्वेक्षण तकनीकों या GIS उपकरणों का प्रयोग करके सर्वेक्षण
2. वस्तु का दूर से संवेदित डाटा एकत्र करना, छवि सुधारना और फिर जानकारी निकालना
स्थति - फोटोचित्र में अंकित कुछ आकृतियों को बसाव स्थिति के आधार पर पहचाना जा सकता है। साइट मे अद्वितीय भौतिक विशेषताएँ है जिसमें ऊँचाई, ढलान और सतह के प्रकार शामिल है जैसे-घास, जंगल, पानी।

83. जनसांख्यिकीय संक्रमण निदर्श में निम्नलिखित में से कौन सा चरण उच्च एवं स्थिर जन्म दर के साथ-साथ उच्च एवं घटती बढ़ती मृत्यु दर की स्थिति का वर्णन करता है?

Correct Answer: (c) उच्च स्थिर चरण
Solution:

जनसांख्यिकीय संक्रमण निदर्श में उच्च स्थिर चरण 'उच्च एवं स्थिर जन्मदर के साथ-साथ उच्च एवं घटती बढ़ती मृत्युदर की स्थित का वर्णन करता है।

जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धान्त का थाम्पसन ने 1929 में तथा नोटेस्टीन ने सन् 1945 में किया था। नोटेस्टीन और थाम्पसन ने इस सिद्धान्त की 3 अवस्थाएँ माना जबकि कार्ल साक्स और ट्रिवार्था ने 4 अवस्था तथा ब्लैकर व पीटर काक्स ने 5 अवस्थाए माना है।

जन्मदर तथा मृत्युदर के पारस्परिक परिवर्तनशील सम्बंधों उत्पन्न प्रतिरूपों के अनुसार जनसांख्यिकीय संक्रमण भी अवस्थाएँ मान्य है। -

1. उच्च स्थायी अवस्था (High Stationary Stage) - यह जनसांख्यिकीय संक्रमण की प्रथम अवस्था है। जिसमें जन्मदर और मृत्युदर दोनों उच्च होते है तथा अन्तराल कम होने के परिणामस्वरूप जनसंख्या लगभग स्थाई होती है।

2. प्रारम्भिक वर्द्धमान अवस्था (Early Expanding Stage)- यह जनसांख्यिकीय संक्रमण की द्वितीय अवस्था है जिसमें जन्मदर उच्च और लगभग स्थाई रहती है, किन्तु मृत्युदर में ह्रास होने लगता है जिससे कुल जनसंख्या में क्रमशः वृद्धि होती जाती है।

3. उत्तर वर्द्धमान अवस्था (Late Expanding Stage)- यह जनसांख्यिकीय संक्रमण की तृतीय अवस्था में जन्मदर में भी ह्रास होने लगता है और मृत्युदर में तीव्र ह्रास से यह निम्न स्तर तक आ जाती है जिस कारण जनसंख्या वृद्धि पहले से (द्वितीय अवस्था) से कम हो जाती है।

4. निम्न स्थायी अवस्था (Low Stationary Stage) यह जनसांख्यिकीय संक्रमण की चतुर्थ अवस्था है जिसमें जन्मदर और मृत्युदर दोनों निम्न स्तर पर स्थिर हो जाती है। जिससे जनसंख्या वृद्धि लगभग रुक जाती है।

84. निम्नलिखित में से किस का मिलान सही नहीं है?

Correct Answer: (c) कर्ण प्रयाग - भागीरथी+पिंडर
Solution:

दिये गए प्रश्नानुसार विकल्प (c) कर्ण प्रयाग भागीरथी+पिंडर सुमेलित नहीं है। कर्ण प्रयाग - अलकनंदा+ पिंडर है।
सही सुमेलन इस प्रकार है-
देव प्रयाग - भागीरथी अलकनंदा
रूद्र प्रयाग - अलकनंदा-मंदाकिनी
कर्ण प्रयाग - अलकनंदा-पिण्डार
विष्णु प्रयाग - धौलीगंगा-विष्णुगंगा

85. किस व्यक्ति ने जियोपोलिटिक' (भूराजनीति) पद, सर्वप्रथम प्रचलित किया ?

Correct Answer: (b) रूडोल्फ जैलेन
Solution:

जियोपोलिटिक (भूराजनीति) पद का सर्वप्रथम प्रयोग रूडोल्फ जैलेन (Rudolf Kjellen) ने किया। जिसे उन्होंने "भौगोलिक जीव अथवा स्थानिक घटनाक्रम के रूप में राज्य का सिद्धान्त प्रतिपादित किया जो वास्तव में एक भूमि, क्षेत्र, प्रदेश अथवा अधिक विशेषीकृत रूप में एक देश है अथवा क्षेत्र के राजनीतिक जीवों के अध्ययन की रणनीति है।

" इस प्रकार राज्य को एक विधिक हस्ती न मानकर एक प्रतिस्पर्धी शक्ति माना गया।
→ राज्य के जैविक सिद्धान्त का प्रतिपादन फ्रेडरिक रैटजेल ने किया उन्होंने राज्य को एक जैविक इकाई माना है।
→ भू-राजनीति के क्षेत्र में हाओशोफर का विशिष्ट योगदान है। उन्होंने भू-राजनीति पर एक प्रतिष्ठित पत्रिका Zeitschrift for Geopolitik की स्थापना की थी।

86. एम.डी.मॉरिस (1979) ने जीवन की भौतिक गुणवत्ता सूचकांक (पी. क्यू.एल.आई.) के परिकलन के लिए निम्नलिखित में किन तीन घटक संकेतकों का उपयोग किया है ?

Correct Answer: (a) शिशु मृत्यु दर, एक वर्ष की उम्र पर जीवन प्रत्याशा, 15 वर्ष की उम्र पर मूल साक्षरता
Solution:

M.D. मॉरिस (1979) ने जीवन की भौतिक गुणवत्ता सूचकांक (PQLI) के परिकलन हेतु निम्न तीन संकेतकों का प्रयोग किया है-
→ शिशु मृत्यु दर
→ एक वर्ष की उम्र पर जीवन प्रत्याशा
→  15 वर्ष की उम्र पर मूल साक्षरता
PQLI [Physical Quality of life index] को 1970 के दशक के मध्य में अर्थशास्त्री मॉरिस डेविस मॉरिस (1979), मॉरिस एंड मैकलिन 1982, मॉरिस 1996 और यू एस ओवरसीज डेवलपमेंट कांउसिल में उनके सहयोगियों द्वारा विकसित किया गया था। जीवन की भौतिक गुणवत्ता किसी देश के जीवन या कल्याण की गुणवत्ता को मापने का प्रयास है।

87. एक भवन समूह द्वारा रूपित ज्यामितीय आकृति को जाना जाता है :

Correct Answer: (b) प्रतिरूप
Solution:

एक भवन द्वारा रूपित ज्यामितीय आकृति को प्रतिरूप के रूप में जाना जाता है। अधिवासों की बाह्य आकृति ही उसकी भौतिक आकारिकी (Physical Morphology) को प्रकट करती है। इस बाह्य आकृति को सामान्यतः ज्यामितीय अथवा अन्य आकृतियों द्वारा व्यक्त किया जाता है।

मार्गों और गलियों की स्थिति एवं बनावट के द्वारा ही अधिवासों का बाह्य स्वरूप निर्धारित होता है। आकृति व विन्यास को प्रतिरूप कहते है। कोई अधिवास जितनी भूमि को आच्छादित करता है, वह भूमि उस अधिवास का स्थल (site) कहलाती है और उस स्थल के चतुर्दिक व्याप्त समस्त भौतिकसांस्कृतिक दशाएँ स्थिति (situation) के अन्तर्गत आती है।

88. निम्नलिखित में से कौन से संचयी वायुमण्डलीय आपदाएँ हैं ?

(A) टारनैडो आपदा
(B) बाढ़ आपदा
(C) सुनामी आपदा
(D) उष्ण लहर आपदा
(E) भूस्खलन आपदा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A),(B) और (D)
Solution:

संचयी वायुमंडलीय आपदाओ के अन्तर्गत टॉरनेडो, बाढ़ आपदा तथा ऊष्ण लहर आपदा किया जाता शामिल है।
टारनेडो आपदा - ये छलनी की आकृति वाले प्रचंड तूफान होते है, जो अल्प समय के लिए सीमित क्षेत्र में आते हैं। इसके केन्द्र में बहुत कम वायुदाब होता है लेकिन बाह्य तथा केन्द्रीय भाग के मध्य तीव्र वायुदाब प्रवणता के कारण हवाएँ बाह्य से केन्द्र की ओर तीव्र गति से चलती है।

बाढ़ आपदा – बाढ़ तब आती है जब नदी जल-वाहिकाओं में इनकी क्षमता से अधिक जल बहाव होता है और जल बाढ़ के रूप में मैदान के निचले हिस्सों में भर जाता है।

ऊष्ण लहर आपदा - यह असामान्य रूप से उच्च तापमान की वह स्थिति है जिसमें तापमान सामान्य से अधिक रहता है। मार्च से जून के मध्य भारतीय उपमहाद्वीप में चलती है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्र का तापमान 40°C तथा पर्वतीय क्षेत्र का तापमान 30° सेंटीग्रेट हो जाता है तब उसे हीट वेब प्रभावित क्षेत्र कहते है। इसके प्रभाव से हीट स्ट्रोल, फसल सूखना, धरती की आर्द्रता तीव्रता से कम होना, हाइपर थर्मिया इत्यादि होते है।
अतः विकल्प (c) सही है।

89. एक प्वाईंट आंकड़ा है :

Correct Answer: (a) 0D-आयाम रहित
Solution:

एक प्वाईंट आंकड़ा आयाम रहित होता है। भू-स्थानिक डाटा को दो प्रमुख प्रकारों में प्रदर्शित कर सकते है वेक्टर व रास्टर ।

वेक्टर डाटा- यह बिन्दु, रेखा, बहुभुज के रूप में प्रतीकित भौगोलिक डाटा का प्रतिनिधित्व करता है।

प्वाइंट डाटा - बिंदु डाटा का उपयोग असतत डाटा बिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है। बिंदुओं का आयाम शून्य होता है इसलिए इससे लम्बाई, क्षेत्रफल की माप नहीं कर सकते है।
पृथक पृथक बसाव स्थितियों को किसी बिंदु चिन्ह द्वारा X एवं Y निर्देशांक की सहायता से अंकित किया जाता है। उदाहरण कुओं व नलकूपों का वर्णन, अधिवासों की स्थिति, नगर क्षेत्र

रेखीय डाटा - रेखीय तत्व धरातलीय रेखीय आकृतियों को स्पष्ट करते है। ये एक आगामी डाटा होता है तथा इनको एक से अधिक निर्देशांको के जोड़ों की सहायता से प्रदर्शित किया जाता है।

बहुभुज डाटा - बहुभुज क्षेत्रीय आकृतियाँ वह है,जो समान विशेषताओं वाले क्षेत्रों की सीमाओं से घिरी होती है। उदाहरण झील, बाढ़ का मैदान, नगर क्षेत्र इत्यादि । ये दो आयामी है इसलिए इसका उपयोग भौगोलिक विशेषता के क्षेत्र व परिधि मापने हेतु करते है|

रास्टर डाटा - यह एक सरल व साधारण आंकड़ा संरचना है। इसमें सुदूर संवेदन आंकड़ों के साथ मानचित्र, आकड़ो का एकीकरण एवं प्रतिस्थापन करना आसान होता है।

90. निम्नलिखित में से कौन सा कथन वेबर के औद्योगिक अवस्थिति सिद्धांत के बारे में गलत है?

(A) वेबर ने उद्योग के कहाँ अवस्थित होने के बारे में निर्धारित करने के लिए स्थानीकृत सामग्री के भार और उत्पाद के भार मध्य अनुपात का परिकलन किया था।
(B) उन्होंने इसको सामग्री सूचकांक के रूप में निर्दिष्ट किया।
(C)  यदि सूचकांक एक (1) से कम है, तो अवस्थिति उपभोग केंद्र उन्मुखी होती है
(D)  यदि सूचकांक एक (1) से अधिक है, तो अवस्थिति सामग्री उन्मुखी होती है
(E) यदि सूचकांक एक (1) से अधिक है, तो अवस्थिति उपभोग केन्द्र उन्मुखी होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल (E)
Solution:

दिये गए प्रश्नानुसार वेबर के औद्योगिक अवस्थिति सिद्धान्त के सम्बंध में विकल्प (d) असत्यं है। यदि सूचकांक एक से अधिक है तो अवस्थिति सामग्री उन्मुखी होता है। बेबर ने उद्योगों के अवस्थित होने या निर्धारित करने के लिए स्थानीकृत सामग्री के भार और उत्पाद के भार के मध्य अनुपात का परिकलन किया था।

उन्होने इसे सामग्री पदार्थ सूचकांक के रूप में निर्दिष्ट किया। इसेनिम्न सूत्र द्वारा प्रस्तुत किया जाता है-
सामग्री सूचकांक = (उत्पादित वस्तु का भार/स्थानीय पदार्थ का भार)
यदि सूचकांक 1 में कम है, तो अवस्थिति उपभोग केन्द्र उन्मुखी होती है।
यदि सूचकांक 1 से अधिक है, तो अवस्थिति सामग्री उन्मुखीहोती है।

अतः स्थानीय पदार्थ की तुलना में उत्पादित वस्तु का भार बढ़ने वाले उद्योगो में यह पदार्थ सूचकांक एक से अधिक, समान भार वाले उद्योगो में एक तथा भार असमान पदार्थो का प्रयोग करने वाले प्रयोगों में इसका मूल्य एक से कम होता है।