Solution:मैकैन्जी, पार्कर और मोर्गन ने स्वतंत्र रूप से उपलब्ध विचारों को समन्वित कर 1967 में 'प्लेट विवर्तनिकी की अवधारणा' को प्रस्तुत किया। यह सिद्धांत इस बात पर बल देता है कि पृथ्वी का धरातल एवं भूगर्भ दोनों ही स्थिर न होकर गतिमान है।
इसी आधार पर प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत भूतल पर व्याप्त स्थलाकृतिक लक्षणों (पर्वत, पठार, घाटी आदि) के निर्माण की व्याख्या करता है। अतः कथन -A सत्य है। मध्य महासागरीय कटक का निर्माण अपसारी सीमा पर होता है, जहां सामान्यतः अभिसारी प्लेटों की अपेक्षा कम भूकंपीय घटनाएं होती हैं।
अतः कथन-B गलत है। रेडियों सक्रियताजन्य उष्मा प्लेट विवर्तनिक के पीछे निहित बल है, क्योंकि इसके माध्यम से ही भूगर्भ में उष्ण पदार्थ का निर्माण होता है, जिससे संवहन प्रवाह उत्पन्न होता है और प्लेटों का संचरण होता है।
अतः कथन-C सत्य है। वलन की प्रक्रिया में भूगर्भिक शक्तियों के कारण चट्टानें वलित हो जाती हैं तथा शैल खंडित तल के साथ गति नहीं करती, अतः कथन-D गलत है।