यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 भूगोल (Shift-I)

Total Questions: 100

51. भारत में यातायात और अवसंरचना से संबंधित निम्न कथनों का अवलोकन करें।

(A) भारत के संपूर्ण सड़क नेटवर्क में राष्ट्रीय राजमार्गो का हिस्सा 2% से भी कम है।
(B) बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने दुर्गम क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल और हवाई अड्डों की इमारतों जैसी बुनियादी सुविधा के निर्माण के लिए भी परियोजनाएँ शुरू की हैं।
(C) भारतीय रेल को संचालन और प्रबंधन के लिए 16 जोन में विभाजित किया गया है।
(D) एच बी जे (हजीरा बिजयपुर - जगदीशपुर) पाइपलाइन का निर्माण कच्चे पेट्रोलियम शोधन के लिए उसकी आपूर्ति भारत महाद्वीपीय भागों में करने के लिए किया गया है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B, C,
Solution:

भारत में सम्पूर्ण सड़क नेटवर्क 63,71,847 कि.मी. है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग केवल 2% ही हैं। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क वाला देश है। बी.आर.ओ. (सीमा सड़क संगठन) द्वारा दुर्गम क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल, हवाई अड्डों की इमारतों तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए भी परियोजनाएँ शुरू की गईं।

सीमा सड़क संगठन की स्थापना मई, 1960 ई. में की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण को बढ़ाना था। भारतीय रेल को संचालन और प्रबंधन के लिए 18 क्षेत्रों में विभाजित किया गया। एच. बी. जे. (हजीरा-बिजयपुर-जगदीशपुर) पाइपलाइन का निर्माण पश्चिमी तटीय तेल क्षेत्रों से किया गया।

प्राकृतिक गैस का देश के आन्तरिक भागों तक परिवहन करने के लिए किया गया। यह विश्व की सबसे लम्बी गैस पाइप योजना है जिसकी कुल लम्बाई 4222 किमी. है।
नोट :- अतः कथन (c) सही नहीं है, लेकिन आयोग द्वारा इसे सही मानते हुए, विकल्प (a) को सही माना गया है।

52. निम्न में से कौन-से कथन सही है?

(A) रेड्डी तमिलनाडु की प्रभुत्वशाली प्रमुख भूस्वामी जाति है।
(B) हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जाट भूमिहीन जाति है।
(C) कुर्मी पूर्वी भारत की कृषि व्यवसायी (कृषक) जाति है।
(D) पटेल पश्चिमी भारत की भूस्वामी जाति है।
(E) नांबुदरी केरल के ब्राह्मण हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल C, D, E
Solution:

रेड्डी आन्ध्र प्रदेश तथा तेलंगाना राज्य की प्रभुत्वशाली/प्रमुख भूस्वामी जाति है। यह सामाजिक रूप से अग्रणी जाति से आते हैं। इनका प्रभाव राजनैतिक रूप से भी दिखाई देता है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जाट भूमिहीन जाति न होकर भूस्वामी जाति है, इनके पास हरियाणा के अतिरिक्त पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े-बड़े जोत वाले खेत पाये जाते हैं।

कुर्मी पूर्वी भारत की कृषि व्यवसायी (कृषक) जाति है। यह अधिकांशतः साग-सब्जियों की खेती करते है। पटेल पश्चिम भारत की भूस्वामी जाति है। यह कृषक तथा व्यवसायिक प्रधान जाति है। नांबुदरी केरल के ब्राह्मण जाति है। इसके अत्यधिक रूढ़िवादी सदस्य स्वय को प्राचीन वैदिक धर्म तथा परंपरागत हिंदू पद्धति का सच्चा वाहक मानते हैं।

53. भौगोलिक चिंतन में चीन के योगदान के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) चीन के विद्वानों ने आयताकार निर्देशांक प्रणाली के आधार पर मानचित्रकला की वैज्ञानिक विधि को सबसे पहले विकसित किया।
(B) उन्होंने मानसून की आवधिक प्रकृति का विचार सबसे पहले प्रस्तुत किया।
(C)  उन्होंने पता लगाया कि अफ्रीका त्रिभुजाकार है जिसका शीर्ष दक्षिण की और है जबकि समकालीन मानचित्रों में इसका शीर्ष सदैव पूर्व की ओर दर्शाया गया था।
(D) उनका मत था कि 'भूगोल का संबंध अलगअलग पौधों से नहीं बल्कि पौधों और जीवों के आवरण से है।'
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A और C
Solution:

चीन के विद्वान 'चांग हेंग' तथा 'केई हिस्यू' ने आयताकार निर्देशांक प्रणाली के आधार पर मानचित्रकला की वैज्ञानिक विधि को सबसे पहले विकसित किया। चौदहवीं शताब्दी में चू. सू. पेन ने 1311 और 1320 ई.के मध्य चीन का मानचित्र तैयार किया था

जो मंगोलों द्वारा एशिया के एकीकरण से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित था। इन्होंने पता लगाया कि अफ्रीका त्रिभुजकार है जिसका शीर्ष दक्षिण की ओर है

जबकि समकालीन (यूरोपियों तथा अरबो) मानचित्रों मे इसका शीर्ष सदैव पूर्व की ओर दर्शाया गया था। चीन में विकसित मानचित्र का खगोलशास्त्र से घनिष्ट सम्बंध था। चीनी भूगोलवेत्ताओं ने कागज बनाने के साथ-साथ चुम्बकीय सुई (दिक्सूचक) तथा कुछ सर्वेक्षण यंत्र का अविष्कार कर लिया था।

चंग हेग नामक विद्वान ने विश्व के प्रथम 'भूकम्प सूचक यंत्र' का आविष्कार किया था। इन्होंने वृत की परिधि को वृत का 3.16 गुना कहा जिसे बाद में लिउ हुई ने 3.14 बताया।

54. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) नॉलेज प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग (के.पी.ओ.) पंचम सेवाओं के अंतर्गत आती है।
(B) शोध एवं विकास (आर. एन्ड डी.) गतिविधियाँ और ई-लर्निंग बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बी.पी.ओ.) के उदाहरण हैं।
(C) के.पी.ओ. से भिन्न है क्योंकि इसमें उच्च कौशल प्राप्त श्रमिक सम्मिलित होते हैं।
(D) सस्ते और कौशलपूर्ण श्रमिकों की उपलब्धता के कारण भारत जैसे देश में आउटसोर्सिंग आ रही है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A और D
Solution:

पंचम सेवाओं की नवीन प्रवृत्तियों में नॉलेज प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग (के.पी.ओ.) है, जो आउटसोर्सिंग के विकल्प है। नॉलेज प्रोसेसिंग आउटसासेर्सिंग (के.पी.ओ.) उद्योग बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बी.पी.ओ.) से भिन्न है क्योकि इसमें उच्च कुशलकर्मी सम्मिलित होते है।

यह सूचना प्रेरित ज्ञान का आउटसोर्स है। के.पी.ओ. कंपनियों को अतिरिक्त व्यावसायिक अवसरों को उत्पन्न करने में सक्षम बनाता है। नॉलेज प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग उदाहरणों में अनुसंधान और विकास क्रियाएँ, ई. लर्निंग, व्यवसाय, अनुसंधान, बौद्धिक सम्पदा, अनुसंधान, कानूनी व्यवसाय और बैंकिंग सेक्टर इत्यादि को सम्मिलित किया जाता है।

भारत चीन, पूर्वी यूरोप, इजराइल और फिलीपींस जैसे देश में सस्ते और कौशल पूर्ण श्रमिकों की उपलब्धता के कारण आउटसोर्सिंग आ रही है।

55. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के कुल मूल्य को व्यापार का परिमाण माना जाता है।
(B)  व्यापार के परिमाण में केवल वस्तुओं का व्यापार सम्मिलित है।
(C) भारत आसियान (ए.एस.ई.ए.एन.) का संस्थापक सदस्य है।
(D) लागत की दृष्टि से नहीं, वरन भिन्न-भिन्न कारणों से अलग अलग कीमत पर किसी वस्तु को दो देशों में विक्रय करने की प्रथा को डम्प करना कहा जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A और D
Solution:

व्यापार की गई वस्तुओं का वास्तविक तौल परिमाण कहलाता है। हालांकि व्यापारिक सेवाओं को तौल में नहीं मापा जा सकता है। इसलिए व्यापार की गई वस्तुओं तथा सेवाओं के कुल मूल्य को व्यापार के परिमाण के रूप में म जाना जाता है।

लागत की दृष्टि से नहीं वरन् भिन्न-भिन्न कारणों से अलग-अलग कीमत की किसी वस्तु को दो देशों में विक्रय करने की प्रथा डंप करनी कहलाती है। भारत आसियान (ASEAN) का संस्थापक सदस्य नहीं है। आसियान समूह की स्थापना अगस्त, 1967 ई.में हुई थी, इसका मुख्यालय जकार्ता इंडोनेशिया में है।

इनके सदस्य राष्ट्रों में ब्रुनेई, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैण्ड तथा वियतनाम इत्यादि शामिल है। इस समूह के प्रमुख कार्यक्षेत्र आर्थिक वृद्धि को त्वरित करना, संस्कृतिक विकास, शांति और प्रादेशिक स्थायित्व स्थापित करना है|

56. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) जीवाश्म ईंधन और परमाणु ईंधन ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोत हैं।
(B) नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत मुख्यतः प्रकृति की शक्तियाँ हैं, जो संधारणीय हैं और आमतौर पर भारी पर्यावरणीय प्रदूषण पैदा करती हैं।
(C) ऊर्जा का उपयोग मानव प्रवृत्त जलवायु परिवर्तन में एक प्रमुख योगदानकर्ता है।
(D) शक्ति संयंत्रों से ग्रीनहाउस गैसों का शून्य उत्सर्जन होता है।
(E) ऊर्जा के विभिन्न प्रकारों की सापेक्षिक कीमतें मांग को प्रभावित नहीं करती।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, C और D
Solution:

जीवाश्म ईंधन और परमाणु ईंधन ऊर्जा के अनवीकरणीय स्त्रोत है। जीवाश्म ईंधनों के बढ़ते उपयोग से ऊर्जा के परंपरागत स्त्रोत का अभाव हो रहा है।

ऐसा अनुमान किया जा रहा है। कि यदि वर्तमान दर से इनका उपयोग लगातार होता रहा तो इन ईंधनों के भण्डार समाप्त हो जायेगा तथा इनका उपयोग पर्यावरणीय प्रदूषण भी पैदा करता है।

इसलिए गैर-परंपरागत स्त्रोत जैसे-सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा इत्यादि नवीकरणीय ऊर्जा का स्त्रोत जो मुख्यतः प्राकृतिक तथा संधारणीय है, के उपयोग की आवश्यकता है। ऊर्जा का उपयोग मानव-प्रवृत्त जलवायु परिवर्तन में एक प्रमुख योगदानकर्ता है।

क्योंकि इनसे निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसें ग्लोबल वार्मिंग में वृद्धि करती है। परमाणु शक्ति संयंत्रों से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बहुत ही कम (शून्य) होता है तथा ऊर्जा के विभिन्न प्रकारों की सापेक्षिक कीमतें माँग को प्रभावित करती है।

57. वॉन थ्यूनेन के कृषि अवस्थिति सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन से कथन सही नहीं हैं?

(A) उनके विचार वीवर की आर्थिक लगान की अवधारणा पर आधारित हैं।
(B) संकेंद्रीय भूमि उपयोग खण्डों में नौसंचालनीय नदी या सिंचाई की सुविधाओं का कोई प्रभाव नहीं होता है।
(C) वास्तविक जीवन में किसान सदैव आर्थिक और तर्कसंगत दृष्टिकोण से निर्णय करते हैं|
(D) ईंधन लकड़ी और टिंबर लकड़ी के उत्पादन क्षेत्र वैधता खो चुके हैं।
(E) एशिया में समरूपी तल सार्वभौमिक हैं।
नीच दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल / A, B, C और E
Solution:

वॉन थ्यूनेन ने कृषि अवस्थिति सिद्धांत 1826 ई. में प्रतिपादित किया जो तुलनात्मक लाभ पर आधारित था। इनके अनुसार बाजार से दूरी बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक लगान (Economic rent) में ह्रास होता जाता है, जिससे भूमि उपयोग में अन्तर आता है तथा शुद्ध लाभ में भी अन्तर आता है।

जिसके परिणामस्वरूप भूमि उपयोग या शस्य स्वरूप में परिवर्तन आता है। वॉन थ्यूनेन मॉडल के अनुसार विलग प्रदेश में केन्द्रीय नगर के चारों ओर कृषि भूमि उपयोग की विभिन्न संकेन्द्रीय पेटियां पायी जाती है। जिनका क्रम नगर से बाहर की ओर निम्नवत् पाया जाता है-
प्रथम पेटी शाक, सब्जी उत्पादन, फल एव दुध (शीघ्र नष्ट होने वाले)
द्वितीय पेटी - ईंधन की लकड़ी (भारी होने के कारण परिवहन लागत अधिक तथा बाजार के निकट लाभप्रद)
तृतीय पेटी - अन्न उत्पादन (परती रहित गहन कृषि)
चतुर्थ पेटी - अन्न उत्पादन (परती भूमि के साथ)
पंचम पेटी - त्रिक्षेत्र पद्धति (परती और चारागाह की अधिकता तथा कुछ भाग पर अन्न की खेती) षष्टम पेटी पशुचारण वॉन ध्यूनेन के विचार वीवर के आर्थिक लगान के अवधारणा पर आधारित नहीं है। नोंगम्य नदी द्वारा परिवहन विकसित होने पर फसलों का उत्पादन संकेन्द्रीय वृत खण्डों में न होकर नदी के दोनों ओर समानान्तर खण्डों के रूप में होगा। ईंधन लकड़ी और टिंबर लकड़ी के उत्पादन वर्तमान में वैधता नहीं रखते है क्योंकि प्राकृतिक गैस से जलाऊ लकड़ी में कमी आयी है। एशिया में समरुपी तल सार्वभौमिक नहीं है क्योंकि एशिया में स्थलाकृतिक विविधता एवं मृदा में स्थानिक भिन्नता पाई जाती है।

58. मानव प्रकृति की अंतःक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर ध्यान दें।

(A) हिमालयी प्रदेश में चीड़ (पाईन) के वृक्षों में वनअग्नि की अधिक संभावना होती है।
(B) विविध फसलों से एकल फसल (एक फसली) की और फसल प्रतिरूप में परिवर्तन से भारत में खाद्य सुरक्षा को खतरा है।
(C) मलिन बस्तियों में निवास केवल महानगरों से संबंधित है।
(D) रबी और खरीफ की ऋतुओं में गेहूँ और चावल की वैकल्पिक खेती से भूमि में नाइट्रोजन का क्षरण होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, B और D
Solution:

हिमालयी प्रदेश में पाये जाने वाले चीड़ नुकीली पत्ती वाला सदाबहार वृक्ष है, जिसकी ऊँचाई 1200 से 2100 मीटर तक पायी जाती है, जो कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखण्ड के उत्तरी भाग में पाया जाता है। इस वृक्ष की ऊँचाई 18 से 20 मीटर होती है।

चीड के वृक्षों में वनाग्नि की अधिक सम्भावना होती है, इनकी पत्तियों की रगड़ से जंगलों में आग लग जाती है। इसकी लकड़ियाँ मध्यम कठोर प्रकार की होती हैं जिसे चाय की पेटियों, फर्नीचर तथा माचिस उद्योग में प्रयुक्त किया जाता है।

रबी और खरीफ की ऋतुओं में गेहूँ और चावल की वैकल्पिक (क्रमशः) खेती से भूमि में नाइट्रोजन का क्षरण होता है क्योंकि दोनों ही फसल नाइट्रोजन का स्थिरीकरण नहीं करता है। विविध फसलों में एकल फसल (एक 'फसली) और फसल प्रतिरूप में परिवर्तन से भारत में खाद्य सुरक्षा को खतरा हो जायेगा।

59. निम्नलिखित वाक्यों पर विचार कीजिए जो अवसंरचना, साक्षरता और भारत के प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित हैं।

(A) रावी नदियों के संगम पर हरिके बैराज से निकलती है|
(B) प्रभावी (सफल) साक्षरता दर की गणना 5 वर्ष और अधिक आयु की कुल आबादी में से साक्षरों की संख्या से की जाती है।
(C) 1973 में 9 बाघों के संरक्षित अभयारण्य से किया गया था जो 2018 में बाघों के 50 संरक्षित अभयारण्य तक पहुँच गया है।
(D) गुजरात भारत में दूसरा सबसे बड़ा मैग्रोव वन रखता हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल C और D
Solution:

इंदिरा गाँधी नहर सतलज और व्यास नदियों के संगम पर स्थित हरिके बैराज से निकलती है। यह नहर परियोजना विश्व की विशालतम सिंचाई परियोजना है जिससे राजस्थान के शुष्क और अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नया रूप दिया जा रहा है।

प्रभावी साक्षरता दर की गणना 7 वर्ष और अधिक आयु की कुल आबादी में से साक्षरों की संख्या से की जाती है। बाघ परियोजना का आरम्भ 7 अप्रैल, 1973 में 9 बाघों के संरक्षित अभयारण्य से किया गया था जो 2018 में बाघों के 50 संरक्षित अभयारण्य तक पहुंच गया लेकिन वर्तमान में 53वाँ बाघ अभयारण्य गुरू घासीदास नेशनल पार्क को घोषित किया गया है।

गुजरात (1175 वर्ग किमी.) भारत में दूसरा सबसे बड़ा मैग्रोव वन आच्छादित क्षेत्र है। सर्वाधिक मैंग्रौव वन क्षेत्र आच्छादित राज्य क्रमशः प.बंगाल, गुजरात, 'अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश तथा महाराष्ट्र इत्यादि है।

60. निम्नलिखित में से किन खाइयों की गहराई 10,000 मीटर से कम है?

(A) क्यूराइल खाई
(B) प्यूटोरिको खाई
(C) जावा खाई
(D) टोन्या खाई
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल B और C
Solution:

प्योटों रिको और जावा खाई की गहराई 10000 मीटर से कम पायी जाती है। महासागरीय गर्त महासागरों के सबसे गहरे भाग होते है, जो महासागरीय नितल के लगभग 7% भाग पर फैला हुआ है।
इनके ढाल खड़े होते है। इनकी स्थिति प्रायः तट के सहारे पर्वतीय मेखलाओं के सामने एवं द्वीपों के सहारे भी पाये जाते है। विश्व के प्रमुख गर्त निम्न लिखित है |

गर्त का नामस्थितिगहराई (मी. में)
चैलेंजर (मेरियाना)उ. प्रशान्त महासागर11,022
टोंगामध्य द. प्रशान्त महासागर10,882
स्वायरउ. प. प्रशान्त महासागर10,475
प्यूटो रिकोपश्चिमी द्वीप समूह8,385
रोमशेद. आन्ध्र महासागर7,631
जावा (सुण्डा)पूर्वी हिन्द महासागर7,450