यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 भूगोल (Shift-I)

Total Questions: 100

61. महासागरों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही नहीं हैं?

(A) विगत कुछ दशकों से महासागर कम अम्लीय बन गए हैं।
(B) पिछली शताब्दी के दौरान समुद्री सतह के तापमान में वृद्धि हुई है।
(C) 1880 से समुद्री जल स्तर में एक इंच के लगभग 6/10 वें भाग की दर से वृद्धि हुई है।
(D) महासागर आगामी वर्षों में कम कार्बन डाई-ऑक्साइड का भंडारण करेंगे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A और D
Solution:

जलवायु परिवर्तन एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है, जो प्राकृतिक एवं मानवीय कारकों द्वारा प्रभावित होती है। औद्योगीकरण से पहले इस प्रक्रिया में मानवीय कारकों की भूमिका कम थी।

औद्योगीकरण, नगरीकरण की प्रक्रिया तथा संसाधनों के तीव्र दोहन से वैश्विक तापन व प्रदूषण के रूप में गम्भीर समस्या सामने आई। है। पिछली शताब्दी के दौरान समुद्री सतह के तापमान में वृद्धि हुई है।

वैश्विक तापन के कारण तापमान में वृद्धि से हिम पिघल रहे है। जिससे 1880 से समुद्री जल स्तर में एक इंच के लगभग 6/10 वे भाग की दर से वृद्धि हुई है।

विगत कुछ दशकों में महासागर अधिक अम्लीय होते जा रहे है तथा महासागर आगमी वर्षों में अधिक कार्बन डाई-ऑक्साइड का भण्डारण करेगा जिससे समुद्र में ऑक्सीजन की कमी होगी, जिससे समुद्री संसाधनों का हास होगा।

62. कोरिऑलिस बल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) कोरिऑलिस बल पृथ्वी के सापेक्ष सभी गतियों में उपस्थित है।
(B) कोरिऑलिस बल भूमध्यरेखा पर अधिकतम व ध्रुवों पर शून्य होता है।
(C) कोरिऑलिस बल की शक्ति गति के वेग के साथ परिवर्तित होती है और अक्षांश के साथ घटती भी है।
(D) कोरिऑलिस बल के कारण हुए विचलन की मात्रा पृथ्वी के घूर्णन, देशांतर और वस्तु के अनुसार भिन्न होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A और C
Solution:

कोरिऑलिस बल पृथ्वी के सापेक्ष सभी गतियों में उपस्थित होती है। पृथ्वी के घूर्णन के कारण पवनें अपनी मूल दिशा से विक्षेपित हो जाती है, इसे कोरिऑलिस बल कहते है। कोरिऑलिस बल के कारण हुए विचलन की मात्रा पृथ्वी के घूर्णन, देशान्तर और वस्तु के अनुसार भिन्न नहीं होती है।

कोरिऑलिस बल का प्रभाव भूमध्यरेखा पर कम तथा ध्रुवों पर अधिकतम होता है। यह वायु के गति को प्रभावित नहीं करता बल्कि उसकी दिशा को प्रभावित करता है। कोरिऑलिस बल के प्रभाव से वायु उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी दाहिनी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अपनी बाई ओर मुड़ जाती है।

इसी विक्षेप को फेरल का नियम भी कहते है। कोरिऑलिस बल की शक्ति गति के वेग के साथ परिवर्तित होती है और अक्षांश के साथ घटती भी जाती है।

63. जलवायु परिवर्तन संबंधी अध्ययनों के लिए निम्नलिखित में से कौन से प्राक्सी आँकड़ों के स्त्रोत हैं?

(A) ऐतिहासिक दस्तावेज (B) समुद्र तलीय अवसाद (C) उपग्रही डेटा (D) जीवाश्मी पराग
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B और D
Solution:

जलवायु परिवर्तन संबंधी प्राक्सी ऑकड़ों के अध्ययनों के लिए जलवायु परोक्षरूप से अतीत की भौतिक विशेषताओं को संरक्षित करती है जो प्रत्यक्ष मौसम संम्बंधी माप के लिए खड़े होते है और वैज्ञानिकों को पृथ्वी के इतिहास के एक लम्बे हिस्से पर जलवायु परिस्थितियों का पुनर्निर्माण करने में सक्षम बनाते है।

जलवायु के विश्वसनीय वैश्विक रिकॉर्ड केवल 1880 के दशक में शुरू हुए, लेकिन रिकॉर्ड कीपिंग शुरू होने से पहले वैज्ञानिकों को जलवायु पैटर्न निर्धारित करने के लिए प्रॉक्सी ही एकमात्र साधन था।

प्राक्सी आँकड़ो के स्त्रोत में ऐतिहासिक दस्तावेज, समुद्र तलीय अवसाद, जीवाश्मी पराग, आइसकोर से स्थिर आइसोटोप माप, पेड़ के छल्ले में वृद्धि, कोरल, बोरहोल का तापमान प्रोफाइल, जल समस्थानिक और तापमान पुनर्निर्माण व स्यूडोप्रांक्सिस शामिल है।

64. भूमंडलीय तापन के प्रभावों के संबंध में निम्न में से कौन से कथन सही हैं?

(A) भूमंडलीय तापन के कारण माना जाता है कि भविष्य में उष्णता लहरों में वृद्धि हो सकती है।
(B) उष्णकटिबंधी चक्रवात अधिक प्रबल होगे।
(C) सूखे से प्रभावित क्षेत्र के घटने की संभावना है।
(D) मॉडल इंगित करते हैं कि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षण और जल प्रवाह (रन ऑफ) होगा।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B और D
Solution:

वैश्विक स्तर पर मानवीय क्रियाकलापों द्वारा विकिरण या ऊष्मा संतुलन में परिवर्तन हो रहा है जो भूमण्डलीय ऊष्मन तथा उससे जनित भूमंडलीय पर्यावरण परिवर्तन के रूप में विश्व के समक्ष समस्या उत्पन्न कर रहा है।

हरितग्रह प्रभाव के कारण वायुमण्डल में लगातार तापमान में वृद्धि हो रही है जिससे भविष्य में उष्णता लहरों में वृद्धि हो सकती है। इससे उष्णकटिबंधीय चक्रवात अधिक प्रबल होगे क्योंकि उष्णकटिबंधी महासागरों के तापमान में वृद्धि होगी।

भूमण्डलीप तापन के कारण सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में वृद्धि होगी तथा कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षण और जल प्रवाह अधिक होगा, क्योंकि तापमान में वृद्धि के कारण अधिक वाष्पीकरण तथा हिमचादरों का पिघलना अधिक हो जायेगा।

हरितगृह को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक जलवाष्प, CO2, मीथेन, नाइट्स ऑक्साइड फ्लूरीनेटेड गैस और ओजोन इत्यादि शामिल है।

65. निम्नलिखित में से कौन सौ से कथन सही है हैं?

(A) उष्णकटिबंधी चक्रवातों की प्रबलता और प्रायिक्ता में वृद्धि हो रही है परन्तु आर्थिक क्षति घट रही है।
(B) अरब सागर की अपेक्षा बंगाल की खाड़ी में अधिक उष्णकटिबंधी चक्रवात आते हैं।
(C) प्रशांत महासागर में विकसित चक्रवाती तंत्रों का दक्षिणी-पूर्णी एशिया पर प्रभाव पड़ता है।
(D) प्रबल हो जाने के कारण इसके मार्ग का पूर्वानुमान लगाना कठिन हो जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B, C और D
Solution:

उष्णकटिबंधीन चक्रवातों की प्रबलता और प्रायिक्ता में वृद्धि हो रही है तथा आर्थिक क्षति भी अधिक हो रही है। अरब सागर की अपेक्षा बंगाल की खाड़ी में अधिक उष्णकटिबंधीय चक्रवात आते है

क्योंकि बंगाल की खाड़ी का तापमान अरब सागर से अधिक है तथा गर्म एवं आर्द्र वायु की लगातार आपूर्ति होती रहती है। प्रशांत महासागर में विकसित चक्रवाती तंत्रो का दक्षिणी- पूर्वी एशिया पर प्रभाव पड़ता है,

जो खासकर चीन सागर फिलीपाइन द्वीप तथा दक्षिणी जापान के पास मई से दिसम्बर तक चक्रवात उत्पन्न होता है। चीन के पूर्वी तट पर इनका विनाशकारी प्रभाव पड़ता है।

इन चक्रवातों को टाइफून कहते है। इन चक्रवातों का 5 से 22 घण्टो के भीतर प्रबल हो जाने के कारण इसके भाग का पूर्वानुमान लगाना कठिन हो जाता है। सामान्यतः उष्णकटिबंधीय चक्रवात 5°-15° अक्षांशों के मध्य दोनों गोलाई में निर्मित होते हैं।

66. सची-I का सूची-II से मिलान कीजिए

क्रम संख्यासूची-I (ज्वालामुखी विस्फोट के प्रकार)सूची-II (विशेषताएँ)
(A)पेलियन प्रकार(I) अत्यधिक श्यान लावा जो प्रचंड रूप में होता है।
(B)हवाईयन प्रकार(II) अधिक द्रवित बेसाल्टिक लावा निस्सरण तथा शांत प्रकृति।
(C)स्ट्राम्बोलियन प्रकार(III) कम द्रवित बेसाल्टिक लावा और जो विस्फोटक प्रकृति का होता है।
(D)वल्कानियन प्रकार(IV) श्यान लावा जो हवा के संपर्क में आने के बाद द्रवावस्था में नहीं रहता है।

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है

सूची-I (ज्वालामुखी विस्फोट के प्रकार)सूची-II (विशेषताएँ)
पेलियन प्रकारअत्यधिक श्यान लावा जो प्रचंड रूप में होता है।
हवाईयन प्रकारअधिक द्रवित बेसाल्टिक लावा निस्सरण तथा शांत प्रकृति।
स्ट्राम्बोलियन प्रकारकम द्रवित बेसाल्टिक लावा और जो विस्फोटक प्रकृति का होता है।
वल्कानियन प्रकारश्यान लावा जो हवा के संपर्क में आने के बाद द्रवावस्था में नहीं रहता है।

अतः विकल्प (a) सही सुमेलित युग्म है।

67. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए

सूची- I (शब्दावली)सूची- II (रचित किया गया/पहली बार प्रयुक्त किया)
A इथोलॉजी (आचारशास्त्र)I अर्न्स्ट हैकेल
B पारिस्थितिकी विज्ञानII सेंट जॉर्ज जैकसन मिवार्ट
C हेक्सिकोलॉजीIII जे ग्रिनेल
D पारिस्थितिकी नीके (Niche)IV आइसो डोर जियोफ्री सेंट हिलैरी

निम्नलिखित विकल्पों में से सहीं उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है।

सूची- I (शब्दावली)सूची- II (रचित किया गया/पहली बार प्रयुक्त किया)
इथोलॉजी (आचारशास्त्र)आइसोडोर जियोफ्री सेंट हिलैरी
पारिस्थितिकी विज्ञानअर्न्स्ट हैकेल
हेक्सिकोलॉजीसेंट जॉर्ज जैकसन मिवार्ट
पारिस्थितिकी नीकेजे ग्रिनेल

अतः विकल्प (b) सही सुमेलित है।

68. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए

पर्यावरणीय नैतिकता के बारे में उपागमअर्थ
A . नृकेंद्रिकवाद I. इसमें माना जाता है कि सामाजिक पदानुक्रम उन व्यवहारों से सीधे जुड़े होते हैं, जो पर्यावरणीय विनाश का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
B. जीवकेंद्रिकवाद II. .इसमें माना जाता है कि पर्यावरण प्रत्यक्ष नैतिक महत्त्व के योग्य है और न कि वह महत्त्व, जो मानव या पशु की रूचियों से प्राप्त किया जाता है।
C. पारिस्थितिककेंद्रिकवादIII. इसमें माना जाता है कि समस्त पर्यावरणीय उत्तरदायित्व केवल मानव रूचियों से प्राप्त किया जाता है।
D. सामाजिक पारिस्थितिकीIV. इसमें माना जाता है कि जीवन के सभी रूपों को अस्तित्व का अंतर्भूत अधिकार है।

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-III, B-IV, C-II, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है।

पर्यावरणीय नैतिकता के बारे में उपागमअर्थ
नृकेंद्रिकवाद इसमें माना जाता है कि समस्त पर्यावरणीय उत्तरदायित्व केवल मानव रूचियों से प्राप्त किया जाता है।
जीवकेंद्रिकवाद इसमें माना जाता है कि जीवन के सभी रूपों को अस्तित्व का अंतर्भूत अधिकार है।
पारिस्थितिककेंद्रिकवादइसमें माना जाता है कि पर्यावरण प्रत्यक्ष नैतिक महत्त्व के योग्य है और न कि वह महत्त्व, जो मानव या पशु की रूचियों से प्राप्त किया जाता है।
सामाजिक पारिस्थितिकी इसमें माना जाता है कि सामाजिक पदानुक्रम उन व्यवहारों से सीधे जुड़े होते हैं, जो पर्यावरणीय विनाश का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

अतः विकल्प (b) सही सुमेलित है।

69. सूची-I का सूची -II से मिलान कीजिए

प्रदेश के प्रकारउदाहरण
A. नियोजन प्रदेशI. महानगरीय प्रदेश
B. औपचारिक प्रदेशII. एन.सी.आर.
C. नोडल प्रदेशIII. मध्यपूर्व
D. बोलीगत प्रदेश (वर्नाकुलर रीजन)IV. जलवायु प्रदेश

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) A-II, B-IV, C-I, D-III
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है।

प्रदेश के प्रकारउदाहरण
नियोजन प्रदेशएन.सी.आर.
औपचारिक प्रदेशजलवायु प्रदेश
नोडल प्रदेशमहानगरीय प्रदेश
बोलीगत प्रदेश (वर्नाकुलर रीजन)मध्य-पूर्व

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है।

70. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए

सूची- I (प्रादेशिक समूह)सूची- II (मुख्यालय)
A.आशियन (ए.एस.ई.ए.एन.)I.जकार्ता
B.ई.यू.II.ब्रुसेल्स
C.ओपेक (ओ.पी.ई.सी.)III.वियना
D.सार्क (एस.ए.ए.आर.सी.)IV.काठमांडू

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A-II, B-IV, C-III, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है।

सूची- I (प्रादेशिक समूह)सूची- II (मुख्यालय)
आशियनजकार्ता
ई.यू.ब्रुसेल्स
ओपेक वियना
सार्क काठमांडू

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।