यू.जी.सी.NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 भूगोल

Total Questions: 100

91. (निर्देश 91-95) जोखिम दो घटकों का उत्पाद हैः खतरा, जिसे एक प्रदत्त समयावधि के अंदर विशिष्ट घटनाओं के घटित होने की संभावना (संभाव्यता) के रूप में परिभाषित किया जा सकता है; और इसका परिणाम जिसे विशिष्टतः जीवन के नुकसान या हानि की लागत के रूप में मापा जाता है। अनेक पर्यावरणीय और मानवीय कारक भूस्खलन खतरे की स्थिति पैदा करते हैं जो सैद्धांतिक रूप से ढलान या भूवैज्ञानिक तंत्र अस्थिरता द्वारा निर्धारित की जाती है।

इन उपक्रमात्मक कारकों में ढलान ज्यामिति, जलविज्ञान (सतह भूजल), मृदा के प्रकार, अंतर्निहित भू-विज्ञान, वनस्पति और ढलानभार समाविष्ट हैं। भूस्खलन को प्रेरित करने वाले कारकों में वर्षा, भूकंप, ज्वालामुखी क्रिया, भूजल में परिवर्तन, अपरदन या नीचे से कटाव एवं मानव गतिविधियां (जैसे-खनन, निर्माण या वन कटाव) सम्मिलित हैं।

जलविज्ञान संबंधी प्रक्रियाएं रंध्र दबाव तथा ढाल के अंदर भूजल स्तरों के रूप में भूस्खलन उपक्रमात्मक कारक तथा वर्षा अन्तःस्यदन एवं रंध्र दबाव परिवर्तनों के कारण भूस्खलन विमोचक कारक, दोनों रूपों में ढाल की स्थिरता पर महत्वपूर्ण एवं त्यात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

ढलान सामग्री के जलविज्ञान संबंधी लक्षणों के आधार पर नमी की मात्रा "तथा रंध्र जल दबाव में वृद्धि असफलता के बिंदु तक ढाल की यांत्रिक शक्ति को कम कर सकती है, भूस्खलन का परिणाम भूस्खलन की प्रकार एवं प्रबलता अभिस्थापन या आगे बढ़ने की प्रक्रिया (रनआउट), जो दर, गमन दूरी तथा मलबे का आयतन (खतरे के पदचिह्न) निर्धारित करती है,

पर तथा प्रभाव क्षेत्र के भीतर अवयवों की अरक्षितता ( एक्सपोजर ) एवं भेद्यता पर निर्भर करता है। भूस्खलन भवनों, अवसंरचना तथा फसलों को नष्ट या जमींजोद कर सकता है, परिवहन संपर्क, जल एवं विद्युत आपूर्ति बाधित कर सकता है, तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अर्थव्यवस्था को भारी हानियां करता है।

भूस्खलनों के खतरों के पचिह्न से आपका क्या आशय है?

Correct Answer: (c) भूस्खलन द्वारा उत्प्रेरित मलवे की मात्रा और गमन दूरी ।
Solution:

भूस्खलनों के खतरों के पदचिह्न को प्रेरित करने वाले कारकों में वर्षा, भूकंप, ज्वालामुखी क्रिया, भू-जल में परिवर्तन, अपरदन या नीचे से कटाव एवं मानव 'गतिविधियां (जैसे-खनन, निर्माण या वन कटाव) सम्मिलित है।

भूस्खलन का परिणाम भूस्खलन की प्रकार एवं प्रबलता अभिस्थापन या आगे बढ़ने की प्रक्रिया जो दर, गमन दूरी तथा मलबे का आयतन (खतरे का पदचिह्न) निर्धारित करता है।

92. भूस्खलन का परिणाम मुख्यतः निर्भर करता है:

Correct Answer: (a) भूस्खलन की प्रकार और तीव्रता पर।
Solution:

भूस्खलन का परिणाम भूस्खलन की प्रकार और तीव्रता पर निर्भर करता है। भूस्खलन अभिस्थापन या आगे बढ़ने की प्रक्रिया (रन आउट) जो दर गमन दूरी तथा मलबे का आयतन (खतरे के पदचिह्न) निर्धारित करती है।

93. ढलान स्थिरता पर किस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण और गत्यात्मक प्रभाव पड़ता है?

Correct Answer: (d) जलविज्ञान संबंधी प्रक्रिया।
Solution:

ढलान स्थिरता पर जलविज्ञान संबंधी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण और गत्यात्मक प्रभाव पड़ता है। जलविज्ञान संबंधी प्रक्रियाएँ रंध्र दबाव तथा ढाल के अन्दर भू-जल स्तरों के रूप में भूस्खलन उपक्रमात्मक प्रभाव डालते हैं।

ढलान सामग्री के जलविज्ञान संबंधी लक्षणों के आधार पर नमी की मात्रा तथा रंध्र जल दबाव में वृद्धि असफलता बिंदु तक ढाल की यांत्रिक शक्ति को कम कर सकती है।

94. भूस्खलन की घटना को उत्प्रेरित करने वाले कारक कौन-से हैं?

Correct Answer: (b) वर्षा, भूकंप और भू-जल में परिवर्तन ।
Solution:

भूस्खलन की घटना को उत्प्रेरित करने में वर्षा, भूकंप और भू-जल में परिवर्तन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा ज्वालामुखी क्रिया, अपरदन या नीचे से कटाव एवं मानव गतिविधियाँ (जैसे- खनन, निर्माण या वन कटाव) आदि को भी सम्मिलित किया जाता है।

95. भू-आकृतिक जोखिम को परिभाषित किया जाता है:

Correct Answer: (c) प्रदत्त समय में चरम घटना के घटित होने की सम्भावना तथा जान-माल की हानि ।
Solution:

प्राकृतिक जोखिम दो घटकों का उत्पाद है: खतरा जिसे एक प्रदत्त समयावधि के अंदर विशिष्ट घटनाओं के घटित होने की संभावना के रूप में परिभाषित किया जा सकता है और इसका परिणाम जिसे विशिष्टतः जीवन के नुकसान या हानि की लागत के रूप में मापा जाता है।

अनेक पर्यावरणीय एवं मानवीय कारक भूस्खलन खतरे की स्थिति पैदा करते हैं जो सैद्धान्तिक रूप से ढलान या भूवैज्ञानिक तंत्र अस्थिरता द्वारा निर्धारित की जाती है।

96. निर्देश (96-100) थॉमस माल्थस एक अंग्रेज पादरी थे, जिनका 1798 में एक 'ऐसे ऑन द प्रिंसिपल्स ऑफ पॉपुलेशन' प्रकाशित हुआ था, जिसमें उन्होने यह दृष्टिकोण सामने रखा कि मनुष्य के जीवन निर्वाह के लिए उत्पादन की पृथ्वी की शक्ति की तुलना में जनसंख्या की शक्ति अनिश्चित रूप से वृहत्तर है।

उनका मानना था कि यदि दुर्भिक्ष, रोग या युद्ध के कारण आवधिक रूप से मृत्यु दर में वृद्धि होती है और जनसंख्या की वृद्धि घटती है केवल तभी संतुलन बनाए रखा जा सकता है। इंग्लैंड और फ्रांस में 19वीं शताब्दी के कई अन्य अध्ययनों ने उनके निराशावादी विचारों को स्वीकार किया था।

19वीं शताब्दी के अंत में इंग्लैंड की जनसंख्या लगभग 10 मिलियन थी लेकिन उसकी अधिकतर खाद्य आपूर्ती को देश की सीमित भूमि में उत्पादन करना पड़ता था। भूमि पर काश्तकारी के नियमों में परिवर्तन से पुराने सामान्य खेतों को सीमाबद्ध किया और छोटे- विखरे भूखंडों के स्थान पर बड़े खेतों निर्माण से ग्रामीण विजनसंख्या (डिपॉपुलेशन) हुई।

कस्बे, विशेषतया वे, जहाँ नये फैक्ट्रीयों की स्थापना की गयी थी, तेजी से बढ़ते गये और अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले, गंदे आर अस्वास्थप्रद हो गए। इनमें रहने वाले व्यक्ति गरीब, अल्प पोषित, अतिरिक्त श्रम वाले थे,

जिनका बीमारियों से प्रतिरक्षण सीमित था। इस प्रकार, यदि खाद्य आपूर्ति कम की जाती या जनसंख्या का तेजी से विस्तार होता तो व्यक्ति भुखमरी से ग्रस्त होते और महामारी से जनसंख्या कम हो जाती।

यह इंग्लैंड के इतिहास में पहले भी दो बार हो चुका थाः 14वीं शताब्दी में "ब्लैक डेथ्स" और सत्रहवीं शताब्दी में "ग्रेट प्लेग" का संयोग कम पैदावार तथा खाद्यान कमी से रहा । भुखमरी ने बीमारियों से प्रतिरक्षण क्षमता घटाई और बुबोनिक प्लेग से हजारों व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी। माल्थस को डर था कि कुछ इसी प्रकार की स्थिति फिर उत्पन्न होगी।

उनके समय काल में हैजा, आंत ज्वर और चेचक (स्मॉलपॉक्स) जैसी उन बीमारियों के इलाज एवं नियंत्रण के लिए बहुत उन्नति हुई, जो इंग्लैंड और यूरोप में तब भी पांव पसार रही थी। इसका अर्थ यह है कि मृत्यु दरों और विशेषतया शिशु मृत्यु दरों में गिरावट हो रही थी।

माल्स ने परिकलन किया कि जनसंख्या प्रत्येक 25 वर्षों में दोगुनी हो सकती है, लेकिन इसके समतुल्य खाद्य आपूर्ति की अपेक्षा नहीं की जा सकती। वह उन जबरदस्त परिवर्तनों का पूर्वानुमान नहीं लगा सके जो 19 वीं और 20वीं शताब्दी में होने थे।

माल्थस के अनुसार जनसंख्या वृद्धि और पृथ्वी के संसाधनों के बीच क्या सम्बन्ध है?

Correct Answer: (a) जनसंख्या पृथ्वी से जीवन-निर्वाह के लिए उत्पादन की तुलना में तेजी से बढ़ती है।
Solution:

माल्थस के अनुसार जनसंख्या वृद्धि और पृथ्वी के संसाधनों का जीवन निर्वाह के लिए उत्पादन की तुलना में तेजी से बढ़ती है। उनका मानना था कि यदि दुर्भिक्ष, रोग या युद्ध के कारण आवधिक रूप से मृत्युदर में वृद्धि होती है और जनसंख्या का वृद्धि घटती है। परिणामस्वरूप तभी संतुलन बनाया जा सकता है।

97. माल्यस के जनसंख्या वृद्धि तथा संसाधनों से सम्बंधित दृष्टिकोण का सर्वोत्तम रूप निम्न में से कौन सा माना मा जाता है?

Correct Answer: (c) निराशावादी
Solution:

थामस माल्यस एक अंग्रेज पादरी थे जिनका 1798 में एक पुस्तक 'Essay on principles of Population' प्रकाशित हुआ, जिसमें उन्होंने यह दृष्टिकोण सामने रखा कि मनुष्य के जीवननिर्वाह के लिए उत्पादन की पृथ्वी की शक्ति की तुलना में जनसंख्या की शक्ति अनिश्चित रूप से वृहत्तर है। इग्लैंड व फ्रांस 19वी शताब्दी के कई अन्य अध्ययनों ने उनके निराशावादी विचारों को स्वीकार किया था।

98. इंग्लैंड के इतिहास में 'ग्रेट प्लेग' किस काल में घटित हुआ था?

Correct Answer: (c) सत्रहवीं शताब्दी
Solution:

इंग्लैण्ड के इतिहास में ग्रेट प्लेग सत्रहवीं शताब्दी में घटित हुआ तथा चौदहवीं शताब्दी में ब्लैक डेथ्स की घटना घटी। भूखमरी ने बीमारियों से प्रतिरक्षण क्षमता घटाई और बुबोनिक प्लेग से हजारों व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी।

माल्यस को डर था कि कुछ इसी प्रकार की स्थिति फिर उत्पन्न होगी। उनके समय काल में हैजा, आंत्र ज्वर और चेचक (स्मालपॉक्स) जैसी उन बीमारियों के इलाज एवं नियंत्रण के लिए बहुत उन्नति हुई, जो इंग्लैण्ड और यूरोप में तब पॉव पसार रही थी।

99. 'ग्रेट प्लेग' के दौरान व्यक्तियों की मृत्य के लिए कौन सा/से कारक उत्तरदायी था थे?

Correct Answer: (d) भुखमरी और प्लेग
Solution:

इंग्लैण्ड में ब्लैक डेथ्स और ग्रेट प्लेग के दौरान व्यक्तियों की मृत्यु के लिए भुखमरी और प्लेग जैसे कारक उत्तरदायी था। चौदहवीं शताब्दी में ब्लैक डेथ्स और सत्रहवीं शताब्दी में ग्रेट प्लेग का संयोग कम पैदावार तथा खाद्यान्न कमी से रहा।

भूखमरी ने बीमारियों से प्रतिरक्षण क्षमता घटाई और बुबोनिक प्लेग से हजारों व्यक्तियों की मृत्यु हुईथी।

100. बीमारियों के इलाज और नियंत्रण में सुधार से जनसंख्य के किस आयु समूह में मृत्यु में सर्वाधिक गिराव आई थी?

Correct Answer: (b) शिशु जनसंख्या
Solution:

इंग्लैण्ड और यूरोप में बीमारियों के इलाज और नियंत्रण में सुधार से शिशु जनसंख्या आयु समूह में भारी गिरावट आई थी। माल्थस ने परिकलन किया कि जनसंख्या प्रत्येक 25 वर्षों में दो गुनीहो सकती है, लेकिन इसके समतुल्य खाद्य आपूर्ति की उपेक्षा नही की जा सकती।