Solution:प्राकृतिक संकट की तुलना में प्राकृतिक आपदाएँ अपेक्षाकृत तीव्रता से घटित होती है तथा बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि पहुँचाती है। उन पर लोगों का बहुत कम या कुछ भी नियंत्रण नहीं होता है।
इसका बेहतर उपाय इसके निवारण का समाधान करना है। आपदा निवारण और प्रबन्धन की तीन अवस्थाएँ हैं -
(i) आपदा से पहले आपदा के बारे में आँकड़ा एवं सूचना एकत्र करना, आपदा भविष्यवाणी करना, आपदा संभावित क्षेत्रों का मानचित्र तैयार करना और लोगों को उसके बारे में जानकारी तथा चेतावनी देना तथा बचाव का उपाय करना है।
(ii) आपदा के समय युद्ध स्तर पर बचाव व राहत कार्य, जैसे- आपदाग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को निकालना, राहत कैम्प, जल, भोजन तथा दवाई आदि की आपूर्ति करना।
(iii) आपदा के बाद इसके अन्तर्गत लोगों के बचाव व पुनर्वास की व्यवस्था करना तथा भविष्य में आपदाओं से निपटने के लिये क्षमता-निर्माण पर ध्यान केन्द्रित करना है।