यू.जी.सी.NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 भूगोल

Total Questions: 100

41. किन परतों में ऊँचाई के साथ तापमान में कमी आती है?

A. तापमण्डल B. क्षोभमण्डल C. मध्यमण्डल D. समतापर्मण्डल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल B और C
Solution:

वायुमंडलीय परतों में ऊँचाई के साथ तापमान में कमी क्षोभमंडल तथा मध्यमण्डल में देखी जाती है, क्योंकि ऊँचाई के साथ तापमान में यह कमी, ऊँचाई के साथ वायुमंडलीय गैसों के घनत्व, वायुदाब एवं कणिकीय पदार्थों में कमी के कारण होती है।

क्षोभमंडल में बढ़ती ऊँचाई के साथ 165 मी. पर 1°C की दर से तापमान में कमी होती है। इस तापमान गिरावट दर को 'सामान्य ताप पतन दर' कहते हैं, जबकि समतापमण्डल और तापमंडल में तापमान में वृद्धि होती है

जिसका प्रमुख कारण समतापमण्डल में ओजोन परत का पाया जाना है। यह पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है जिससे तापमान में वृद्धि होती है।

42. निम्न में से कौन सा से जलीय पारिस्थितिक तंत्र है हैं?

A. घासभूमि
B. आर्द्रभूमि
C. डेल्टा
D. वन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (c) केवल B और C
Solution:

आर्द्रभूमि तथा डेल्टा जलीय पारिस्थितिक तंत्र के अंग है। स्थलीय पारितंत्र के समान ही जलीय पारितंत्र का भी एक स्वरूप होता है। जलीय पारितंत्र तापमान, पोषक तत्वों की उपलब्धता, प्रकाश की तीव्रता, जलधारा, लवणता, जल में घुलित ऑक्सीजन आदि से प्रभावित होता है।

43. निम्नलिखित में कौन से रासायनिक अपक्षय के उदाहरण हैं?

A. अधिभ्रंश के साथ चट्टान की गति
B. लौहधातु में जंग लगना
C. फेल्डस्पार का मृत्तिका में विखंडन
D. अम्लीय क्रिया
नीचे दिए गएविकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) केवल B, C और D
Solution:

लौह धातु में जंग लगना, फेल्डस्पार का मृत्तिका में विखंडन तथा अम्लीय क्रिया रासायनिक अपक्षय के उदाहरण है। अपक्षय को मौसम एवं जलवायु के कार्यों के माध्यम से शैलों के यांत्रिक विखंडन एवं रासायनिक वियोजन अपघटन के रूप में परिभाषित किया जाता है। अपक्षय को तीन प्रमुख प्रकार में विभक्त किया गया है-

(1) भौतिक या यांत्रिक अपक्षय (2) रासायनिक अपक्षय (3) जैविक अपक्षय

रासायनिक अपक्षय - अपक्षय प्रक्रियाओं का एक समूह जिसमें विलयन, कार्बोनशन, जलयोजन या हाइड्रेशन, ऑक्सीकरण तथा न्यूनीकरण शैलों के अपघटन, विलयन अथवा न्यूनीकरण का कार्य करते हुए रासायनिक क्रिया द्वारा सूक्ष्म अवस्था में परिवर्तन हो जाता है।

चट्टानों में लोहा, लौह सल्फाइट' तथा पाइराइट के रूप में पायी जाती है, जिसका ऑक्सीकरण होने पर इनमें जंग (Rust) लग जाता है। फलस्वरूप चट्टाने ढीली पड़ जाती है एवं वियोजन होने लगती है। इसी प्रकार जलयोजन से फेल्डस्पार नामक खनिज का परिवर्तन कओलिन मृत्तिका में हो जाता है।

(1) भौतिक अपक्षय - सूर्यताप, तुषार तथा वायु चट्टानों में विघटन होने की क्रिया को 'यांत्रिक अपक्षय' कहते है। भौतिक अपक्षय में ताप एक महत्वपूर्ण कारक है।

(2) जैविक अपक्षय - वनस्पतियाँ तथा जीव-जन्तु या मनुष्य दोनों चट्टानों के विघटन तथा वियोजन के प्रमुख कारक हैं।

44. वायुमंडल में एरोसॉल के संबंध में निम्न में से कौन-से कथन सही हैं?

A.  एरोसाल में समुद्री लवण, महीन मृदा, धुआं, पराग कण और कालिख (soot) होता है।
B. वायु में एरोसाल सूर्योदय व सूर्यास्त के समय लाल और संतरी रंग के विविध प्रकार बनाने में योगदान करते हैं।
C. एरोसाल संकेंद्रण समताप मंडल (मेजोस्फीयर) में अधिकतम होता है।
D. एरेसॉल ऐसी सतह के रूप में कार्य करते हैं जिन पर जल वाष्प द्रवित हो जाती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (c) केवल A, B और D
Solution:

वायुमण्डल में निलम्बित कणिकीय पदार्थों तथा तरल बूंदों के सम्मिलित रूप को एरोसॉल कहते हैं। इसके अन्तर्गत ज्वालामुखी उभेदन के समय निस्मृत धूल एवं राख कणों, जुते हुए खेतों से उड़ाये गये धूलकण, समुद्री लवण, महीन मृदा, मरुस्थलीय रेत, धुआँ, परागकण, कालिख तथा यांत्रिक अपक्षय से प्राप्त कणों को सम्मिलित किया जाता है।

वायु में एरोसॉल सूर्योदय व सूर्यास्त के समय लाल और संतरी रंग के विविध प्रकार बनाने में योगदान करते हैं। एरोसॉल का संकेन्द्रण क्षोभमण्डल में अधिकतम पायी जाती है। यह ऐसी सतह के रूप में कार्य करता है।

जिसमें जलवाष्प प्रवित हो जाती है। वायुमण्डल में बढ़ती ऊँचाई के साथ एरोसॉल की मात्रा में तेजी से कमी आने लगती है।

45. स्थानिक विश्लेषण के बारे में निम्नलिखित में से कथन सही नहीं हैं?

A. अवस्थिति विश्लेषण में मात्रात्मक प्रविधियों को 'स्थानिक विश्लेषण' कहा जाता है।
B. यह प्रत्यक्षवाद के दर्शन से संबंधित नहीं है।
C. स्थानिक विश्लेषण के अनुप्रयोग से प्राप्त सामान्यीकरण दिशा, दूरी और संयोजन पर आधारित होता है।
D. यह भूगोल में निश्चयवाद उपागम के कारण लोकप्रिय हुआ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनैः

Correct Answer: (c) केवल B और D
Solution:

अवस्थिति विश्लेषण मानव भूगोल का वह उपागम है, जो भौगोलिक तथ्यों एवं घटनाओं की स्थानिक व्यवस्था से सम्बंधित है। इसकी सामान्य कार्यविधि तथा मात्रात्मक प्रविधियों को स्थानिक विज्ञान या विश्लेषण कहते हैं।

स्थानिक विश्लेषण के अनुप्रयोग से प्राप्त सामान्यीकरण दिशा, दूरी और संयोजन पर आधारित होती है। अवस्थिति विश्लेषण का मूल आधार प्रत्यक्षवाद है, जो स्थानिक व्यवस्थापन के सिद्धान्त की पहचान कराता है। अतः मात्रात्मक क्रांति से इसका गहरा सम्बंध है।

अवस्थिति विश्लेषण की विचारधारा अनुभववाद पर आधारित है। स्थानिक विश्लेषण के विकास में अनेक विद्वानों जैसे- बेरी, मार्बत, बुंगी, स्मिथ तथा हैगेट इत्यादि ने अहम् भूमिका निभायी थी।

46. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

A. ब्राजील के रियो डी जेनेरियों में 1992 में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन में एजेंडा 21 अंगीकार किया गया था
B. ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 1992 में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को भी अंगीकार किया गया था।
C. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों द्वारा किए जाने वाले कार्बन डाइ ऑक्साइड के उत्सर्जन को घटाना था।
D. ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित सम्मेलन की प्रभावी अनुवर्ती कार्रवाई के लिए संधारणीय विकास पर आयोग (सी.एस.डी) को 1992 में गठित किया गया था।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (c) केवल A और D
Solution:

स्टॉकहोम सम्मेलन की 20वीं वर्षगाँठ मनाने के लिए 3-14 जून, 1992 को ब्राजील के रियो डी जेनेरियों में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन में एजेंडा 21 को अंगीकार किया गया था।

इस सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा कोष बनाया गया,जो ग्लोबल वार्मिंग को रोकने, जैव विधिता के संरक्षण एवं अन्तर्राष्ट्रीय जल संसाधनों के प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग देगा। इस सम्मेलन की प्रभावी अनुवतीं कार्रवाई के लिए संधारणीय विकास आयोग (C.S.D) को 1992 गठित किया गया था।

पृथ्वी शिखर सम्मेलन के दौरान UNFCCC (यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज) का गठन किया गया था। मांट्रियल प्रोटोकॉल (1987) का मुख्य उद्देश्य ओजोन परत के क्षरण को रोकना था।

इस प्रोटोकाल में निर्णय लिया गया कि ओजोन क्षरण गैसे क्लोरो फ्लोरो कार्बन (CFC) तथा हैलॉन गैस के प्रयोग को कम या बंद किया जाये।
अतः विकल्प (a) और (d) सही है।

47. निम्नलिखित में से कौन से कारक नगरीय ह्रास हेतु उत्तरदायी हो सकते हैं?

A. परिवहन के स्वरूप में परिवर्तन
B. खनिज निक्षेपों की समाप्ति
C. जलवायु परिवर्तन
D. शहरी शासन
E. आस-पास के कस्बों से प्रतिस्पर्धा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल A, B और E
Solution:

नगरीय ह्रास से नगर में अनेक आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है, जिससे नगर की प्रशासकीय व्यवस्था बिगड़ती जाती है और नगर विकराल आर्थिक संकटों से ग्रस्त होने लगते हैं,

जिसके परिणामस्वरूप लोग नगर छोड़ने लगते हैं तथा नगर में उद्योग, व्यापार, सेवाओं आदि काह्रास होने लगता है। नगरीय ह्रास वह अवस्था है

जिसमें नगर नष्ट प्रायः हो जाता है और उसका आर्थिक सामाजिक महत्व लगभग समाप्त हो जाता है। तथा उसका नाम ही शेष रह जाता है। नगरीय ह्रास हेतु निम्नलिखित उत्तरदायी कारक इस प्रकार है-

(1) परिवहन के स्वरूप में परिवर्तन
(2) खनिज निक्षेपों की समाप्ति
(3) आस-पास के कस्बों से प्रतिस्पर्धा
(4) अत्यधिक जनसंख्या दबाव
(5) प्राकृतिक महामारी व युद्ध
(6) जलापूर्ति तथा विद्युत आपूर्ति की समस्या
(7) सामाजिक अपराध में वृद्धि
(8) पर्यावरण प्रदूषण तथा स्वास्थ्य समस्या इत्यादि

48. भारत की जनगणना 2011 में आँकड़ा गुणवत्ता में सुधार हेतु नवीन परिवर्धन को निम्नलिखित विकल्पों में कौन सही रूप व्यक्त करता है?

कूटः
A. अन्य का विकल्प पुरुष महिला के अतिरिक्त
B. तलाकशुदा और वियोजित के लिए पृथक
C. कृषि अधीन भूमि की काश्तकारी की स्थिति
D. दिव्यांगता हेतु चार नए कूट
E. किरायेदारों के बारे में सूचना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (e) (*)
Solution:

जनगणना किसी देश या देश के एक सुपरिभाषित हिस्से के सभी व्यक्तियों के एक विशिष्ट समय पर जनसांख्यिकीय, आर्थिक और सामाजिक डेटा एकत्र करने तथा उसके संकलन करने की प्रक्रिया है। भारत में पहली जनगणना 1872 में गर्वनर जनरल लार्ड मेयों के शासन काल के दौरान आयोजित की गई थी।
नोट- आयोग द्वारा इस प्रश्न को मूल्यांकन के बाहर कर दिया गया।

49. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही नहीं हैं?

A. उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाहरित वन के मुख्य वृक्ष महोगनी, एबोनी और रोजवुड हैं।
B. उष्णकटिबंधीय मानसून वन की प्रमुख प्रजातियां साल और सागौन है।
C.  परागुए और दक्षिणी ब्राजील के चाको प्रदेश में चेस्टनट 'वृक्ष को 'एक्स ब्रेकर' के रूप में जाना जाता है।
D.  सिनकोना वृक्ष की छाल को चेविंग गम के निर्माण में प्रयुक्त किया जाता है।
E. हेमलॉक, मैग्रोव प्रजातियों और सागौन वृक्षों की छाल में टैनिन पाया जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) केवल C, D और E
Solution:

उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वन विषुवत रेखा के निकट पाये जाते है, जहाँ वर्षभर तापमान और आर्द्रता उच्च रहती है। तथा औसत वार्षिक वर्षा 200 सेमी. से अधिक पायी जाती है। यहाँ मुख्यतः महोगनी,एबोनी, आबनूस तथा रोजवुड जैसे वृक्ष पाये जाते हैं।

उष्णकटिबंधीय मानसून वन के पौधे सामान्यतः शुष्क ग्रीष्म ऋतु में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं, ताकि वाष्पोत्सर्जन कम से कम हो, इसी कारण इन वनों को पर्णपाती या मानसूनी वन कहते हैं। यहाँ वृक्षों के प्रमुख प्रजातियों में सागवन, शीशम, साल तथा बाँस आदि पाये जाते हैं।

जेपोटा वृक्ष के दूध को च्युंगम बनाने में प्रयोग किया जाता है तथा सिनकोना वृक्ष के छाल से मलेरिया की दवा कुनैन का निर्माण किया जाता है। परागुए और दक्षिणी ब्राजील का चाको प्रदेश निम्न भूमि प्रदेश तथा मैदानी भाग है जहाँ क्वेब्रेको वृक्ष पाया जाता है,

जिसकी छाल में टेनिन अम्ल पाया जाता है जिसका उपयोग चमड़ा उद्योग में किया जाता है। टैनिन चाय से भी प्राप्त की जाती है।

50. निम्नलिखित में से किन सुरक्षात्मक स्थल के शहरों को गिरिशीर्ष स्थल शहरों के रूप में भी वर्गीकृत किया जा सकता है

A.इबैडन B. मांट्रियल C. एडिनबर्ग D. न्यूयार्क E. हैम्बर्ग
नीचे दिए गए विकल्पों मेंसे सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (c) केवल A और C
Solution:

इबैडन और एडिनवर्ग शहर को सुरक्षात्मक स्थल के गिरिशीर्ष स्थल शहरों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। गिरिशीर्ष स्थल शहर मुख्यतः राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध या पड़ोसी समूहों के उपद्रवी होने की स्थिति में शहरों या गाँवों को सुरक्षात्मक पहाड़ियों एवं द्वीपों पर बसाया जाता है।
जैसे- नाइजीरिया में खड़े इंसेलबर्ग अच्छी सुरक्षित स्थिति प्रदान करते हैं तथा भारत में अधिकतर दुर्ग ऊँचे स्थानों अथवा पहाड़ियों पर स्थित है, जो सुरक्षात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।