Solution:संरचनावाद मानव विज्ञान की एक ऐसी पद्धति है, जो संकेत विज्ञान (संकेत की प्रणाली) और सहजता से परस्पर, तथ्यों के विश्लेषण करने का प्रयास करती है।
संरचनावाद उन चीजों की खोज करने से सम्बंधित है जो सहज स्वीकृत सामाजिक-आर्थिक श्रेणियों की दृष्टि से सामाजिक जीवन में वास्तविक और महत्वपूर्ण होती है।
इन्होंने मनुष्य की स्वतंत्रता और पसंद की अवधारणा को खारिज कर दिया तथा इस बात पर जोर दिया कि मानव व्यवहार विभिन्न संरचनाओं से निर्धारित होता है।
स्वीडन के भाषाविद् फार्डेनेन्ट द सस्यूर (Ferdinand D Saussure) इसके प्रवर्तक माने जाते हैं। उनके अनुसार संरचनावादी तरीके को विभिन्न क्षेत्रों जैसे नृविज्ञान, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और यहाँ तक की वास्तुकला में भी लागू किया जाता है।