कथन- I: लोकतंत्र एक वैश्विक बल हो गया है। यद्यपि यह व्यापक रूप से प्रचलित है, परंतु इस राजनीतिक व्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है तथा प्रायः हर जगह इस व्यवस्था में कुछ न कुछ कठिनाइयां आ रही हैं।
कथन - II : इस व्यवस्था की विफलता के लिए इस संस्था को दोष नहीं दिया जा सकता, बल्कि जिस विधि से इसने कार्य किया है अथवा जिस विधि में इसके कार्यकरण को सत्ताधारियों द्वारा तोड़ा मरोड़ा गया है और इसमें छलयोजना उपयोग है। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
Correct Answer: (c) कथन 1 और II दोनों सही है।
Solution:लोकतंत्र एक वैश्विक बल हो गया है। यद्यपि यह व्यापक रूप से प्रचलित है, परन्तु इस राजनीतिक व्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है तथा प्रायः हर जगह इस व्यवस्था में कुछ न कुछ कठिनाइयां आ रही हैं लेकिन इस व्यवस्था की विफलता के लिए इस संस्था को दोष नहीं दिया जा सकता, बल्कि जिस विधि से इसने कार्य किया है अथवा जिस विधि में इसके कार्यकरण को सत्ताधारियों द्वारा तोड़ा-मरोड़ा गया है निःसंदेह इसमें छल योजना उपयोग हुआ है। अतः कथन । और IIदोनों सही हैं।