A. पर संस्कृतिग्रहण ( एकल्चरेशन)
B. आत्मसात्करण (एसिमिलेशन)
C. सलाद कटोरी प्रारूप (सलाद बाउल मॉडल)
D. घरिया (मेल्टिंग पॉट)
E. सांस्कृतिक बहुलवाद
नीचे दिए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Correct Answer: (d) केवल B, D, E
Solution:बहु-नृजातीय समाज ने नृजातीय एकीकरण के तीन प्राथमिक प्रतिमानों- आत्मसात्करण (एसिमिलेशन), घरिया (मेल्टिंग पॉट) एवं सांस्कृतिक बहुलवाद को अपनाया है। बहुसंस्कृतिवाद, बहु जातीय संस्कृति की स्वीकृति देना या बढ़ावा देना होता है, एक विशिष्ट थान के जनसांख्यिकीय बनावट पर यह लागू होती है, आमतौर पर यह स्कूलों, व्यापारों, पड़ोस, शहरों या राष्ट्रों जैसे संगठनात्मक स्तर पर होते हैं।