यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020 जून 2021 समाजशास्त्र

Total Questions: 100

31. उस विचार को क्या कहा जाता है जिसका संबंध मार्शल मेक्लुहन से है, जिन्होंने विद्युत संचार को भी विश्व को सुसंगत एकल समुदाय में जोड़ने वाले के रूप में देखा-

Correct Answer: (d) वैश्विक गाँव
Solution:वर्ष 1960 में वैश्विक गाँव (ग्लोबल विलेज) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग कनाडा के लेखक मार्शल मैक्लूहान ने आधुनिक विद्युत संचार व्यवस्था (टी0वी0, इंटरनेट, फैक्स, टेलीफोन आदि) और प्रौद्योगिकी द्वारा एक सूत्र में बंधे आज के समस्त विश्व के लिए किया था।

32. निम्नलिखित में से कौन-सी इरावती कर्वे की कृति नहीं है?

A. हिन्दू सोसायटी ऐन इंटरप्रिटेशन
B. हायरार्की एंड मैरिज अलायंस इन साउथ इंडिया
C. रिलिजियस कानसियसनेश
D.  किंशिप ऑर्गेनाइजेशन इन इंडिया
E. युगांताः द इण्ड ऑफ ऐन एपाँच

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B और C
Solution:'हायराक एंड मैरिज अलायंस इन साउथ इंडिया' लुइस ड्यूमॉकी एवं 'रिलिजियस कानसियसनेश' नामक कृति जेम्स बिसेट की है। जबकि 'हिन्दू सोसायटी एन इंटरप्रिटेशन', 'किंशिप ऑर्गेनाइजेशन इन इंडिया' एवं 'युगांता: द एण्ड ऑफ ऐन एपॉच' नामक प्रमुख कृतियाँ इरावती कर्वे की हैं।

33. छोटानागपुर के मुंडा और ओरांव जो एक-दूसरे के निकट वास करते हैं और जो अपने सांस्कृतिक जीवन को साझा करते हैं, निम्नलिखित में से किस भाषा- भाषी समूह से आते हैं?

Correct Answer: (a) ऑस्ट्रिक और द्रविण भाषा-भाषी समूह
Solution:छोटानागपुर के मुंडा और ओरांव जो एक-दूसरे के निकट वास करते हैं और जो अपने सांस्कृतिक जीवन को साझा करते हैं वे ऑस्ट्रिक और द्रविड़ भाषा-भाषी समूह से आते हैं।

34. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

 सूची-I (पुस्तकें)सूची-II (लेखक)
A. द एलेमेंट्री फार्म ऑफ रिलिजियस लाइफI.  एम.एन. श्रीनिवास
B.  रिलिजन एण्ड सोसायटी अमांग कूर्ग्स ऑफ साउथ इंडियाII.  ए. क्रोबर
C. द साइंस ऑफ कल्चरIII.  एमिल दुर्खीम
D. द नेचर ऑफ कल्चरIV.  लेस्ली व्हाइट
Correct Answer: (c) A - III, B - I, C - IV, D- II
Solution:सुमेलित सूची निम्न प्रकार है -
सूची (i) (पुस्तकें)सूची (ii) (लेखक)
द एलेमेंट्री फार्म ऑफ रिलिजियस लाइफ, (1912)इमाइल दुर्खीम
रिलिजन एण्ड सोसायटी अमांग कूर्ग्स ऑफ साउथ इंडिया, (1952)एमएन श्रीनिवास
द साइंस ऑफ कल्चर, (1949)लेस्ली व्हाइट
द नेचर ऑफ कल्चर, (1952)ए क्रोबर

35. प्रारंभिक औद्योगिक समाजशास्त्रियों में से किसने "सोशल फ्रेमवर्क ऑफ ऐन इंडियन फैक्ट्री" नामक पुस्तक को लिखा है?

Correct Answer: (c) एन.आर. शेठ
Solution:प्रारंभिक औद्योगिक समाजशास्त्रियों में से एन0आर0 सेठ ने 'सोशल फ्रेमवर्क ऑफ एन इंडियन फैक्ट्री' नामक पुस्तक को लिखा है।

36. निम्नलिखित प्रौद्योगिकी क्रांतियों को उनके होने के कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:

A. मुद्रण क्रांति
B.  हरित क्रांति
C. औद्योगिक क्रांति
D. जैव-प्रद्योगिकी क्रांति

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A, C, B, D
Solution:प्रौद्योगिकी क्रांतियों का सही कालक्रम निम्न प्रकार है- मुद्रण क्रांति, औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति एवं जैव प्रौद्योगिकी कांति ।

37. बंडलैंड रिपोर्ट का शीर्षक क्या है?

Correct Answer: (d) 'आवर कॉमन फ्यूचर'
Solution:: बंडलैंड रिपोर्ट का शीर्षक 'आवर कॉमन फ्यूचर' है। बंडलैण्ड आयोग जिसका पुरा नाम पर्यावरण एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र विश्व आयोग (World commission on Environment and Development) या (WCED) है। इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट हमारा साझा भविष्य 1987 में जारी किया जिसे बंडलैण्ड रिपोर्ट भी कहा जाता है।

38. "अर्बनाइजेशन एंड फैमिली चेंज" नामक पुस्तक भारतीय संदर्भ किसने लिखी है?

Correct Answer: (c) एम.एस. गोरे
Solution:'अर्बनाइजेशन एंड फैमिली चेंज' नामक पुस्तक भारतीय संदर्भ में एम०एस०गोरे ने लिखी है। इनकी अन्य प्रमुख कृतियाँ निम्न प्रकार हैं -
◆Unity in diversity.
◆The Social Context of an ldeology.
◆Social work and Social work Education.

39. निम्नलिखित में से किसने वैश्वीकरण को आशावादी और निराशावादी दो खोमों में विभक्त किया है?

Correct Answer: (d) माइक ओ' डोनेल
Solution:'माइक ओ' डोनेल ने वैश्वीकरण को आशावादी और निराशावादी दो खेमों में विभक्त किया है।

40. रॉबिन कोहेन ने डायसपोरा की निम्नलिखित किन श्रेणियों की वकालत की थी?

A. पीड़ित
B. साम्राज्यिक
C.  श्रम
D. संस्कृति
E. समुदाय

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A, B, C and D only
Solution:रॉबिन कोहेन ने डायसपोरा की पीड़ित, साम्राज्यिक, श्रम एवं संस्कृति के रुप में श्रेणियों की वकालत की थी। कोहेन ने प्रमुख विवादित अवधारणाओं जैसे प्रवासी और सीमाओं, और सामूहिक या राष्ट्रीय पहचान को नई समझ देकर प्रवास अध्ययन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दिए।