यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2021 जून-2022 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

'स्वयं को जानने' की अस्पष्ट अवधारणा का "अपने आप का ध्यान रखना" की धारणा के रूप में परिवर्तित हो जाने के अनेक कारण हैं। हम अपने आप का ही ध्यान रखने के लिए अधिक प्रवृत्त होने को अनैतिक मानते हैं, जो कि सभी संभावित नियमों से दूर ले जाने का साधन मात्र है। इस क्रम में हम ईसाई नैतिकता की परंपरा का अवधान करते हैं जिसमें आत्म-त्याग को मोक्ष की शर्त माना जाता है।
अपने आप को जानना (आत्म-ज्ञान), विरोधस्वरूप आत्म-त्याग का साधन है। साथ ही हम एक धर्म निरपेक्ष परंपरा का भी अवधान करते हैं, जो बाह्य सिद्धांत को नैतिकता का आधार मानता है। इस प्रकार, आत्म मुग्धता नैतिकता का आधार कैसे हो सकती है, जो दूसरों के साथ स्वीकार्य व्यवहार के लिए नियमों की मांग करते हैं। 16वीं शताब्दी से ही, आत्म बोध और आत्म ज्ञान के महत्त्व के नाम पर स्थापित नैतिकता की आलोचना की जाती रही है।
अतः आत्मानुरक्षा (स्वयं की देख-रेख) को नैतिकता के समान मान्यता देना कठिन प्रतीत होता है। "स्वयं को जानो” द्वारा "अपना" ध्यान रखो” और "अपने आप को जानो" के पुरातन दो सिद्धांतों के अनुक्रम में व्यतिरेक रहा है। ग्रीक रोमन संस्कृति में, अपने आप का बोध या ज्ञान आत्मानुरक्षण का परिणाम है। आधुनिक युग में, आत्मज्ञान का अभिप्राय 'मौलिक सिद्धांत से है।
'स्वयं को जानने की अस्पष्ट अवधारणा है 'अपने आप की देख-भाल करना; क्योंकि

Correct Answer: (b) वैराग्यवाद की नीति स्वयं का अस्वीकरण करती है
Solution:

'स्वयं को जानो' के द्वारा अपना ध्यान रखो के अस्पष्ट अवबोधन का कारण यह है की हमारी नैतिकता वैराग्यवाद की नैतिकता है जिसमें आत्मबोध उसको माना जाता है जहाँ स्वयं का त्याग (अस्वीकार) किया जाता है।

92. धर्मनिरपेक्ष परंपरा निम्नलिखित में से किसका समर्थन करती है?

Correct Answer: (d) नैतिकता के लिए बाह्य सिद्धांत को आधार माना जाता है
Solution:

धर्म निरपेक्ष परंपरा में नैतिकता के लिए वाह्य सिद्धांत को आधार माना जाता है।

93. आप इस अनुच्छेद के अभिप्राय को किस प्रकार समझते हैं?

Correct Answer: (c) आत्मा की ज्ञान का विकास
Solution:

प्रस्तुत गद्यांश के अभिप्राय का सारांश है आत्मा के ज्ञान का विकास । अपने आप का बोध (आत्म ज्ञान) आत्म अनुरक्षण का परिणाम है।

94. माइकल फॉकल्ट के अनुसारः

Correct Answer: (c) आत्मत्याग मोक्ष की शत है
Solution:

माइकल फाकल्ट ने 'आत्मत्याग' को मोक्ष की शर्त माना है।

95. फॉकल्ट के अनुसार, सामजिक नैतिकता का आशय निम्न में से किससे है:

Correct Answer: (c) अन्य के साथ स्वीकार्य व्यवहार के लिए नियमों की मांग करना
Solution:

फाकल्ट के अनुसार सामाजिक नैतिकता का आशय है। "अन्य के साथ स्वीकार्य व्यवहार के लिए नियमों की मांग करना है।"

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

समापन करते हुए, सर्वप्रथम यह ध्यान में रखा जाए कि सघन पारिस्थितिक आंदोलन की शर्ते और प्रवृत्तियां पारिस्थितिकी या तर्क या आगमन से व्युत्पन्न नहीं हुई हैं, पारिस्थितिकी विज्ञान और पारिस्थतिकीय क्षेत्र कार्यकर्ताओं की जीवन शैली ने सघन पारिस्थितिकी आंदोलन के संदर्भ पर सुझाव, प्रेरणा और रक्षण प्रदान किया है। दूसरा, इस बात की पूरी तरह सराहना की जानी चाहिए कि सघन पारिस्थिति की आंदोलन के महत्त्वपूर्ण नियम स्पष्ट तथा सशक्त रूप के मानकीय हैं। इनमें वैज्ञानिक शोध के परिणामों (परिणामों की न्यूनतम) पर आंशिक आधार पर मूल्य प्राथमिकता प्रणाली को अभिव्यक्ति दी जाती है।
आज पारिस्थितिकीविद नीति निर्माता निकायों को प्रदूषणता और संसाधनों के क्षरण की चिंताओं, खतरे के पूर्वानुमानों के जरिये प्रभावित करते हैं। यह जानते हुए कि नीति निर्माता स्वास्थ्य और न्यायपूर्ण वितरण से संबंधित कुछ न्यूनतम शर्तों को मान लेते हैं। इस आंदोलन में कुछ राजनीति की संभावना भी होती है जिसे नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए और इसका प्रदूषण और संसाधन क्षरण में कुछ खास काम नहीं होता तीसरी, पारिस्थितिकी आंदोलन में जो ध्यान देना है, वे पारिस्थितिकी की बजाए पारिस्थितिकी दार्शनिकता की है।
पारिस्थितिकी एक सीमित विज्ञान है जिसमें वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग किया जाता है। दर्शनशास्त्र मूलभूत वर्णनात्मक तथा निदेशात्मक परिचर्या का सर्वोत्तम सामान्य मंच है तथा राजनैतिक दर्शन इसका उप अनुभाग है। पारिस्थितिक दार्शनिकता का अर्थ है पारिस्थितिकी सामंजस्य या समानता, तत्त्वज्ञान के रूप में दर्शनशास्त्र मुक्तरूप में मानकीय है। इसमें मानदंडों, नियमों, अभिगृहितों, मुख्य प्राथमिकता, उद्घोषणाओं तथा विश्वव्यापी कार्यों के स्तर संबंधी प्रायः प्राक्कल्पना दोनों का समावेश है। पारिस्थितिकी दर्शनशास्त्र अरस्तू या स्पिनोजा द्वारा निर्मित एक प्रकार की प्रणाली है।
दोनों में मूल संबंध आधार वाक्य और निष्कर्ष का उपसमुच्चय है व्युत्पत्तिकारकता का संबंध । कभी कभार पारिस्थितिकी दर्शनशास्त्र प्रणाली के मंडलों, वैश्विक व्यवस्थापनों में कच्चे अनुमानों के प्रतिदर्शों का प्रयोग किया जाता है। पारिस्थितिकीवाद के नाम पर सघन आंदोलन में विभिन्न परिवर्तनों का समर्थन किया गया है। विशेषकर प्रदूषण और संसाधनों के क्षरण पर एकतरफा दबाव दिया गया है।
सघन पारिस्थितिकी आंदोलन निम्नलिखित में से किसके द्वारा आरक्षित है?

Correct Answer: (c) पारिस्थितिकी ज्ञान तथा पारिस्थितिकी क्षेत्र कार्यकर्ताओं की जीवन शैली
Solution:

सघन पारिस्थितिकी आंदोलन और प्रवृत्तियाँ पारिस्थितिकी या तर्क या आगमन से व्युत्पन्न नहीं है, पारिस्थितिकी विज्ञान और पारिस्थितिकी क्षेत्र कार्यकर्ताओं की जीवन शैली ने सघन पारिस्थितिकी आंदोलन की संदर्श पर सुझाव, प्रेरणा और रक्षण प्रदान किया है।

97. पारिस्थितिकीवाद के नाम पर, सघन आंदोलन में विभिन्न परिवर्तन हुए हैं जो एकतरफ हैं और निम्न पर बल देते हैं

Correct Answer: (b) प्रदूषण और संसाधनों का क्षरण
Solution:

पारिस्थितिकीवाद के नाम पर सघन आंदोलन में विभिन्न परिवर्तन हुए हैं जो एकतरफा है तथा प्रदूषण और संसाधनों के क्षरण पर बल देते हैं। पारिस्थितिकी नीति निर्माता निकायों को प्रदूषणता और संसाधनों के क्षरण की चिताओं, खतरे के पूर्वानुमानों के जरिए प्रभावित करते हैं।

98. इस अवतरण में अर्ने नेस का अभिप्राय क्या है?

Correct Answer: (d) सधन पारिस्थितिकी आंदोलन के परिदृश्य का समर्थन करना जिसके मानकीय और पारिस्थितिकीय दार्शनिक दृष्टिकोण हों
Solution:

प्रस्तुत अवतरण में अर्नेनेस का अभिप्राय है "सघन पारिस्थितिकी आंदोलनों का समर्थन करना जिसके मानकीय, पारिस्थितिकीय और दार्शनिक दृष्टिकोण हों।

99. नेस के अनुसार सघन पारिस्थितिकी आंदोलन का संबंध है

Correct Answer: (a) वैज्ञानिक शोध के परिणामों के आधार पर मूल्य प्राथमिकता प्रणाली
Solution:

नेस के अनुसार सघन पारिस्थितिकी आंदोलन का संबंध है "वैज्ञानिक शोध के परिणामों के आधार पर मूल्य प्राथमिकता प्रणाली।" पारिस्थितिकी आंदोलन के महत्त्वपूर्ण नियम स्पष्ट तथा सशक्त रूप से मानकीय हैं।

100. नेस के अनुसार पारिस्थितिकी दर्शनशास्त्र है-

Correct Answer: (b) पारिस्थितिकी सामंजस्य का दर्शनशास्त्र
Solution:

दर्शनशास्त्र मूलभूत वर्णनात्मक तथा निदेशात्मक परिचर्या का सर्वोत्तम सामान्य मंच है तथा राजनैतिक दर्शन इसका उप अनुभाग है। पारिस्थितिकी दार्शनिकता का अर्थ है पारिस्थितिकी सामंजस्य या समानता, तत्व ज्ञान के रूप में दर्शनशास्त्र मुक्त रूप में मानकीय है। पारिस्थितिकी दर्शनशास्त्र अरस्तू या स्पिनोजा द्वारा निर्मित एक प्रकार की प्रणाली है। पारिस्थितिकीवाद के नाम पर सघन आंदोलन में विभिन्न परिवर्तनों का समर्थन किया गया है।