यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2021 जून-2022 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

41. न्याय के अनुसार, हम बाह्य पदार्थों का आभास किसके द्वारा कर सकते हैं

A. श्य संवेदी अंग
B. स्पर्श संवेदी अंग
C. स्वाद संवेदी अंग
D. अंतः संवेदी अंग
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें

Correct Answer: (b) केवल A और B
Solution:न्याय के अनुसार वाह्य पदार्थों का आभास दृश्य और संवेदी अंगों के द्वारा होता है।

42. वैदिक साहित्य में ऋत की समानता किसके साथ है?

Correct Answer: (c) सत्य और धर्म दोनों
Solution:

वैदिक साहित्य में ऋत् की समानता सत्य और धर्म दोनों से की गई है। वैदिक साहित्य में 'ऋत्' सही, सनातन प्राकृतिक व्यवस्था और संतुलन के सिद्धांत को कहते हैं। अर्थात वह तत्व जो पूरे संसार और ब्रह्माण्ड को धार्मिक स्थिति में रखे या लाए। वैदिक संस्कृत में इसका ठीक से अर्थ है- जुड़ा हुआ, सत्य, सही या सुव्यवस्थित। यह हिन्दू धर्म का एक मूल सिद्धान्त है।

43. नीचे दो कथन दिए गए है: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है

अभिकथन (A): मध्य के अनुसार जीव (जीवात्मा) ब्रह्म के समान नहीं है।
कारण (R) जीव (जीवात्मा) अपने अस्तित्व (सत्ता) ज्ञान (प्रमिति ) और क्रिया के लिए पूर्ण रूप से ब्रह्म पर आश्रित होता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निन्मांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

मध्वाचार्य ने जीव (जीवात्मा) को ब्रह्म के समान नहीं माना है। इसका कारण यह है कि जीवात्मा अपने अस्तित्व, ज्ञान और क्रिया के लिए पूर्णरूपेण ब्रह्म पर आश्रित है। मध्वाचार्य ने तर्क दिया की जो आश्रित है वह आश्रय देने वाले के समान कैसे हो सकता है? अतः कथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य है तथ कारण द्वारा कथन की व्याख्या की जा रही है।

44. प्लेटो के दर्शन में ईश्वर की स्थिति क्या है?

Correct Answer: (c) ईश्वर प्रत्यय के जैसा है
Solution:

प्लेटो के दर्शन में ईश्वर प्रत्यय के जैसा है। प्लेटो ने ईश्वर को पूर्णता का अंश कहा। उन्होंने कहा कि वह सरल और शुद्ध है वह कूटस्थ और नित्य है। उसका स्वभाव सदैव एक रूप सा है। नित्यता, शुद्धता, स्वप्रतिष्ठा, और पूर्णता आदि उसकी विशेषताएँ हैं। यह सब विशेषताएँ उसी वस्तु में पाई जाती हैं जो वस्तुतः सत्य है अतः ईश्वर पूर्णरूपेण सत्य है। प्लेटो ने इसी तरह की परिभाषा प्रत्यय की भी दी है।

45. निम्नलिखित में से कौन-सा एक तर्कवाक्यों के मध्य संबंध को दर्शाता है?

कुछ कलम लाल हैं
कुछ कलम लाल नहीं हैं

Correct Answer: (d) उप-विपरीतार्थक
Solution:

'उपविपरीतार्थक' (Sub-Contrary) संबंध प्रश्नगत तर्क वाक्यों के मध्य पाया जाता है।

46. सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए:

 सूची - I सूची - II
A. बौद्ध धर्मI. साधन-चतुष्टय
B. योगII. पंच महाव्रत
C. जैन धर्मIII. द्वादशनिदान
D. अद्वैत वेदांतIV. पंचक्लेश

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c) A -III, B- IV, C- II, D- I
Solution:

सही सुमेल निम्नलिखित हैं-

सूची - Iसूची - II
A. बौद्ध धर्मIII. द्वादशनिदान
B. योगIV. पंचक्लेश
C. जैन धर्मII. पंच महाव्रत
D. अद्वैत वेदांतI. साधन-चतुष्टय

47. एक प्रत्यय दूसरे प्रत्यय का प्रत्यक्ष नहीं कर सकता है। इसलिए प्रत्ययों के प्रत्यक्ष हेतु एक आत्मा होनी चाहिए। 'यह किसका मत है?

Correct Answer: (c) बर्कले
Solution:

"एक प्रत्यय दूसरे प्रत्यय का प्रत्यक्ष नहीं कर सकता है। इसलिए प्रत्ययों के प्रत्यक्ष हेतु एक आत्मा होनी चाहिए।” यह कथन बर्कले का है। बर्कले अनुभववादी दार्शनिक हैं। बर्कले कहते हैं कि आत्मा और उसके विज्ञानों के अतिरिक्त कोई सत्ता नहीं है। हमारे विज्ञान ही सत्य वस्तुएं है, इनकी सत्ता आत्मा से बाहर नहीं हैं, आत्मा ही इनका प्रत्यक्ष करती है।

48. इमैनुअल कांट के लिए कौन सा सहायक नहीं है?

Correct Answer: (c) यह सिद्ध करना कि तर्क सब कुछ था
Solution:

काण्ट ने ह्यूम के संशयवाद को सीमित किया। काण्ट समीक्षावादी दार्शनिक हैं। इन्होंने बुद्धिवाद और अनुभववाद की सीमाओं से बचते हुए ज्ञान की परिभाषा 'संश्लेषणात्मक प्रागनुभविक निर्णयों की व्यवस्था के रूप में दी। बुद्धिवादियों ने परिकल्पनात्मक तत्वमीमांसा के रूप में कई काल्पनिक सत्ताओं को स्वीकार किया था जबकी ह्यूम जैसे प्रखर अनुभववादियों ने आत्मा, जगत और ईश्वर की सत्ता पर संदेह किया था। काण्ट के अनुसार इन क्षेत्रों में ज्ञान की संभावना है ही नहीं अतः इसका समर्थन या विरोध ज्ञानात्मक आधार पर नहीं हो सकता।

49. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): वेद ईश्वर के अस्तित्व का आधार नहीं हो सकते हैं
कारण (R): ईश्वर वेदों के लेखक हैं।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों

Correct Answer: (d) (A) सही नहीं है परन्तु (R) सही है।
Solution:

प्रश्नगत कथन (A) गलत है जबकि कारण (R) सही है भारतीय वैचारिक, दार्शनिक परंपरा में वेदों को ईश्वरीय अस्तित्व का आधार माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि वेदों की रचना ईश्वर ने की है।

50. निम्नलिखित में से क्या शक्तिग्रह का साधन नहीं है?

Correct Answer: (b) सामान्यलक्षणप्रत्यक्ष
Solution:

'सामान्य लक्षण प्रत्यक्ष' शक्ति ग्रह का साधन नहीं है। यह न्याय दर्शन के प्रत्यक्ष के एक भाग अलौकिक प्रत्यक्ष का एक वर्गीकरण है। इसके अनुसार "विशेष वस्तुओं के प्रत्यक्षीकरण के आधार पर उनमें निहित जाति का प्रत्यक्ष ही सामान्य लक्षण प्रत्यक्ष है।
जैसे- राम, श्याम आदि मनुष्य एक दूसरे से भिन्न है फिर भी राम को देखते ही कहते हैं की यह 'मनुष्य' है। इसका कारण यह है की राम के प्रत्यक्षीकरण में 'मनुष्यत्व' का प्रत्यक्षीकरण होता है।