Solution:अनुमान द्वारा 'असाधारण सव्यभिचार' की प्रतिबद्धता है। जब हेतु केवल पक्ष में रहता है परन्तु सपक्ष और विपक्ष में नहीं जैसे- भूमि नित्य है, क्योंकि इसमें गन्ध है। इसमें गन्ध हेतु केवल पक्ष (भूमि) में है। यह हेतु जहाँ साध्य का नित्य होना निश्चित है जैसे-आकाश आदि में नहीं रहता और जहाँ साध्य के अभाव का होना, अनित्य होना निश्चित है जैसे- जल आदि विपक्ष में नहीं है।