यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2021 जून-2022 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

71. सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए:

सूची - Iसूची - II
A. क्रिया-प्रतिक्रियावादI. ह्यूम
B. सामांतरवादII. डेकार्ट
C. पूर्वस्थापित सामंजस्यIII. स्पिनोजा
D. संशयवादIV. लाइबनिज

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) A- II, В - III, C- IV, D-I
Solution:

सही सुमेल निम्नलिखित है-

सूची - Iसूची - II
A. क्रिया-प्रतिक्रियावादII. डेकार्ट
B. सामांतरवादIII. स्पिनोजा
C. पूर्वस्थापित सामंजस्यIV. लाइबनिज
D. संशयवादI. ह्यूम

72. कोटिबद्ध न्यायवाक्य की आकृतियाँ किस आधार पर निर्धारित होती हैं?

Correct Answer: (c) आधारवाक्य में मध्यपद की स्थिति पर
Solution:

73. निम्नलिखित में से कौन चातुर्वर्ण्य परंपरा के समर्थक हैं

A. एम. के गाँधी
B. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
C. नारायण गुरू
D. दीनदयाल उपाध्याय
नीच दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (c) केवल A, B और D
Solution:

चतुर्वर्ण्य परंपरा के समर्थकों में एम. के. गांधी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, तथा दीनदयाल उपाध्याय हैं जबकी नारायण गुरू चातुर्वर्ण्य परंपरा के विरोधी थे।

74. हीगल से क्या असंगत है?

Correct Answer: (d) निरपेक्ष एक मिथक है
Solution:

"निरपेक्ष एक मिथक है।" यह हीगल के असंगत है। निम्नलिखित हीगेल के सुसंगत है-
(i) विरोधाभास समग्र जीवन और गति का मूल है।
(ii) प्रत्येक वस्तु की प्रवृत्ति अपने विरूद्ध बदलने की है।
(iii) जैसे बीज अपने विरूद्ध होते हुए अपना अतिक्रमण करता है। हीगेल का दर्शन निरपेक्ष प्रत्ययवाद कहलाता है। प्रत्ययवाद उस सिद्धांत को कहते हैं जिसके अनुसार अंतिम सत्ता अंतिम तत्व की नहीं बल्कि प्रत्यय की है निरपेक्ष का अर्थ ऐसे तत्व से है जिसको अपनी सत्ता और ज्ञान के लिए किसी अन्य की अपेक्षा नही है जो स्वयंभू स्वतंत्र है हीगेल मानता है की तात्विक दृष्टि से केवल एक प्रत्यय की सत्ता है जो पूर्णतया निरपेक्ष है।

75. निम्नलिखित में से कौन-सा एक चतुर्थ आकार में विन्यास का सही संयोजन है?

Correct Answer: (d) केमेनेस, दिमारिस और फ्रेसिसान
Solution:

चतुर्थ आकार में विन्यास का सही संयोजन इस प्रकार है-
BRAMANTIP → CAMENES → FESAPO → DIMARIS → FRESISON

76. इकबाल की अंतः प्राज्ञ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन I - अंतः प्रज्ञा सत् का अपरोक्ष ज्ञान है।
कथन II - अंतःप्रज्ञा हृदय का गुण है
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सत्य है
Solution:

मुहम्मद इकबाल के अनुसार अंतः प्रज्ञा की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-
(i) यह सत का अपरोक्ष ज्ञान है।
(ii) यह हृदय का गुण है।
इस प्रकार कथन (1) और कथन (ii)दोनों सत्य है।

77. सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए:

सूची - Iसूची - II
A. कारण की उपस्थिति में कार्य की उत्पत्ति होती हैI. वैशेषिक
B. कार्य की उत्पत्ति उसके कारण की अनुपस्थिति में होती हैII. अद्वैत वेदांत
C. कार्य उत्पत्ति-पूर्व अपने कारण में पूर्व-विद्यमान होता हैIII. बौद्ध
D. कार्य वास्तविक नहीं है, परंतु कारण वास्तविक हैIV. सांख्य

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) A- I, В - III, C - IV, D - II
Solution:

सही सुमेल निम्नलिखित है-

सूची - Iसूची - II
A. कारण की उपस्थिति में कार्य की उत्पत्ति होती हैI. वैशेषिक
B. कार्य की उत्पत्ति उसके कारण की अनुपस्थिति में होती हैIII. बौद्ध
C. कार्य उत्पत्ति-पूर्व अपने कारण में पूर्व-विद्यमान होता हैIV. सांख्य
D. कार्य वास्तविक नहीं है, परंतु कारण वास्तविक हैII. अद्वैत वेदांत

78. निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रासंगिकता दोष की कोटि में आता है?

Correct Answer: (d) प्रश्नापेच्छा
Solution:

'प्रश्नापेच्छा' प्रासंगिकता कोटि की दोष में आता है। ऐसी सभी युक्तियों के तार्किक रूप से आधार वाक्य अपने निष्कर्ष के लिए अप्रासंगिक होते है तब यह तर्कदोष होता है। दूसरे शब्दों में वे दोष जो भाषा पर आश्रित नहीं है, प्रासंगिकता दोष कहे जाते हैं।

79. सूची - I की सूची - II से सुमेलित कीजिए:

List IList II
A. आत्मा सक्रिय और सचेतन हैI. अद्वैत वेदांत
B. आत्मा अक्रिय और सचेतन हैII. सांख्य
C. आत्मा ही शरीर हैIII. वैशेषिक
D. आत्मा ही ज्ञान हैIV. चार्वाक

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c) A - III, B - II, C - IV, D- I
Solution:
सूची - Iसूची - II
A. आत्मा सक्रिय और सचेतन हैIII. वैशेषिक
B. आत्मा असक्रिय और सचेतन हैII. सांख्य
C. आत्मा ही शरीर हैIV. चार्वाक
D. आत्मा ही ज्ञान हैI. अद्वैत वेदांत

80. निम्नलिखित पर विचार कीजिए और अष्टांग योग के बहिरंग अवयव को वर्णित करने वाले कूट को चुनियेः

A. यम, नियम, आसन
B. ध्यान, धारणा
C. प्राणायाम, प्रत्याहार
D. धारणा, ध्यान, समाधि
नीचे दिए गए विकल्पों में से उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल A और C
Solution:

योग दर्शन के अनुसार योग के आठ अंग हैं- (i) यम (ii) नियम (iii) आसन (iv) प्राणायाम (v) प्रत्याहार (vi) धारणा (vii) ध्यान (viii) समाधि। इसमें यम, नियम, आसन, प्राणायाम तथा प्रत्याहार बहिरंग अवयव हैं तथा ध्यान, धारणा एवं समाधि अंतरंग अवयव हैं।