यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021 जून 2022 राजनीति विज्ञान (Political Science) (SHIFT-I)

Total Questions: 100

91. गद्यांश को पढ़िए एवं प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक 2019, की विषय वस्तु वैश्वीकरण 4.0 थी। वैश्वीकरण 1.0 वर्ष 1820 में आरंभ हुआ एवं प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ में समाप्त हुआ। वैश्वीकरण 2.0 द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आरंभ हुआ और वर्ष 1990 के आस-पास समाप्त हुआ। ये दोनों प्राचीन वैश्वीकरण कहलाते हैं।

प्राचीन वैश्वीकरण विशेष तौर पर वर्तमान धनी राष्ट्रों के लिए हितकारी था। जी- 7 ने प्राचीन वैश्वीकरण के दौरान वर्तमान निर्धन राष्ट्रों की तुलना में निर्यात, आय एवं उद्योग में तीव्र वृद्धि दर्ज की जिसके कारण एक इतिहासकार केन्नेथ पोमरेन्ज इसे विशाल अपसरण कहते हैं। वैश्वीकरण 3.0 को नव वैश्वीकरण कहा गया था। इस 'नव वैश्वीकरण' या वैश्वीकरण 3.0 ने वैश्विक आय (जीडीपी) साझेदारी पर प्रभावशाली ढंग से पृथक प्रभाव डाला है।

मात्र 20 वर्षों में, विश्व जीडीपी में जी-7 की साझेदारी 50% और व्यापार की साझेदारी 32% तक घट गयी है। यह प्रवृत्ति, जिसे 'विशाल अभिसरण' कहा जा सकता है, निसंदेह पिछले 20 या 30 वर्षों की महत्वपूर्ण आर्थिक वास्तविकता है। वैश्विक विनिर्माण के परिदृश्य का क्या हुआ? जी-7 राष्ट्रों की वर्ष 1970 और 1990 के बीच क्रमशः साझेदारी की क्षति हुई, वर्ष 1990 से आगे भी अभिसरित गिरावट जारी रही।

विनिर्माण कहाँ हुआ? मात्र छह विकासशील देशों, जिन्हें हम 'तीव्रतापूर्वक औद्योगीकृत होते 6' या आई-6 कह सकते हैं को इसका बड़ा भाग मिला। आई-6 में चीन, कोरिया, भारत, पोलैण्ड, इंडोनेशिया और थाईलैण्ड शामिल हैं। मात्र बीस वर्षों में इसने विश्व विनिर्माण का लगभग 16 प्रतिशत अंश प्राप्त कर लिया है। वैश्वीकरण 4.0 ए.आई.क्लाउड कंप्यूटिंग आदि जैसी तीक्ष्ण नयी प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित है।

ये प्रौद्योगिकियाँ दूरियों को संकुचित कर रही हैं, सीमाओं तथा मस्तिष्क को खोल रही हैं और विश्व के सभी लोगों को समीप ला रही हैं। ये प्रौद्योगिकियाँ अपने कार्य की प्रकृति को बदल रही हैं जहाँ श्रमिकों की भौतिक उपस्थिति आवश्यक नहीं होगी। ऐसे श्रमिकों को टेलीमाइग्रेन्ट व्यक्ति कहा गया है, जो किसी विकसित देश में स्थित कंपनी में कार्य करने के दौरान दूसरे विकासशील देश में रहते हैं।

विशाल अपसरण पद किससे संबंधित है: 

(A) वैश्वीकरण 1.0
(B) वैश्वीकरण 2.0
(C) वैश्वीकरण 3.0
(D) वैश्वीकरण 4.0

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A और B
Solution:

वैश्वीकरण 1.0 वर्ष 1820 में आरम्भ हुआ एवं प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ में समाप्त हुआ। वैश्वीकरण 2.0 द्वितीय विश्वा युद्ध के बाद आरंभ हुआ और वर्ष 1990 के आस-पास समाप्त हुआ। ये दोनों प्राचीन वैश्वीकरण कहलाते हैं। प्राचीन वैश्वीकरण विशेष तौर पर वर्तमान धनी राष्ट्रों के लिए हितकारी था।

जी-7 ने प्राचीन वैश्वीकरण के दौरान वर्तमान निर्धन राष्ट्रों की तुलना में निर्यात, आय एवं उद्योग में तीव्र वृद्धि दर्ज की जिसके कारण एक इतिहासकार केन्नेय पोमरेन्ज इसे विशाल अपसरण कहते हैं।

92. 'टेलीमाइग्रेन्ट्स' पद किस वैश्वीकरण से संबंधित है:

Correct Answer: (d) 4.0
Solution:

वैश्वीकरण 4.0 ए.आई. क्लाउड कम्प्यूटिंग आदि जैसी तीक्षण नयी। प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित है। ये प्रौद्योगिकियाँ दरियाँ दुरियों को संकुचित कर रही है; सीमाओं तथा मस्तिष्क को खोल रही हैं और विश्व के सभी लोगों को समीप ला रही है।

ये प्रौद्योगिकियाँ अपने कार्य की प्रकृति को बदल रहीं हैं जहाँ श्रमिकों की भौतिक उपस्थिति आवश्यक नहीं होगी। ऐसे श्रमिकों को टेलीमाइग्रेन्टस व्यक्ति कहा गया है, जो किसी विकसित देश में स्थित कम्पनी में कार्य करने के दौरान दूसरे विकासशील देश में रहते हैं।

93. विश्व की आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक 2019 निम्नलिखित देशों में से कहाँ आयोजित हुई थी?

Correct Answer: (c) स्विट्जरलैण्ड
Solution:

विश्व की आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक 2019 में स्विट्जरलैण्ड के दावोस शहर में हुई।

• यह विश्व आर्थिक फोरस का 53वाँ संस्करण है।

• 53वाँ संस्करण के बैठक की थीम कोऑपरेशन इन फ्रैगमेंटेड वर्ल्ड "विभाजित दुनिया में सहयोग" है। ए विश्व आर्थिक मंच सार्वजनिक निजी सहयोग हेतु एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है,
जिसका उद्देश्य विश्व के प्रमुख व्यावसायिक, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति शिक्षाविदो, बुद्धिजीवियों तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों अग्रणी लोगों के लिए एक मंच के रूप में काम करना है। यह स्विट्जरलैण्ड में स्थित एक गैरलाभकारी संस्था है और इसको मुख्यालय जिनेवा में है।

• World Economic Forum की स्थापना 1971 में यूरोपियन प्रबंधन के नाम से हुई।

94. सूची- I को सूची- II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) आई-6(I) इटली
(B) वैश्वीकरण 3.0(II) वैश्वीकरण 4.0
(C)  जी-7(III) चीन
(D) रिमोट वर्किंग का विकसित होना(IV) जव वैश्वीकरण
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I सूची-II
(A) आई-6(III) चीन
(B) वैश्वीकरण 3.0(IV) जव वैश्वीकरण
(C)  जी-7(I) इटली
(D) रिमोट वर्किंग का विकसित होना(II) वैश्वीकरण 4.0

95. नीचे दो कथन दिए गए हैं:

कथन I : वैश्वीकरण 2.0 प्रथम विश्व युद्ध के बाद आरंभ हुआ और 1990 के आस-पास समाप्त हुआ।
कथन II : वैश्वीकरण 2.0 यूएन आई एम एफ और विश्व बैंक की स्थापना का गवाह बना।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
Solution:

कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
• वैश्वीकरण 2.0 द्वितीय विश्वयुद्ध के अंत में आरंभ हुआ और 1990 के आस-पास समाप्त हुआ।
• UN IMF एवं विश्व बैंक की स्थापना वैश्वीकरण 2.0 का गवाह बनी।

96. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके आधार पर प्रश्न से 96 से 100 के उत्तर दीजिए।

सुशासन की 8 प्रमुख विशेषताएँ हैं। यह सहभागितापूर्ण आम सहमति उन्मुख, जवाबदेही, पारदर्शी, उत्तरदायी, प्रभावी और कुशल साम्यतापूर्ण और समावेशी होता है और इसमें विधि के शासन का अनुसरण किया जाता है। इसमें इस बात का आश्वासन दिया जाता है कि भ्रष्टाचार का परिमाण न्यूनतम हो, अल्पसंख्यक वर्ग के दृष्टिकोण व मत पर विचार किया जाए और इसके साथ-साथ निर्णय लेने की प्रक्रिया में समाज के सबसे दुर्बल व्यक्ति की भी सुनवाई हो। इसमें समाज के वर्तमान और भावी अपेक्षाओं के प्रति भी उत्तरदायित्व निहित होता है। पुरुष और महिला दोनों की भागीदारी सुशासन की आधारशिला है। भागीदारी या तो प्रत्यक्ष हो सकती है या विधिक मध्यवर्ती संस्थाओं या प्रतिनिधियों के माध्यम से हो सकती है।

यहाँ यह उल्लेख करना महत्त्वपूर्ण है कि प्रतिनिध्यात्मक लोकतंत्र से अनिवार्यतः यह अभिप्रेत नहीं है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में समाज के सबसे दुर्बल वर्गों की चिन्ताओं पर विचार किया जाएगा। भागीदारी को संसूचित और संगठित होने की आवश्यकता है। जहाँ एक ओर इसका अभिप्राय संगठन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, वहीं दूसरी और इससे संगठित नागरिक समाज (सिविल सोसायटी) अभिप्रेत है। सुशासन में ऐसी निष्पक्ष रूपरेखा अपेक्षित होती है जिन्हें निष्पक्ष रूप से प्रवर्तन में लाया जाए। इसमें मानवाधिकारों विशेष रूप से अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का पूर्ण संरक्षण अपेक्षित होता है। विधियों के निष्पक्ष प्रवर्तन में स्वतंत्र न्यायपालिका और निष्पक्ष एवं सच्चरित्र पुलिस बल की भी अपेक्षा की जाती है।

पारदर्शिता का अभिप्राय है कि लिए गए निर्णय तथा उनका प्रवर्तन इस रीति से किया जाए जिसमें नियमावली और विनियमों का अनुसरण किया जाए। इसका तात्पर्य यह भी है। कि सूचना निर्वाध उपलब्ध हो और इस तरह के निर्णय और उनके प्रवर्तन से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों के प्रत्यक्ष रूप से अभिगम्य हो। इससे यह भी अभिप्रेत है कि पर्याप्त सूचना प्रदान की जाए और यह सुगमतापूर्वक बोधगम्य रूपों और माध्यमों में प्रदान की जाए। सुशासन में अपेक्षा की जाती है कि संस्था और प्रक्रियाओं के माध्यम से सभी हितधारकों की उचित समयसीमा के भीतर सेवा करने का प्रयास किया जाए।

किसी भी समाज विशेष में अनेकों कार्यकर्ता और बहुत से दृष्टिकोण विद्यमान होते हैं। सुशासन से पूरे समुदाय के सर्वोत्तम हित में समाज में व्यापक सहमति बनाने के लिए समाज में विभित्र हितों का हस्तक्षेप अपेक्षित होता है साथ ही इन हितों की प्राप्ति के तरीकों का भी उल्लेख किए जाने की अपेक्षा की जाती है। इसमें संधारणीय मानव विकास के लिए अपेक्षित व्यापक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य तथा इस तरह के विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के साधनों का उल्लेख भी अपेक्षित होता है। यह किसी समाज या समुदाय विशेष की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों के बारे में सूझ-बूझ के फलस्वरूप ही संभव हो सकता है।

किसी भी समाज की भलाई (well being) इस बात को सुनिश्चित करने पर निर्भर होती है कि इसके सभी सदस्यों में यह भाव प्रबल हो कि इसमें उनका हित सम्मिलित है और ' समाज की मुख्यधारा से बहिष्कृत महसूस नहीं करते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि सभी समूह विशेष रूप से सर्वाधिक दुर्बल व उपेक्षित समूह के लोगों को अपनी भलाई (Wel being) में सुधार लाने या उसे अक्षुण्ण बनाए रखने के अवसर उपलब्ध हों। सुशासन से अभिप्रेत है कि प्रक्रियाएँ और संस्थान परिणामोत्पादी हों जिनसे संसाधनों का इष्टतम उपयोग करने के क्रम में समाज की अपेक्षाएं पूरी हो। सुशासन के संदर्भ में दक्षता की संकल्पना में प्राकृतिक संसाधनों का संधारणीय उपयोग और पर्यावरण का संरक्षण भी सम्मिलित है।

सुशासन के प्रमुख अभिलक्षणों को चिह्नांकित कीजिए 

(A) समावेशिता
(B) पारदर्शी और प्रत्युत्तरदायी
(C) अभिजनोन्मुख
(D) केवल समाज की वर्तमान आवश्यकताओं पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, B
Solution:विश्व बैंक ने सुशासन के 8 प्रमुख स्तम्भ बताए है।

97. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में:

अभिकथन (A): भागीदारी संसूचित और संगठित होनी चाहिए
कारण (R): प्रतिनिध्यात्मक लोकतंत्र का अभिप्राय यह नहीं है कि समाज का दुर्बल वर्ग निर्णय लेने की प्रक्रिया का अंग होगा।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
Solution:

भागीदारी को संसूचित और संगठित होन की आवश्यकता है। जहां एक ओर इसका अभिप्राय संगठन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, वही दूसरी ओर इससे संगठित नागरिक समाज अभिप्रेत है।

प्रतिनिध्यात्मक लोकतंत्र से अनिवार्यतः यह अभिप्रेत नहीं है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में समाज के सबसे दुर्बल वर्गों की चिन्ताओं पर विचार किया जाएगा।

98. निम्नांकित में से क्या सुशासन के संदर्भ में दक्षता की संकल्पना से संबंधित नहीं है

Correct Answer: (c) समाज की मुख्यधारा से बहिष्करण
Solution:

सुशासन से अभिप्रेत है कि प्रक्रियाएं और संस्थान परिणामोत्पादी हो जिनसे उपलब्ध संसाधनों का इस्टतम् उपयोग करने के क्रम में समाज की अपेक्षाएं पूरी हो। सुशासन के संदर्भ में दक्षता की संकल्पना में प्राकृतिक संसाधनों को संधारणीय उपयोग और पर्यावरण का संरक्षण भी सम्मिलित हैं।

99. निम्नांकित में से कौन सी विशेषताएं अभिलक्षण सुशासन से संबंधित हैं:

(A) निष्पक्ष विधिक रूपरेखा
(B) निष्पक्षता
(C) अल्पसंख्यक वर्ग का संरक्षण
(D) केन्द्रीकृत न्यायपालिका तंत्र

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B, C
Solution:

सुशासन में ऐसी निष्पक्ष रूपरेखा अपेक्षित होती है। जिन्हें निष्पक्ष रूप से प्रवर्तन में लाया जाए। इसमें मानवाधिकारों विशेष रूप से अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार का पूर्ण संरक्षण अपेक्षित होता है। विधियों के निष्पक्ष प्रवर्तन में स्वतंत्र न्यायपालिका और निष्पक्ष एवं सच्चरित्र पुलिस बल की भी अपेक्षा की जाती हैं।

100. पारदर्शिता की व्याख्या किस रूप में नही की जा सकती है?

Correct Answer: (a) सूचना का प्रतिबंधित (सीमित) अभिगम
Solution:

पारदर्शिता का अभिप्राय है कि लिए गए निर्णय तथा उनका प्रवर्तन इस रीति से किया जाए जिसमें नियमावली और विनियमों का अनुसरण किया जाए। इसका तात्पर्य यह भी है कि सूचना निर्बाध उपलब्ध हो और इस तरह के निर्णय और उनके प्रवर्तन से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से अभिगम्य हो। इससे यह भी अभिप्रेत है कि पर्याप्त सूचना प्रदान की जाए और यह सुगमतापूर्वक बौधगम्य रूपों और माध्यमों में प्रदान की जाए।