दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक 2019, की विषय वस्तु वैश्वीकरण 4.0 थी। वैश्वीकरण 1.0 वर्ष 1820 में आरंभ हुआ एवं प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ में समाप्त हुआ। वैश्वीकरण 2.0 द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आरंभ हुआ और वर्ष 1990 के आस-पास समाप्त हुआ। ये दोनों प्राचीन वैश्वीकरण कहलाते हैं।
प्राचीन वैश्वीकरण विशेष तौर पर वर्तमान धनी राष्ट्रों के लिए हितकारी था। जी- 7 ने प्राचीन वैश्वीकरण के दौरान वर्तमान निर्धन राष्ट्रों की तुलना में निर्यात, आय एवं उद्योग में तीव्र वृद्धि दर्ज की जिसके कारण एक इतिहासकार केन्नेथ पोमरेन्ज इसे विशाल अपसरण कहते हैं। वैश्वीकरण 3.0 को नव वैश्वीकरण कहा गया था। इस 'नव वैश्वीकरण' या वैश्वीकरण 3.0 ने वैश्विक आय (जीडीपी) साझेदारी पर प्रभावशाली ढंग से पृथक प्रभाव डाला है।
मात्र 20 वर्षों में, विश्व जीडीपी में जी-7 की साझेदारी 50% और व्यापार की साझेदारी 32% तक घट गयी है। यह प्रवृत्ति, जिसे 'विशाल अभिसरण' कहा जा सकता है, निसंदेह पिछले 20 या 30 वर्षों की महत्वपूर्ण आर्थिक वास्तविकता है। वैश्विक विनिर्माण के परिदृश्य का क्या हुआ? जी-7 राष्ट्रों की वर्ष 1970 और 1990 के बीच क्रमशः साझेदारी की क्षति हुई, वर्ष 1990 से आगे भी अभिसरित गिरावट जारी रही।
विनिर्माण कहाँ हुआ? मात्र छह विकासशील देशों, जिन्हें हम 'तीव्रतापूर्वक औद्योगीकृत होते 6' या आई-6 कह सकते हैं को इसका बड़ा भाग मिला। आई-6 में चीन, कोरिया, भारत, पोलैण्ड, इंडोनेशिया और थाईलैण्ड शामिल हैं। मात्र बीस वर्षों में इसने विश्व विनिर्माण का लगभग 16 प्रतिशत अंश प्राप्त कर लिया है। वैश्वीकरण 4.0 ए.आई.क्लाउड कंप्यूटिंग आदि जैसी तीक्ष्ण नयी प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित है।
ये प्रौद्योगिकियाँ दूरियों को संकुचित कर रही हैं, सीमाओं तथा मस्तिष्क को खोल रही हैं और विश्व के सभी लोगों को समीप ला रही हैं। ये प्रौद्योगिकियाँ अपने कार्य की प्रकृति को बदल रही हैं जहाँ श्रमिकों की भौतिक उपस्थिति आवश्यक नहीं होगी। ऐसे श्रमिकों को टेलीमाइग्रेन्ट व्यक्ति कहा गया है, जो किसी विकसित देश में स्थित कंपनी में कार्य करने के दौरान दूसरे विकासशील देश में रहते हैं।
विशाल अपसरण पद किससे संबंधित है:
(A) वैश्वीकरण 1.0
(B) वैश्वीकरण 2.0
(C) वैश्वीकरण 3.0
(D) वैश्वीकरण 4.0
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Correct Answer: (b) केवल A और B
Solution:वैश्वीकरण 1.0 वर्ष 1820 में आरम्भ हुआ एवं प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ में समाप्त हुआ। वैश्वीकरण 2.0 द्वितीय विश्वा युद्ध के बाद आरंभ हुआ और वर्ष 1990 के आस-पास समाप्त हुआ। ये दोनों प्राचीन वैश्वीकरण कहलाते हैं। प्राचीन वैश्वीकरण विशेष तौर पर वर्तमान धनी राष्ट्रों के लिए हितकारी था।
जी-7 ने प्राचीन वैश्वीकरण के दौरान वर्तमान निर्धन राष्ट्रों की तुलना में निर्यात, आय एवं उद्योग में तीव्र वृद्धि दर्ज की जिसके कारण एक इतिहासकार केन्नेय पोमरेन्ज इसे विशाल अपसरण कहते हैं।