Solution:प्रश्नगत विकल्पों का सम्बन्ध बौद्ध दर्शन के प्रतीत्य समुत्पाद सिद्धान्त से है। भूत, वर्तमान और भविष्य की दृष्टि से प्रतीतत्य समुत्पाद के जो भेद किए गए हैं, उन्हें इस प्रकार स्पष्ट किया जा सकता है-
अतीत जीवन से - (1) अविद्या, (2) संस्कार, (3) विज्ञान, (4) नामरूप, (5) षडायतन
वर्तमान जीवन से - (1) स्पर्श, (2) वेदना, (3) तृष्णा, (4) उपादान, (5) भव
भावी जीवन से- (1) जाति, (2) जरामरण
उपर्युक्त व्याख्या से स्पष्ट है कि सही विकल्प BACD होगा।