यू.जी.सी. NTA नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020 जून-2021 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY) (Shift – 1)

Total Questions: 100

61. इन पुस्तकों का लेखक कौन है-1) डिस्कोर्स ऑन मेथड और II) मिडिटेशन्स

Correct Answer: (b) देकार्ते
Solution:

'डिस्कोर्स ऑन मेथड' तथा 'मिडिटेशन्स' के लेखक 'देका ' हैं। देकार्ते एक बुद्धिवादी दार्शनिक हैं। इनकी ख्याति दर्शन और गणित के विद्वान के रूप में है। इनका जन्म फ्रांस में हुआ था।

62. सकरात्मक कार्य के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से क्या सही नहीं है?

Correct Answer: (a) यह नस्ल, लिंग और जाति के आधार पर अवसर का समर्थन नहीं करता है।
Solution:

सकारात्मक कार्य के संदर्भ में निम्नलिखित बातें सत्य हैं-
(i) परिभाषित वंचित समूहों के अवसरों का संवर्धन इसका उद्देश्य है।
(ii) यह अतीत में भेदभाव की भरपाई को उचित ठहराता है।
(iii) यह वंचित अल्पसंख्यकों को समानता प्रदान करता है।
(iv) सकारात्मक कार्य द्वारा, किसी व्यक्ति की जाति, राष्ट्रीयता, भाषा लिंग, धर्म, यौन अभिविन्यास या सम्बद्धता के आधार पर भेदभाव को दूर किया जाता है।

63. जैसा कि आचार शास्त्र और नैतिकता की शास्त्रीय भारतीय अवधारणा के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा सिद्धांत कर्म सिद्धांत के बारे में सही है?

A. कर्म सिद्धांत का सबसे सामान्य अभिप्राय यह है। कि प्रत्येक कर्म, अच्छा या बुरा, का एक निश्चित फल या परिणाम होता है जिससे उस कृत्य का कर्ता बच सकता है या अपने कर्मों से ऊपर उठ सकता है।
B. कर्म के सिद्धांत को धार्मिक सन्दर्भ में नैतिक जरूरत के रूप में देखा जाता है।
C. यह मनुष्य में नैतिक दायित्व के सवाल का उत्तर देने का प्रयास है।
D. तत्व मीमांसा के तौर पर यह भौतिक करण कार्य सिद्धांत के सिद्धांत पर आधारित है जिसके अनुसार प्रत्येक परिणाम का पूर्व कारण होता है।
E. यह एक प्रकार के कारण कार्य सिद्धांत का भौतिक क्षेत्र से नैतिक क्षेत्र तक वाग्विस्तार या विस्तार है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (d) केवल B, C, D और E
Solution:

नैतिकता की शास्त्रीय भारतीय अवधारणा के अनुसार कर्म सिद्धांत के बारे में निम्नलिखित बातें सत्य हैं-
(i) कर्म के सिद्धान्त को धार्मिक संदर्भ में नैतिक जरूरत के रूप में देखा जाता है।
(ii) कर्म का सिद्धांत मनुष्य को नैतिक रूप से उत्तरदायी ठहराता है।
(iii) तत्वमीमांसीय विश्लेषण के अनुसार कर्म सिद्धान्त कार्य कारण सिद्धांत पर आधारित है किसी भी कार्य का कारण होता है।
(iv) कर्म सिद्धांत एक प्रकार से भौतिक से नैतिक क्षेत्र तक का विस्तार है।

64. 'हम समझते हैं कि हम स्वतंत्र अभिकर्ता हैं, यह भ्रम के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं हैं- "यह किसका विचार है?

Correct Answer: (d) स्पिनोजा
Solution:

'हम समझते हैं कि हम स्वतंत्र अभिकर्ता हैं, यह भ्रम के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है।' यह विचार स्पिनोजा का है। स्पिनोजा बुद्धिवादी दार्शनिक हैं। द्रव्य गुण और पर्याय स्पिनोजा दर्शन के आधार स्तम्भ है।

65. वैदिक दर्शन के सन्दर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिए और सही कथनों को दर्शाने वाले कूट का चयन कीजिए।

A. ऋग्वेद का ऋत्विक होता कहा जाता है।
B. ब्रह्मचर्य द्वारा ऋषि ऋण को चुकाया जा सकता है
C. ऋत न केवल प्राकृतिक घटना बल्कि आकाशीय पिंडों को भी विनियमित करता है।
D. ऋत सत्य से सम्बन्धित है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (d) केवल A, B, C और D
Solution:

ऋग्वैदिक दर्शन के ऋग्वेद के ऋत्विक को होता कहा जाता था। होता का मुख्य कार्य यज्ञीय कार्यों को सम्पन्न कराना तथा मंत्रोच्चार करना था। भारतीय दार्शनिक परंपरा कुल तीन प्रकार के ऋणों का विधान करती है। (1) पितृ ऋण (2) देव ऋण (3) ऋषि ऋण। ऋषि ऋण को ब्रह्मचर्य का पालन करके चुकाया जा सकता है। ऋत नियम के द्वारा वैदिक ऋषि विश्व की नैतिक व्यवस्था की व्याख्या करते थे।
इस नियम के कारण ही सूर्य, चन्द्रमा, पृथ्वी, प्रातःकाल, दिन और रात की गति का नियमन होता है। ऋत का यही नियम उपनिषद दर्शन में 'कर्मवाद' में रूपांतरित हो जाता है। वैदिक दर्शन में ऋत को सत्य से सम्बन्धित किया गया है।

66. "इस ब्रह्माण्ड में घटनाएं ईश्वर द्वारा इस प्रकार पूर्व आयोजित हैं कि हर जगह शांति और सौहार्द्र है" - इस विचार को कौन मानता है?

Correct Answer: (c) लिनिज
Solution:

'इस ब्रह्माण्ड में घटनाएं ईश्वर द्वारा इस प्रकार पूर्व आयोजित हैं कि हर जगह शांति और सौहार्द्र है' यह विचार लिब्नित्ज का है। लिब्नित्ज के अनुसार ईश्वर सृष्टिकर्ता है। उन्होंने संपूर्ण चिदणुओं की सृष्टि करके उसमें सामंजस्य स्थापित कर दिया है। सृष्टि का विकास क्रम ईश्वर द्वारा पहले ही निर्धारित हो चुका है।

67. "हम नहीं जानते हैं कि ईश्वर द्वारा सृजित वस्तुओं के कुल चयन में भूकंप और वैश्विक महामारी जैसी घटनाओं का स्थान है" यह किसे स्वीकार्य है?

Correct Answer: (c) लाइबनित्ज
Solution:

लाइबनित्ज ने अपनी पुस्तक 'फिलॉस्फर्स कन्फेसन' और 'थियोडसी' में अशुभ की समस्या पर ध्यान केन्द्रित किया है। लाइबनिज एक बुद्धिवादी दार्शनिक थे उनका कहना था कि "हम नहीं जानते कि ईश्वर द्वारा सृजित कुल वस्तुओं के चयन में भूकंप और महामारी जैसी वैश्विक घटनाओं का स्थान है।"

68. श्रेणीबद्ध न्याय वाक्य के गुण के अभिगृहीत के अनुसार :

Correct Answer: (c) यदि एक आधार वाक्य नकारात्मक है, तो निष्कर्ष नकारात्मक ही होगा
Solution:

श्रेणीबद्ध न्याय वाक्य में यदि एक आधार वाक्य नकारात्मक है तो निष्कर्ष भी नकारात्मक ही होगा। जैसे- कुछ मानव निर्मित उपग्रह अमरीकी आविष्कार नहीं है। मानव निर्मित सभी उपग्रह महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियाँ है। अतः महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियाँ अमरीकी आविष्कार नहीं है।

69. निम्नलिखित में से कौन सुमेलित नहीं है?

Correct Answer: (c) अति बहुलतावाद - डेविड म
Solution:

सही सुमेल इस प्रकार है-

सिद्धांतदार्शनिक
समालोचनात्मक दर्शन शास्त्रकांट
दृश्यते इति वर्ततेबर्कले
तर्क बुद्धिवाददेकार्त
अति बहुलतावादफ्रैंक कर्निंगम

70. निम्नलिखित में से किसका विचार है कि पृथ्वी जल पर बहती हुई चपटी डिस्क है?

Correct Answer: (d) थेल्स
Solution:

थेल्स की गणना ग्रीक के महान दार्शनिक में की जाती है। इनके अनुसार विश्व का परमतत्व जल है। सृष्टि की उत्पत्ति और प्रलय दोनों जल में ही है। जल बिन्दु रूप से सबका जनक है। सृष्टि की उत्पत्ति जल में है और जल के ऊपर ही इसकी स्थिति है।