Solution:निरूपाधिक तर्कवाक्य चार प्रकार के होते हैं। प्रत्येक तर्कवाक्य के मानक आकार में 'उद्देश्य' एवं 'विधेय' दो पद होते हैं। 'परिमाणक' से वाक्य का प्रारम्भ (सभी, कोई, कुछ) होता है। 'है', 'नहीं है' को संयोजक कहते हैं। तर्कवाक्य का 'गुण' उसके 'सकारात्मक' या 'नकारात्मक' होने को कहते हैं। निरूपाधिक तर्क वाक्यों के संदर्भ में निम्नलिखित बातें सत्य हैं-
(i) निरूपाधिक तर्क वाक्यों में, नकारात्मक तर्क वाक्य के विधेय पद वितरित होते हैं।
(ii) निरूपाधिक सकारात्मक तर्क वाक्य के विधेय पद अवितरित होते हैं।
(iii) सार्वभौम तर्क वाक्य के उद्देश्य पद वितरित होते हैं।