Correct Answer: (c) B, A, D, C
Solution:बौद्ध दर्शन में चतुर्थ आर्य सत्य में निर्वाण प्राप्ति के उपाय बताये गये हैं, जिन्हें अष्टांगिक मार्ग के रुप में जाना जाता है। ये मार्ग हैं, क्रमशः- (1) सम्यक् दृष्टि (2) सम्यक् संकल्प (3) सम्यक् वाक् (4) सम्यक् कर्मान्त (5) सम्यक् आजीव (6) सम्यक व्यायाम (7) सम्यक् स्मृति (8) सम्यक् समाधि । जो प्राणी इन मार्गों का पालन करता है वह दुःख से निवृत्ति प्राप्त करता है।