यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020 जून 2021 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY) (Shift – II)

Total Questions: 100

31. कीर्कगार्ड द्वारा आस्था की छलांग किन पदों में व्याख्यायित है?

Correct Answer: (c) गैर बौद्धिक, आवेश-पूर्ण और ईश्वर के प्रति असीमित प्रतिबद्धता
Solution:

सोरेन कीर्कगार्ड जो एक ईश्वरवादी अस्तित्ववादी है, ने कहीं भी आस्था की छलांग (Leap of faith) की बात नहीं की है। इसकी जगह उन्होंने 'गुणों के छलांग' की बात की है। फिर भी उनके विचार इस छलांग से मिलते हैं। इस आधार पर आस्था की छलांग को, गैर-बौद्धिक, आवेशपूर्ण और ईश्वर के प्रति असीमित प्रतिबद्धता के रूप में व्याख्यायित किया जाता है।

32. सार्त्र के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

A. मानव का अस्तित्व केवल अपने आप में होता है।
B. मानव का अस्तित्व केवल अपने लिए होता है।
C. मानव का अस्तित्व दोनों अपने आप में और अपने लिए होता है।
D. चूँकि ईश्वर का अस्तित्व है, इसलिए मानव स्वतंत्र होने के लिए अभिशप्त है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (c) केवल C
Solution:

सार्त्र निरीश्वरवादी अस्तित्ववाद का प्रतिपादन करते हैं। सार्त्र के अनुसार अस्तित्व भाव से पहले है। सात्र के अनुसार मानव चेतना का लक्ष्य आत्म को इस प्रकार अनुभूत करना जैसे वह कोई 'स्व-अस्तित्व' हो। मानव का अस्तित्व दोनों अपने आप में (Being-in-itself) और अपने लिए (Being-for-itself) होता है।

33. हीडेगर द्वारा प्रयुक्त दैनदिन संकल्पना किसके लिए है?

Correct Answer: (b) मानव चिंतनहीन जीवन क्यों जीता है, इसकी व्याख्या करता है।
Solution:

सार्त्र निरीश्वरवादी अस्तित्ववाद का प्रतिपादन करते हैं। सार्त्र के अनुसार अस्तित्व भाव से पहले है। सार्त्र के अनुसार मानव चेतना का लक्ष्य आत्म को इस प्रकार अनुभूत करना जैसे वह कोई 'स्व-अस्तित्व' हो। मानव का अस्तित्व दोनों अपने आप में (Being-in-itself) और अपने लिए (Being-for-itself) होता है।

34. निम्नलिखित में से किसने तर्क दिया कि व्यक्तिनिष्ठता मौलिक रूप से नीतिपरक है और दूसरों के लिए हमारा उत्तरदायित्व ही हमारी व्यक्ति निष्ठता का आधार है?

Correct Answer: (d) नीत्शे
Solution:

इमैनुएल लेविनस के अनुसार, 'व्यक्तिनिष्ठता मौलिक रूप से नीतिपरक है और दूसरों के लिए हमारा उत्तरदायित्व ही हमारी व्यक्तिनिष्ठता का आधार है।' इमैनुएल लेविनास की बौद्धिक परियोजना 'प्रथम दर्शन को विकसित करने की थी। परम्परागत रुप से प्राथमिक दर्शन के अन्तर्गत या तो तत्त्वमीमांसा या धर्मशास्त्र को निरूपित किया जाता था।
केवल हाइडेगर द्वारा परम्परागत सत्तामीमांसा को पुनः प्राप्त किया गया। लेविनास का तर्क है कि नीतिशास्त्र ही ऐसा है जिसके बारे में कल्पना किया जा सकता है।

35. अर्थशास्त्र के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये ?

A. राजनीति का लक्ष्य प्रजा का योगक्षेम और रक्षण करना है।
B. योगक्षेम राज्य का उत्तरदायित्व नहीं है।
C. राज्य के भीतर मत्स्यन्याय पर अंकुश का पक्षधर है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल A और C
Solution:

'अर्थशास्त्र' कौटिल्य की रचना है। यह पुस्तक मुख्य रूप से राजनीति के प्रबन्धन और राजा प्रजा के प्रति उत्तरदायित्व से सम्बन्धित है। 'अर्थशास्त्र' के अनुसार, राजनीति का लक्ष्य प्रजा का योगक्षेम और रक्षण करना है। राज्य में ऐसी स्थिति न आने पाये कि शक्तिशाली अपने से कमजोर पर अत्याचार कर सके। अर्थात् मत्स्यन्याय की स्थिति पर अंकुश लगा सके। राजा का यह कर्तव्य है कि वह अपने राज्य की प्रजा और सीमाओं का बाह्य शत्रुओं से रक्षण करे।

36. निम्नलिखित में किसने उपेक्षा को परम सद्गुण के रूप में माना जाता है?

Correct Answer: (b) कामंदक
Solution:

'कांमदकीय नीतिशास्त्र' कामंदक द्वारा राजनीतिशास्त्र पर लिखी गयी रचना है। यह ग्रन्थ राजनीतिक नैतिकता से सम्बन्धित है। कामंदक 'उपेक्षा' को परम सद्गुण के रुप मे मानते हैं।

37. विधानात्मक सकारात्मक कृत्य (एफेमेटिव एक्शन) का उद्देश्य क्या है।

Correct Answer: (b) ऐतिहासिक असमानताओं के बीच अंतर समाप्त करना
Solution:

सकारात्मक कृत्य (Affirmative Action) वंचित वर्ग अथवा भेदभाव का शिकार हुए लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा जैसे अवसरों में प्रतिनिधित्व देने से सम्बन्धित है। यह एक तरह से सामाजिक-राजनीतिक न्याय से भी सम्बन्धित है। अर्थात् इसका लक्ष्य ऐतिहासिक असमानताओं के बीच अन्तर समाप्त करना है। इसकी शुरूआत सं. रा. अमेरिका से मानी जाती है।

38. निम्नलिखित में से कौन एक पारिस्थितिकीय नारीवाद के संदर्भ में नहीं है?

Correct Answer: (d) यह प्रकृति द्वारा महिलाओं का दमन करने की भूमिका की आलोचना करता है।
Solution:

पारिस्थितिकीय नारीवाद (Eco feminism) सामाजिक एवं राजनीतिक आंदोलन है। यह महिलाओं के ऊपर हुए अत्याचार और शोषण तथा पर्यावरण क्षरण के मध्य गहन सम्बन्ध स्वीकार करता है। पारिस्थितिकीय नारीवाद लैंगिक विभेद, पर्यावरण प्रदूषण, नस्लवाद, रंगभेद, प्रजातिवाद एवं अन्य सामाजिक विषमताओं में गहन अंतर सम्बन्ध स्वीकार करता है। यहां यह प्रश्न ही नहीं उठता कि प्रकृति द्वारा महिलाओं का दमन हो क्योंकि यह प्रकृति और महिलाओं में एक सकारात्मक अन्तर्सम्बन्ध की बात करता है।

39. मार्क्सवाद में विषय और प्रयोजन जो सम्यक रूप में एक साथ रहता है, इसके बीच समस्यात्मक पृथक्करण का संप्रत्यय किस रूप में है।

Correct Answer: (b) विसंबंधन
Solution:

मार्क्सवादी दर्शन का मानवीय चेहरा 1844 में प्रकाशित ग्रन्थ 'इकोनॉमिक एण्ड फिलॉसॉफिकल मैन्युस्क्रिप्टस' में दिखा। इसमें पूंजीवाद का विश्लेषण वर्ग शत्रुता, वर्ग संघर्ष तथा हिंसात्मक क्रान्ति के आधार पर नहीं किया गया है। बल्कि पूंजीवाद की व्याख्या बुरे प्रभावों के अलगाव, पहचान और स्वतंत्रता के खोने के आधार पर की गयी है। अलगाव के सिद्धान्त के चार स्तर हैं- (1) मनुष्य अपने उत्पाद और कार्य प्रक्रिया से अलग-थलग पड़ जाता है। (2) व्यक्ति प्रकृति से अलग हो जाता है, और उसका यांत्रिकीकरण हो जाता है। (3) व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से अलग हो जाता है। और (4) अन्त मे व्यक्ति स्वयं से कट जाता है।

40. चार्ल्स टेलर की मान्यता की राजनीति के अनुसार निम्नलिखित में से कौन एक सही है

Correct Answer: (a) इसने मतभेद की राजनीति का समर्थन किया जो कि इस बात पर बल देता है कि सभी व्यक्ति विशिष्ट पहचान की मान्यता के धारक हैं
Solution:

चार्ल्स टेलर ने, मतभेद की राजनीति का समर्थन किया है। वे उदारवादी Unencumbered self (आभार ग्रस्त स्व) के बजाए, Encumbered self (भार ग्रस्त स्व) को स्वीकार करते हैं। टेलर ने उदारवादियों के तटस्थ राज्य के विचार के प्रयोग का विरोध किया राज्यों को मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए का समर्थन किया।