यू.जी.सी. NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020 जून 2021 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY) (Shift – II)

Total Questions: 100

41. श्रेणीबद्ध तर्कवाक्य के परिमाण के अभिगृहीत के अनुसारः

Correct Answer: (c) मध्य पद आवश्यक रूप से कम से कम एक बार वितरित होगा
Solution:

श्रेणीबद्ध या निरूपाधिक तर्कवाक्य वे होते हैं जो वर्गों (Class) के बारे में कथन होते हैं। निरपेक्ष न्यायवाक्य या Categorical Syllogism वह युक्ति है जिसमें दो आधार वाक्यों से एक निष्कर्ष निगमित किया जाता है। तीनों तर्कवाक्यों में कुल मिलाकर तीन पद क्रमशः मुख्य पद, अमुख्य पद और मध्यम पद होते हैं। निरपेक्ष न्यायवाक्य में मध्यम पद आवश्यक रुप से कम से कम एक बार वितरित होता है। ऐसा न होने पर अव्याप्त अवितरित मध्यम पद दोष होगा।

42. दूसरे आकृति की मनोदशा का निम्नलिखित में से कौन सा एक सही युग्म है?

Correct Answer: (a) कामेस्त्रेस, बरोको, सेसरे और फेस्तिनो
Solution:

न्याय वाक्य के प्रामाणिक (आकृति व अवस्था के आधार पर) अवस्थाएँ निम्न हैं:–

प्रथम आकृति में – BARBARA, DARII, CELARENT, FERIO → 4 अवस्थाएँ वैध।

द्वितीय आकृति में – CESARE, CAMESTRES, FESTINO, BAROCO → 4 अवस्थाएँ वैध।

तृतीय आकृति में – DARAPTI, DISAMIS, DATISI, FELAPTON, BOCARDO, FERISON → 6 अवस्थाएँ वैध।

चतुर्थ आकृति में – BRAMANTIP, CAMENES, DIMARIS, FESAPO, FRESISON → कुल 5 अवस्थाएँ वैध।

43. निम्नलिखित तर्कवाक्यों के बीच का सम्बन्ध किस विकल्प में प्रदर्शित होता है?

कोई कुत्ता बिल्ली नहीं है।
कुछ कुत्ते बिल्ली हैं।

Correct Answer: (b) विरोधभाषी
Solution:

'कोई कुत्ता बिल्ली नहीं है' → 'E' तर्कवाक्य
'कुछ कुत्ते बिल्ली हैं → 'I' तर्कवाक्य
परम्परागत विरोध वर्ग के अनुसार, जब दो तर्कवाक्य न एक साथ सत्य हों और न ही एक साथ असत्य, तो वो वहां व्याघाती/ विरोधाभासी सम्बन्ध होता है। प्रस्तुत तर्कवाक्यों E और I में यही सम्बन्ध है।

44. निम्नलिखित में से कौन एक वैध अनुमान है?

Correct Answer: (d) या तो p अथवा q, p है, अतः न कि q है।
Solution:

45. निम्नलिखित में से कौन एक पुनरुक्ति है?

Correct Answer: (b) (p ⊃ q) ∨ (q ⊃ p)
Solution:

पुनरुक्ति (Tautology) वह वाक्याकार है जिसके केवल सत्य-प्रतिष्ठापन उदाहरण होते हैं। अतः यहाँ (p ⊃ q) ∨ (q ⊃ p) के ही केवल सत्य प्रतिष्ठापन उदाहरण हैं।

46. निरुपाधिक प्रतिज्ञप्ती के पदों में व्याप्तता (डिस्ट्रीब्यूशन) के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

(a) नकारात्मक तर्कवाक्यों का विधेय पद व्याप्त होता है।
(b) विशेषात्मक तर्कवाक्यों का उद्देश्य पद अव्याप्त होता है।
(c) सार्वभौमिक तर्कवाक्यों का उद्देश्य पद व्याप्त होता है।
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

Correct Answer: (d) A, B और C
Solution:

निरुपाधिक प्रतिज्ञप्ति। तर्कवाक्य प्रायः चार प्रकार के होते हैं, क्रमशः (गुण और परिमाण के अनुसार), सार्वभौमिक स्वीकारात्मक (A); सार्वभौमिक निषेधात्मक नकारात्मक (E), विशेषात्मक (अंशव्यापी) स्वीकारात्मक (1) और विशेषात्मक (अंशव्यापी) (O) नकारात्मक/ प्रत्येक निरूपाधिक प्रतिज्ञप्ति में, 'उद्देश्य' एवं 'विधेय' दो पद होते हैं तथा वाक्य का प्रारम्भ (सभी कोई, कुछ) परिमाणक से होता है। और अन्त में 'संयोजक' ('है', 'नही है') होता है।
→ (1) 'A' तर्कवाक्य प्रतिज्ञप्ति का उद्देश्य पद व्याप्त होता है तथा विधेय अव्याप्त (Undistributed)
(2) 'E' तर्कवाक्य प्रतिज्ञप्ति का उद्देश्य एवं विधेय दोनों पद व्याप्त (distributed) होता है। (3) I' तर्कवाक्य अपने किसी पद को व्याप्त नहीं करता है तथा
(4) '0' तर्कवाक्य में केवल विधेय पद व्याप्त होता है।

47. निम्नलिखित न्यायवाक्यों पर विचार करें और सही कूट को चिन्हित करें। कुछ कुत्ते मित्रवत हैं। कोई भी मित्रवत जानवर भौंकते नहीं हैं।

Correct Answer: (d) अवैध अमुख्य पद का दोष कारित करता है।
Solution:

किसी भी न्यायवाक्य की वैधता के छः नियम बताये गये हैं। प्रस्तुत न्यायवाक्य में 'अनियमित अवैध अमुख्य पद का दोष' है। क्योंकि निष्कर्ष का उद्देश्य पद, अमुख्य पद होता है और अमुख्य पद जिस किसी भी तर्कवाक्य (आधारवाक्य) में होते हैं, अमुख्य आधार वाक्य कहा जाता है। यहां निष्कर्ष में अमुख्य पद व्याप्त है लेकिन आधारवाक्यों में अव्याप्त है।

48. निम्नलिखित तर्कवाक्यों में से कौन एक प्रतिपरिवर्तन का वैध अनुमान नहीं है?

Correct Answer: (c) अंशव्यापी सकारात्मक तर्कवाक्य
Solution:

प्रतिपरिवर्तन (Contraposition) में किसी तर्कवाक्य को बदलने के लिए पहले उस तर्कवाक्य का प्रतिवर्तन करना होता है और फिर परिवर्तन। सार्वभौमिक सकारात्मक (A) तथा अंशव्यापी नकारात्मक (O) तर्कवाक्य का प्रतिपरिवर्तन होता है। सार्वभौमिक नकारात्मक का परिमित प्रतिपरिवर्तन होता है। किन्तु अंशव्यापी सकारात्मक तर्कवाक्य को प्रतिपरिवर्तन का वैध अनुमान नहीं है।

49. यदि समान उद्देश्य तथा समान विधेय वाले दो मानक रूप निरपेक्ष तर्कवाक्य इस रूप में सम्बन्धित हैं कि यदि एक अनिश्चित हो तो दूसरा भी आवश्य ही अनिश्चित होगा, तो उनके बीच क्या तार्किक सम्बन्ध है?

Correct Answer: (d) व्याघातक
Solution:

परम्परागत विरोध वर्ग के अनुसार 4 प्रकार के विरोधों की बात की गयी है; जिनके आधार पर हम सत्यता असत्यता की बात करते हैं। 'व्याघाती' तर्कवाक्य ऐसा सम्बन्ध है जहां पर दो तर्कवाक्य न तो एक साथ सत्य हो सकते हैं और न ही एक साथ असत्य । अर्थात् अगर एक सत्य /असत्य होगा तो दूसरा असत्य सत्य होगा। इसी प्रकार अगर कोई एक अनिश्चित हुआ तो दूसरा भी अनिश्चित हो जायेगा। 'A' और 'O' तथा 'E' और 'I' में व्याघात सम्बन्ध होता है।

50. नीचे दो आधार वाक्य (I और II) दिए गए हैं। उनसे चार निष्कर्ष निकाले गए हैं (A,B, C, D), I उस कूट का चयन करें जो केवल वैध तरीके से निकाले गए निष्कर्षों (वैयक्तिक अथवा संयुक्त रूप से आधारवाक्य लेते हुए) का संकेत करता है।

आधारवाक्यः
I. अधिकांशतःविद्यार्थी ईमानदार होते हैं।
II. अधिकांशतः लड़कियाँ विद्यार्थी होती हैं।
निष्कर्ष
A. अधिकांशतः लड़कियाँ ईमानदार होती हैं।
B. अधिकांशतः ईमानदार लोग विद्यार्थी होते हैं।
C. अधिकांशतः विद्यार्थी लड़कियाँ होती हैं।
D. अधिकांशतः ईमानदार लोग लड़कियाँ होते हैं।
नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (b) केवल B और C
Solution:

दिये गये आधार वाक्यों (वैयक्तिक या संयुक्त रूप से लेते हुए)
I. अधिकांशतः विद्यार्थी ईमानदार होते हैं, और
II. अधिकांशतः लड़कियां विद्यार्थी होती हैं। वैध तरीके से निकाले गये निष्कर्षों विकल्प (B) अधिकांशतः ईमानदार लोग विद्यार्थी होते है। एवं (C) अधिकांशतः विद्यार्थी लड़कियां होती हैं। का परिवर्तन कर निकाला गया है। जो वैध है।