Solution:लाइबनित्ज जो एक बुद्धिवादी दार्शनिक थे का दर्शन 'चिदणुवाद के रूप में जाना जाता हैं। उनके अनुसार द्रव्य एक नहीं है बल्कि अनन्त, असंख्य तथा ब्रह्माण्ड में सब जगह है। चिद परमाणुओं की तरह भौतिक कण नहीं हैं, इनकी प्रकृति 'चेतन' है। चिदणु ही विश्व के मूल द्रव्य हैं अतः लाइबनित्ज किसी भी तरह से भौतिकवादी नहीं हैं।
लाइबनित्ज चार प्रकार के नियम मानता है जो चिदणु मे पाये जाते हैं। सातत्य का नियम, समानता का नियम, असमानता का नियम, शक्ति के संरक्षण का नियम ।