यू.जी.सी. NTA नेट /जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

31. निम्नलिखित में से कौन सात के विचार के असंगत है?

Correct Answer: (a) नैतिकता वस्तुगत है
Solution:

समकालीन पाश्चात्य दार्शनिक सात का विचार है कि " जीवन का अर्थ इस बात पर निर्भर करता है की हम किस प्रकार का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा की "विमर्शात्मक चेतना को नैतिक चेतना के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। उनका मानना था की मनुष्य अपने कार्यों के लिए भी उत्तरदायी है। विकल्प (1) से सार्त्त का कोई संबंध नहीं है।

32. निम्न में से कौन सा कथन वेटगेन्सटाइन के संदर्भ में असत्य है?

Correct Answer: (d) धर्म ईश्वर के अस्तित्व पर आधारित विश्वास है।
Solution:

समकालीन पाश्चात्य दार्शनिक विटगेन्सटाइन का भाषा के बारे में विचार है की "अर्थ के बारे में न पूँछकर भाषा के प्रयोग के बारे में पूछा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा की विभिन्न भाषायी खेलों की भांति जीवन के विविध रूप है। उनका मानना था की व्यक्तिगत भाषा संभव नहीं हो सकती है।

33. क्वाइन के विचार से असंगत विकल्प का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) पारंपरिक ज्ञान-मीमांसा प्राकृतिक ज्ञान मीमांसा की नींव है।
Solution:

क्वाइन समकालीन पाश्चात्य दार्शनिक थे। दर्शन पर इनका विचार था की दर्शन में हठधर्मिता का कोई स्थान नही है। क्वाइन का यह भी मानना था की सत्ता मीमांसा सापेक्षिक है। इसी प्रकार वह कहते थे की "अनुवाद सदैव अनिश्चित होता है।

34. जी. राइल के अनुसार निम्न में से किसमें कोटि दोष है?

Correct Answer: (d) शनिवार शय्या पर है।
Solution:

समकालीन दार्शनिक गिलबर्ट राईल ब्रिटिश भाषा दार्शनिक थे। इन्होंने विटगेन्सटाइन के दार्शनिक समस्याओं के दृष्टिकोण को साझा किया। ये मुख्य रूप से कार्टेशियन दोहरीवाद की आलोचना के लिए जाने जाते है जिसके लिए इन्होंने मशीन में भूत वाक्यांश बनाया। प्रश्नगत विकल्प (d) में जी. राइल के अनुसार कोटि दोष है।

35. फ्रेंगे के प्रतिकूल को चिन्हित कीजिए

Correct Answer: (d) विचार संप्रत्यय के समान है।
Solution:

समकालीन दार्शनिकों में फ्रेंगे का महत्वपूर्ण स्थान है। 'विचार' पर इनका मत है की यह न तो शारीरिक है, और न तो मानसिक इससे परे कुछ और है। इनके अनुसार 'अर्थ विचार' संकेत पर आधारित होता है। ये पदभाव को प्रस्तुतिकरण का एक प्रकार मानते थे। विकल्प (d) से इनका संबंध नहीं है।

36. भट्ट मीमांसक निम्न में से किस सिद्धांत का प्रतिपादन करते है?

Correct Answer: (b) अभिहितान्वयवाद
Solution:

अभिहितान्वयवाद का सिद्धांत कुमारिलभट्ट का है। इसके अनुसार पद और वाक्य में पद की सत्ता है और वाक्य सार्थक पदों के योग से बना है। जबकी अन्विताभिधानवाद प्रभाकर का है। अपोहवाद का संबंध बौद्ध दर्शन तथा स्फोटवाद को व्यवस्थित ढंग से रखने का श्रेय भर्तृहरि को है।

37. निम्नलिखित में से कौन सत्य की संतक्तता के सिद्धांत से संबंधित है?

Correct Answer: (c) वह वाक्य सत्य है जो स्वीकृत वाक्य का विरोध न हो।
Solution:

सत्य के संतक्तता सिद्धान्त का अर्थ है संगति । संगति के इस सिद्धांत के अनुसार संगति दो प्रकार की है (i) आत्म संगति (ii) परस्पर संगति। परस्पर संगति का अर्थ है किसी ज्ञान की दूसरे ज्ञान के उदाहरणों के साथ संगति । जबकि आत्मसंगति का अर्थ है 'आत्म विरोध का अभाव ।'

38. यह किस दार्शनिक का विचार है की "समाज विहीन व्यक्ति पशु है अथवा ईश्वर है।"

Correct Answer: (d) अरस्तू
Solution:

ग्रीक दार्शनिक अरस्तू मानते थे की मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है परन्तु वह समाज से बाहर रहता है तो या तो पशु है अथवा देवता।

39. निम्नलिखित में से क्या डेविड हयूम को स्वीकार्य नही है?

Correct Answer: (a) संवेदनवाद
Solution:

हयूम के अनुसार ज्ञान केवल दो विषयो पर आश्रित है। (i) इन्द्रिय संस्कार (ii) विज्ञान। हयूम कहते हैं की संस्कार और विज्ञान का भेद गौण है। विज्ञान किसी वाह्य वस्तु के नही अपितु संवेदन या स्वसंवेदन के ही प्रतिबिंब है। आत्मा और द्रव्य का समानतावाद, भौतिकवाद, आध्यात्मवाद हयूम को स्वीकार्य है।

40. निम्नलिखित में से कौन सा सिद्धांत स्पिनोजा के असंगत है?

Correct Answer: (b) पूर्व स्थापित संगति
Solution:

पूर्वस्थापित संगति का सिद्धान्त स्पिनोजा का नही है। शेष तीनो सिद्धांत जैसे-गुणों का समानतावाद, निश्चयवाद और नेचुरानेचुरान्स स्पिनोजा से संबंधित हैं।