Solution:स्वतंत्र प्रमाण के रूप में अनुपलब्धि के समर्थक शंकर और कुमारिल को माना जाता है। शंकर और कुमारिल दोनो छः प्रमाणों यथा- प्रत्यक्ष अनुमान, उपमान, शब्द, अर्थापत्ति और अनुपलब्धि को मानते है। कुमारिल के अनुसार ज्ञान की प्रमाणिकता उसके उत्पन्न होने के साथ होती है उसकी सत्यता के लिए किसी अन्य प्रमाण की आवश्यकता नही होती। शंकर भी इसी स्वतंत्र प्रमाण के समर्थक है।