यू.जी.सी. NTA नेट /जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

71. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए ?

सूची-Iसूची-II
A. विषयानिष्ठ प्रत्ययवादI. बोसांके
B. यथार्थवादII. बर्कले
C. वस्तुनिष्ठ प्रत्ययवादIII. कांट
D. आलोचनात्मक दर्शनIV. लॉक

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :

Correct Answer: (a) A-II, B-IV, C-I, D-III
Solution:

सही विकल्प इस प्रकार है-
A- (II) विषयनिष्ठ प्रत्ययवाद - बर्कले
B- (IV) यथार्थवाद - लाक
C- (I) वस्तुनिष्ठ प्रत्ययवाद - बोसांके
D- (III) आलोचनात्मक दर्शन - काण्ट।

72. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए ?

सूची-Iसूची-II
A. ल्यूपियस और डीमोक्रिटसI. ईश्वर का नगर
B. सेंट आगस्टाइनII. ईश्वर के अस्तित्व के पाँच प्रमाण
C. सेंट थामस एक्विनसIII. सतामूलक तर्क
D. सेंट एन्सेल्मIV. परमाणु सिद्धांत

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:

सही सुमेल इस प्रकार है-
A- (IV) ल्यूपियस और डीमोक्रीट्स - परमाणु सिद्धान्त
B- (I) सेंट आगस्टाइन - ईश्वर का नगर
C- (II) सेंट थामस एक्विनस - ईश्वर के अस्तित्व के पांच प्रमाण
D- (III) सेंट एन्सेल्म - सत्तामूलक तर्क।

73. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए ?

सूची-Iसूची-II
A. टैगोरI. मालिक की तरह कार्य करना चाहिए दास की तरह नहीं
B. इकबालII. जो कहा गया जाता है उस पर प्रथमः विश्वास किया जाना चाहिए
C. विवेकानंदIII. मेरे लिए संसार वैयक्तिक और वास्तविक होता है
D. के. सी. भट्टाचार्यIV. शरीर संचित कर्म यह स्व की आहट है

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए

Correct Answer: (b) A-II, B-IV, C-I, D-III
Solution:

सही विकल्प इस प्रकार है-
A- (II) टैगोर - जो कहा गया जाता है उस पर प्रथमतः विश्वास किया जाना चाहिए
B- (IV) इकबाल - शरीर संचित कर्म यह स्व की आहट है।
C- (I) विवेकानन्द मालिक की तरह कार्य करना चाहिए दास की तरह नहीं
D- (III) के. सी. भट्टाचार्य मेरे लिए संसार वैयक्तिक और सार्वभौम होता है।

74. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए ?

सूची-Iसूची-II
A. P ≡ qI. (P . q) r
B. ~ (P ⊃ q)II. (P ⊃ r). (q ⊃ r)
C. p . (q . r)III. (P . q) ∨ (~ p . ~ q)
D. (P ∨ q) ⊃ rIV. P . r q

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (d) A-III, B-IV, C-I, D-II
Solution:

A – (III) P ≡ q – (P . q) ∨ (~ p . ~ q)
B – (IV) ~ (P ⊃ q) – P . ~ q
C – (I) P . (q . r) – (P . q) r
D – (II) (P ∨ q) ⊃ r – (P ⊃ r). (q ⊃ r)

75. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए ?

सूची-Iसूची-II
A. विवेकानन्दI. सृष्टि सदा की लीला है
B. के. सी. भट्टाचार्यII. यथार्थ एक है, परन्तु सम्पूर्ण नहीं
C. टैगोरIII. दर्शन स्वतः स्पष्ट की स्वतः विस्तृत व्याख्या है
D. इकबालIV. अन्तः प्रसादात्मक अनुभव वही होकर जानना है

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c) A-II, B-III, C-I, D-IV
Solution:

सही विकल्प इस प्रकार है-
A. विवेकानन्द - यथार्थ एक है, परन्तु संपूर्ण नहीं।
B. के. सी. भट्टाचार्य दर्शन स्वतः स्पष्ट की स्वतः विस्तृत व्याख्या है।
C. टैगोर - सृष्टि स्रष्टा की लीला है।
D. इकबाल - अन्तः प्रज्ञात्मक अनुभव वही होकर जानना है।

76. योग समाधि में सही अनुक्रम चुनिएः

A. सानंद
B. सस्मिता
C. सवितर्क
D. सविचार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

Correct Answer: (c) C, D, А, В
Solution:

योग दर्शन में दो प्रकार की समाधि मानी गई है- 1. सम्प्रज्ञात 2. असम्प्रज्ञात । जिसमें ध्येय विषय का स्पष्ट ज्ञान रहता है उसे सम्प्रज्ञात समाधि कहते हैं। असम्प्रज्ञात समाधि में ध्यान का विषय लुप्त हो जाता है, इस अवस्था में आत्मा अपने यथार्थ स्वरूप को पहचान लेती है। सम्प्रज्ञात समाधि में चित्त एक विषय पर केन्द्रित रहता है जिसके साथ उसकी तादात्म्यकता रहती है चूंकि समाधि में ध्येय के विषय की निरन्तर भिन्नता रहती है, इस आधार पर सम्प्रज्ञात
समाधि का क्रम इस प्रकार है- सवितर्क → सविचार→  सानंद → सस्मिता

77. बौद्ध धर्म के प्रतीत्यसमुत्पाद के बाहर क्रम या निदानों का संदर्भ के साथ सही क्रम में चयन कीजिए?

A. नामरूप
B. षडायतन
C. विज्ञान
D. वेदना
E. स्पर्श
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) C, A, B, E, D
Solution:

बौद्ध धर्म में कार्य कारण श्रृंखला रूप प्रतीत्यसमुत्पाद द्वादश चक्र है जिसे द्वादश निदान भी कहते है। द्वादश निदान कार्यकारण रूप से चक्रवत घूमते रहते है। प्रथम अंग दूसरे का कारण है, दूसरा, तीसरे का इस प्रकार से चक्र चलता रहता है यह द्वादश चक्र क्रमशः इस प्रकार है-
अविद्या → संस्कार → विज्ञान → नामरूप → षडायतन →स्पर्श → वेदना → तृष्णा → उपादान → भव → जाति → जरामरण ।

78. योग नियम के संदर्भ में सही अनुक्रम चुनिए।

A. नियम
B. प्राणायाम
C. यम
D. आसन
E. प्रत्याहार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए

Correct Answer: (c) C, A, D, B, E
Solution:

योग नियम के संदर्भ में, योग, शरीर, इन्द्रियां और चित्त की शुद्धि के लिए आठ अंगों का वर्णन करता है जिसका अनुक्रम इस प्रकार है-
यम → नियम → आसन → प्राणायम → प्रत्याहार → धारणा → ध्यान → समाधि ।

79. जैन धर्म के अनुसार सही अनुक्रम चुनिए।

A. स्यान्नास्ति
B. स्यादहित नाहित च
C. स्यादवक्तव्यम्
D. स्यादस्ति च अव्यक्तम च
E. स्यादस्ति
नीचे दिए गए विकल्पों ने से सही उत्तर चुनिए

Correct Answer: (c) E, A, B, C, D
Solution:

स्यादवाद को सप्तभंगी नय भी कहते हैं। जैन दर्शन नय के सात प्रकार या भंग स्वीकार करता है जो इस प्रकार है- (1) स्यात अस्ति, (2) स्यातनास्ति, (3) स्यात अस्ति नास्ति, (4) स्यात अवक्तव्यम् (5) स्यात अस्ति च, अवक्तव्यम् (6) स्यात नास्ति च अवक्तव्यम् (7) स्यात अस्ति च नास्ति च अवक्तव्यम् ।

80. श्री अरविन्दों के विकास के सिद्धांत के सही क्रम का चयन कीजिए?

A. उच्चीकरण
B. विस्तारीकरण
C. समग्रीकरण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-

Correct Answer: (d) B, A, С
Solution: