Correct Answer: (c) E, A, B, C, D
Solution:स्यादवाद को सप्तभंगी नय भी कहते हैं। जैन दर्शन नय के सात प्रकार या भंग स्वीकार करता है जो इस प्रकार है- (1) स्यात अस्ति, (2) स्यातनास्ति, (3) स्यात अस्ति नास्ति, (4) स्यात अवक्तव्यम् (5) स्यात अस्ति च, अवक्तव्यम् (6) स्यात नास्ति च अवक्तव्यम् (7) स्यात अस्ति च नास्ति च अवक्तव्यम् ।