Solution:शंकरचार्य के अनुसार, अज्ञान का निवारण ब्रह्म ज्ञान से होता है, जिसके लिए शारीरिक एवं मानसिक शुद्धि अनिवार्य है, जिसके लिए शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित साधन चतुष्टय सिद्धान्त है। जो निम्न है, नित्यानित्य वस्तु विवेक, वैराग्य, शमदमादि- साधन सम्यत् और मुमुक्षत्व है।
(भारतीय दर्शन चन्द्रधर शर्मा)