यू.जी.सी. NTA नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 80

41. निम्नलिखित में से कौन-सा दार्शनिक दृष्टिकोण प्लेटों को स्वीकार्य है;

Correct Answer: (b) प्रत्यय पूर्ण एवं नित्य है।
Solution:

प्लेटो के अनुसार नित्य, सार्वभौम, पूर्ण एवं अपरिवर्तनशील सत्ता सामान्य है, जिसे प्लेटो प्रत्यय कहते है; ये प्रत्यय निरपेक्ष सत् है, और इन प्रत्ययों का ज्ञान अनुभव से न होकर बुद्धि से होता है।

42. सुमेलित करे;

सूची-Iसूची-II
A. ह्युम(i) संस्कार
B. डेकार्ट(ii) आत्मनात प्रत्ययवाद
C. बर्कले(iii) प्रतिनिष्ठानवाद
D. लॉक(iv) द्रव्यवाद

कूटः

Correct Answer: (b) i iv ii iii
Solution:

ह्यूम के अनुसार, हमारा सारा ज्ञान इन्द्रिय प्रत्यक्षों के माध्यम से होता है, जिसके दो घटक संस्कार और प्रत्यय है, डेकार्ट का मन-शरीर द्वन्द्ववाद या द्वैतवाद, बर्कले का आत्मगत प्रत्ययवाद और लॉक का प्रतिनिधिमूलक वस्तुवाद है,जिसमें ज्ञान के तीन पक्ष ज्ञाता, ज्ञेय और प्रत्यय है।

43. 'मूल्यों का मूल्यांतरण' का विचार किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया है?

Correct Answer: (b) नीत्शे
Solution:

मूल्यों का मूल्यांतरण का विचार नीत्शे का है, इसके अतिरिक्त शक्ति की संकल्प, और अतिमानव का सिद्धान्त का विशेष महत्व है।

44. वैदिक परम्परा में ब्रह्मा किसका ऋत्विक् होगा?

Correct Answer: (d) प्रष्क, साम और यजुर्वेद का
Solution:

वैदिक परम्परा में ब्रह्मा ऋक, साम और यजुर्वेद का ऋत्विक होगा, जिसमें ऋक में देवताओं की स्तुति में गाये गये मन्त्रों का संग्रह, यजुर्वेद में अनुष्ठानों तथा कर्मकाण्डों में प्रयुक्त होने वाले श्लोको तथा मन्त्रों का संग्रह है, जबकि सामवेद में देवताओं की स्तुति में गाये जाने वाले मन्त्रों का संग्रह है।

45. P ∂ q, q ∂ r, P ∂ r यह किसका रूप है?

Correct Answer: (b) हेत्ताश्रित न्यायवाक्य (हाइपोविटिकल सिलोजिन्म)
Solution:

46. कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार राजा में निहित नियम बनाने का अधिकार है, निम्नलिखित में से किन स्रोतों से फलित है?

Correct Answer: (a) धर्म, व्यवहार, चरित्र और राजशासन
Solution:

कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार राजा धर्म, व्यवहार, चरित्र और राजशासन का नियम बनाने का अधिकार है, जिससे राज्य में शान्ति की स्थापना होगी। क्योंकि प्रजा के जीवन और सम्पत्ति की रक्षा करना तथा असामाजिक तत्वों और अवस्था उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों को दण्डित करना है, राजा का कार्य है, कौटिल्य का मानना है कि, 'प्रजा की प्रसन्नता में ही राजा की प्रसन्नता है, प्रजा के लिए जो कुछ भी लाभकारी है, उसमें उसका अपना भी लाभ है।

47. सार्त्र के लिए स्वयं को केवल तथ्यात्मकता के भाग के रूप में मानना क्या कहलाता है?

Correct Answer: (c) दुरास्या आत्मप्रवंचना
Solution:

दुरास्या स्वयं को केवल तथ्यात्मकता के भाग के रूप में मानता है, इसमें व्यक्ति को प्रामणिक जीवन जीना बहुत ही कठिन लगता है, Bod Failth यह अपने आपको छलने का बहाना है, क्योंकि यह अपनी वास्तविकता को अपने ही से छिपाने का बहाना है, वह अपनी मूल विशिष्टता, अपनी मानवीयता अपनी मौलिक स्वतन्त्रता से वस्तुतः भाग भी नहीं सकता, किन्तु वह समझ बैठता है, कि वह ऐसा कर सकता है।
(समकालीन पाश्चात्य दर्शन वसन्त कुमार लाल)

48. यह मौलिक तत्व है, जिसके माध्यम से विरलीकरण और संघनन की प्रक्रिया के द्वारा यह जगत् आस्तित्व में आता है, यह दार्शनिक मत किसका है?

Correct Answer: (b) एर्नेग्जीमेनीज
Solution:

एनेग्जीमेनीज के अनुसार वायु ही जगत् का मूल है यह सृष्टि दो प्रक्रियाओं द्वारा सम्पन्न होती है; पहला, विरलीकरण में वायु अत्यधिक ऊष्ण होकर अग्नि का रूप धारण करती है, और अग्नि वायु के द्वारा ऊपर उठकर तारागणों में परिवर्तित हो जाता है, तथा दूसरा संघनन में इसके विपरीत यह शीतल होकर पवन, बादल, जल, पृथ्वी तथा पत्थर का रूपधारण करता है।

49. योग दर्शन के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र भूमि नही है?

Correct Answer: (d) राग
Solution:

योग दर्शन के अनुसार चित्र की पाँच भूमियाँ या अवस्थायें होती है, जो इस प्रकार है, क्षिप्त → मूढ़ विक्षिप्त → एकाग्र → और निरुद्ध

50. निम्नलिखित में से यह किसका कथन है, कि "अनन्त और शान्त उसी प्रकार एक है, जैसे गीत और गायन एक है?"

Correct Answer: (b) टैगोर
Solution:

यह टैगोर का कथन है, इसके अतिरिक्त टैगोर की प्रमुख रचना गीतांजलि, साधना, Personality, The rellgion of man है, और इन्होंने दो देशों भारत एवं बांग्लादेश के राष्ट्रगान की रचना की।