Solution:नीत्शे नैतिकता को दो वर्गों में विभाजित किया, दासो की नैतिकता या समूह नैतिकता तथा प्रभुओं की नैतिकता या अभिजात नैतिकता, जिसमे स्नेह, दान, सहयोग, सहानुभूति, सेवा, सहनशीलता त्याग आदि गुण जिसके कारण दुर्बल व्यक्ति अपने जीवन को सुरक्षित रखने में समर्थ होते है इसके विपरीत प्रभुनैतिकता उन व्यक्तियों की नैतिकता है, जो शक्तिशाली होने के कारण दूसरो पर शासन करते है, और समाज में सदा अपना प्रभुत्व बनाए रखते है, जिसमें साहस, युद्ध, कठोरता, दृढता, अत्याचार, शोषण आदि आवश्यक मूल्य है। अतः नीत्शे प्रभुनैतिकता को वास्तव में उत्कृष्ण नैतिकता मानता है।