Solution:अरस्तु के दर्शन में कारणता का सिद्धान्त एक महत्वपूर्ण सिद्धान्त है, जिसे किसी भी कार्य के पीछे छिपे कारण का विश्लेषण करते हुए चार कारणों को कार्य की उत्पत्ति हेतु आवश्यक मानते है, जिसमें उपादान, निमित्त, स्वरूप तथा लक्ष्य कारण है, जो बाद में दो मूलभूत कारणों में रूपान्तरित हो गये, पहला स्वरूप कारण (निमित्त, स्वरूप, लक्ष्य) दूसरा उपादान कारण।