Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सत्य है, (R), (A) की गलत व्याख्या है।
Solution:स्पिनोजा के मत में ईश्वर ही विश्व का कारण है, परन्तु ईश्वर अन्तर्यामी कारण है दूरस्थ कारण नही। ईश्वर जगत की सृष्टि अपने से भिन्न और स्वतन्त्र रूप में नहीं करता, ईश्वर विश्व का अन्तर्निहित कारण है। अब यदि हम ईश्वर को सक्रिय अन्तर्यामी कारण समझे, जिससे कि विश्व का प्रतिक्षण पालन होता है, तो इस रूप में स्पिनोजा ने ईश्वर को नेचुरा नेचुरान्स कहा है। फिर यदि हम ईश्वर को विश्व के वस्तुओं की समग्रता या कार्यरूप में देखे तो ईश्वर को स्पिनोजा ने 'नेचुरेता' कहा है।
(पाश्चात्य दर्शन चन्द्रधर शर्मा)