Solution:सन् 1583 में अब्दुल्ला खां उज्बेक ने तैमूरी शासक शाहरूख मिर्जा से बल्ख छीन लिया और उसके बाद 1585 में बदख्शां को भी जीत लिया। मिर्जा हकीम की मृत्यु के बाद (1585) अकबर ने काबुल को अपने साम्राज्य में मिला लिया। इस प्रकार अब मुगल और उज्बेक सीमाएं एक दुसरे से लग गई।
अकबर ने हकीम हुमां नामक अपने एक वकील को एक पत्र और मौखिक संदेश के साथ अब्दुल्ला के पास भेजा जिसके पश्चात् हिन्दुकुश को दोनों राज्यों के मध्य की सीमा तय करते हुए एक समझौता हो गया।