यू.जी.सी. NTA नेट परीक्षा जून-2019 (इतिहास)

Total Questions: 100

51. अलाउद्दीन खिलजी की मौत के बाद उसकी मूल्यनियंत्रण व्यवस्था ध्वस्त हो गई और कुतुबुद्दीन मुबारक खिलजी के शासनकाल में कीमतो में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई। निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासकार यात्री मुबारक खिलजी के शासनकाल के दौरान बढ़ती कीमतों के बारे में उल्लेख करता है?

Correct Answer: (a) शेख मुबारक
Solution:

अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु 5 जनवरी, 1316 को हुयी। उसकी मृत्यु के पश्चात उसकी मूल्य नियंत्रण व्यवस्था ध्वस्त हो गई और कुतुबुद्दीन मुबारक खिलजी के शासनकाल में कीमतों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई जिसका उल्लेख शेख मुबारक ने किया है।

52. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सहीं है?

(i) पूर्व मध्यकालीन भारत में साम्प्रदायिक धार्मिक समूहों का विकास हुआ। इनमें से भक्ति पूजा पर बल देने वाले सिद्धांतवादी सम्प्रदाय लोकप्रिय हुए।
(ii) मंदिर राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कार्यों के गतिशील स्थल बन गए।
(iii) पूर्व मध्यकालीन भारत के शहरी केन्द्रो को दो वर्गों में विभाजित किया जा सकता है - इनमे से एक को प्रशासनिक शहर और दूसरे को वाणिज्यिक शहर कहा जा सकता है।
(iv) चूँकि मंदिरों ने विभिन्न सामाजिक समूहों को आकृष्ट किया, इस प्रकार उन्होंने अपवर्जन के पक्षधरो का विरोध किया।
नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन करें :

Correct Answer: (a) (i), (ii), (iv)
Solution:

पूर्व मध्यकालीन भारत में साम्प्रदायिक धार्मिक समूहों का विकास हुआ। इनमें से भक्ति पूजा पर बल देने वाले सिद्धांतवादी सम्प्रदाय लोकप्रिय हुए। इस काल में मंदिर राजनीतिक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कार्यों के गतिशील स्थल बन गए। चूंकि मंदिरो ने विभिन्न सामाजिक समूहों को आकृष्ट किया इस प्रकार उन्होंने अपवर्जन के पक्षधरों का विरोध किया।

53. भारत और उज्बेकिस्तान के दो बादशाहों के नाम बताइए जो हिन्दू कोह या हिन्दूकुश को दोनों साम्राज्यों की सीमा तय करने पर सहमत हुए।

Correct Answer: (a) अकबर और अब्दुल्ला खाँ उज्बेक
Solution:

सन् 1583 में अब्दुल्ला खां उज्बेक ने तैमूरी शासक शाहरूख मिर्जा से बल्ख छीन लिया और उसके बाद 1585 में बदख्शां को भी जीत लिया। मिर्जा हकीम की मृत्यु के बाद (1585) अकबर ने काबुल को अपने साम्राज्य में मिला लिया। इस प्रकार अब मुगल और उज्बेक सीमाएं एक दुसरे से लग गई।

अकबर ने हकीम हुमां नामक अपने एक वकील को एक पत्र और मौखिक संदेश के साथ अब्दुल्ला के पास भेजा जिसके पश्चात् हिन्दुकुश को दोनों राज्यों के मध्य की सीमा तय करते हुए एक समझौता हो गया।

54. सिखों द्वारा मुक्त रसोई (लंगर) की अवधारणा कहाँ से अपनाई गई थी?

Correct Answer: (c) सूफी दरगाहों से
Solution:

लंगर प्रथा लगभग 15वीं सदी में शुरू हुई थी। श्री गुरूनानक देव जी के प्रवचन, यात्राएं सम्पर्क सूत्रों से स्पष्ट होता है कि वह भूमि पर बैठकर साथियों, श्रद्धालुओं के साथ भोजन करते थे। किन्तु गुरु अमरदास जी ने लंगर की नियमित प्रथा शुरू की थी। लंगर अथवा मुक्त रसोई की अवधारणा सिक्ख गुरूओं ने सूफी दरगाहों अथवा खानकाहों से अपनाई थी।

55. तकावी ऋणों के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौनसे कथन सहीं नहीं है?

(i) ये कृषि प्रयोजनों हेतु किसानों को दिए जाते थे।
(ii) ये व्यापारिक प्रयोजनों हेतु व्यापारियों को दिए जाते थे।
(iii) ये चौधरियों और मुकद्दमों के माध्यम से दिए जाते थे, जो अलग-अलग किसानों को वितरण करते थे। (iv) चौधरी और मुकद्दम उनकी अदायगी के लिए गारंटी नहीं देते थे।
नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन करें:

Correct Answer: (d) केवल (ii)और (iv)
Solution:

मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि से सम्बन्धित एक नए विभाग दीवान-ए-अमीर कोही की स्थापना की थी जो राज्य की तरफ से सोन्धर अथवा तकावी ऋण प्रदान करता था। ये कृषि कार्य हेतु दिए जाते थे जो कि चौधरियों और मुकद्दमों के माध्यम से किसानों को वितरण किए जाते थे। मोरलैण्ड ने लिखा है: "भारतीय इतिहास में पहली बार यह प्रकट हुआ कि खेती, खेती के तरीकों तथा खेती के साधनों को सुधारना भी सरकार के कर्तव्यों में आता है।" परन्तु यह योजना मुहम्मद बिन तुगलक की सफल नहीं है।

56. कश्मीर में ऋषि सिलसिला का संस्थापक कौन था?

Correct Answer: (c) शेख नूरुद्दीन
Solution:

सूफी विचाधारा से प्रेरित ऋषि आंदोलन कश्मीर मेंशेख नुरुद्दीन ऋषि द्वारा चलाया गया। कश्मीर में 15वीं 16वीं सदियो मे सूफीवाद के ऋषि पंथ का उदय हुआ। शेख नूरुद्दीनऋषि को नन्द ऋषि के नाम से भी जाना जाता है जिसने कश्मीर के लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। नक्शबन्दी सिलसिला की स्थापना बाकी बिल्लाह ने किया था।

57. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सहीं नहीं है?

Correct Answer: (b) उनका पारिश्रमिक हमेशा वस्तु के रूप में दिया जाता था।
Solution:महाराष्ट्र में ग्रामीण सेवक मुख्यतया कारीगर होते थे और दक्कन में ग्रामीण समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते थे। उन्हें बलूतेदार कहा जाता था और उनकी आय को बलूता कहा जाता था जो कृषि उपज के हिस्से के रूप में होती थी। बारह शब्द का प्रयोग आमतौर पर बलूता से पहले किया जाता था। बारह बलूतों में तीन श्रेणियों को वर्गीकृत किया जाता था जिन्हें कास या ओल कहा जाता था।

58. फ्रांसीसी यात्री जॉन बैप्टिस्ट टैवर्नियर ने गोलकोंडा केराजधानी नगर को क्या नाम दिया था?

Correct Answer: (b) भागनगर
Solution:

जीन बैप्टिस्ट टैवर्नियर 17वीं शताब्दी में भारत की यात्रा करने वाला एक फ्रांसीसी यात्री तथा मणि व्यापारी था। अपनी गोलकुण्डा यात्रा के दौरान उसने गोलकुण्डा की राजधानी को 'भागनगर' नाम दिया था। उसकी प्रसिद्ध पुस्तक 'द सिक्स वायेज' थी। वह शाहजहाँ एवं औरंगजेब के शासनकाल में अधिकांश यात्राएँ की थी। उसके अनुसार, "शाहजहाँ वैसे ही शासन करता था। जैसे एक पिता अपने बच्चों पर।"

59. मंगोल खाँ तरमाशरीन ने निम्नलिखित में से किसतुगलक शासक के शासनकाल में भारत पर आक्रमण किया था?

Correct Answer: (b) मुहम्मद बिन तुगलक
Solution:तरमाशरीन (1328-29 ई.) ने मोहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में 1322 ई. में भारत पर आक्रमण किया था। मुहम्मद तुगलक ने उसे 5000 दीनार की सहायता देकर वापस भेज दिया।

60. निम्नलिखित में से कौन-से कर मुक्त व्यापार सुविधाएँ प्रदान करने और करों में कमी किए जाने की श्रेणी मेंआते हैं?

(a) साइर दाम
(b) मुकाता
(c) मापा
(d) राहदारी
नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन करें :

Correct Answer: (d) (a), (c) और (d)
Solution:

साइर दाम, मापा तथा राहदारी कर मुद्रा व्यापार सुविधाएं प्रदान करने और करों में कमी किए जाने की श्रेणी में आते हैं।