यू.जी.सी. NTA नेट परीक्षा जून-2019 (इतिहास)

Total Questions: 100

71. निम्नलिखित में से कौन-सा कदम लॉर्ड कर्जन ने नहीं उठाया था?

Correct Answer: (d) वर्नाकुलर प्रेस ऐक्ट
Solution:

वर्नाकुलर प्रेस एक्ट वाइसराय लिटन द्वारा 1878 ई. में पास हुआ था। इस एक्ट ने भारतीय भाषाओं में प्रकाशित होने वाले सभी समाचार पत्रों पर नियंत्रण लगा दिया। किन्तु यह एक्ट अंग्रेजी में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों पर लागू नहीं किया गया। इस घृणित अधिनियम को लार्ड रिपन ने 1882 ई.में रद्द किया। प्रश्नगत A, B, C का कथन लॉर्ड कर्जन के सन्दर्भ में सही है।

72. प्रथम एंग्लो-वर्मा युद्ध (1824-26) के बाद कौन-सीसंधि हुई?

Correct Answer: (d) यांडूबू संधि
Solution:

प्रथम आंग्लं-बर्मा युद्ध 1824-26 को हुआ था। युद्ध का मुख्य कारण बर्मा राज्य की सीमाओं का ब्रिटिश साम्राज्य के आस-पास तक फैल जाना था, जिस कारण से अंग्रेजों के समक्ष एक संकट खड़ा होने का खतरा बढ़ गया था। इस युद्ध के पश्चात्यांडूबू की संन्धि हुई।

73. यूरोप में सातवर्षीय युद्ध (1756-1763) के फलस्वरूप भारत स्थित फ्रांसीसी और ब्रितानी बस्तियों के बीच भी खुली शत्रुता पैदा हो गई। दक्षिण में डुप्ले और बुसी की प्राप्तियों को 1760-61 में तहस-नहस कर दिया गया। भारत में फ्रांसीसी परिसंपत्तियों के पुनर्स्थापन का प्रावधान किस सन्धि से हुआ?

Correct Answer: (c) पेरिस की सन्धि
Solution:

कर्नाटक का तृतीय युद्ध अंग्रेजों तथा फ्रांसीसीयों के मध्य 1756 ई. से 1763 ई. तक चला। इसी समय यूरोप में 'सप्तवर्षीय युद्ध' आरम्भ हो गया था। 1763 ई. में सम्पन्न हुई पेरिस सन्धि के द्वारा अंग्रेजों ने चन्द्रनगर को छोड़कर शेष अन्य प्रदेश जो फ्रांसीसियों के अधिकार में 1749 ई. तक थे, वापस कर दिए और ये क्षेत्र भारत के स्वतंत्र होने तक इनके पास बने रहे।

74. सरकारी अभिलेखों के संदर्भ में कंसल्टेशन्स क्या थे?

Correct Answer: (a) बंगाल में अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी के तमाम किस्म के कारोबार ।
Solution:

भारत में ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी का शासन 1773 ई.से शुरू हुआ। बंगाल में ईस्ट इण्डिया कंपनी के तमाम किस्म के कारोबार को सरकारी अभिलेखों के संदर्भ में कंसल्टेशन कहा जाता था।

75. निम्नलिखित में से किस आंदोलन के दौरान सत्याग्रह, बहिष्कार और जन-विरोध के कई अन्य कारगर तौर, तरीकों का विकास और प्रयोग हुआ?

Correct Answer: (a) बंग-भंग विरोधी आंदोलन
Solution:

अंग्रेजों ने भारतीयों के मध्य फूट डालने के लिए बंगाल विभाजन का निर्णय लिया तथा 16 अक्टूबर 1905 को लॉर्ड कर्जन ने विभाजन की तिथि घोषित की। भारतीयों ने इसका व्यापक पैमाने पर विरोध किया। नेताओं ने लोगों से विदेशी वस्त्रों एवं वस्तुओं के बहिष्कार की अपील की। योजना के क्रियान्वयन की तिथि को शोक पर्व के रूप में मनाया गया। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इस दिन रक्षाबन्धन पर्व के रूप में मनाए जाने का आह्वान किया।

76. 1946-47 के दौरान हैदराबाद का निजाम कौन था?

Correct Answer: (c) मीर उस्मान अली
Solution:

1946-47 में हैदराबाद का निजाम मीर उस्मान अली था। इसने हैदराबाद पर 17 सितम्बर 1948 तक शासन किया।

77. सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शनीय कार्यक्रमों पर कड़ा राजकीय नियंत्रण लगाने वाले द ड्रामेटिक परफार्मेसेस ऐक्ट को किस वर्ष में पारित किया गया था?

Correct Answer: (c) 1876
Solution:

सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शनीय कार्यक्रमों पर कड़ा राजकीय नियंत्रण लगाने वाले द ड्रोमेटिक परफार्मेसेस एक्ट ब्रिटिश सरकार द्वारा सन् 1876 में वायसराय नार्थब्रुक के लागू किया गया था। नाटकीय प्रदर्शन अधिनियम, जिसे अक्सर 'डी.पी.ए' के नाम से जानते हैं, इस अधिनियम के भारत में थिएटर को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए ब्रिटिश प्रशासन को सशक्त बनाने का प्रावधान था।

78. भारतीय समाज को मूक, बधिर और गतिहीन समाज बताने वाले सबसे पहले विद्वान कौन थे?

Correct Answer: (d) जी.डब्ल्यू. एफ. हीगल
Solution:

जार्ज विलहेम फ्रेड्रिक हेगेल सुप्रसिद्ध जर्मन दार्शनिक थे। हेगेल का दर्शन निरपेक्ष प्रत्ययवाद या चिद्वाद अथवा वस्तुगत चैतन्यवाद कहलाता है। इन्होने सर्वप्रथम भारतीय समाज को मूक, बधिर और गतिहीन समाज बताया था।

79. सूची-I को सूची- II के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची- I (संघ)सूची- II (संस्थापक)
(A) द सत्य महिमा धर्म ऑफ उड़ीसा(i) पं. शिव नारायण अग्निहोत्री
(B) द स्वामी नारायण संप्रदाय ऑफ गुजरात(ii) महिमा गोसाई
(C) द परमहंस मंडली(iii) सहजानंद स्वामी
(D) देव समाज (डिवाइन सोसायटी)(iv) दादोबा पांडुरंग

नीचे दिए गए विकल्प में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) (A)-(ii); (B)-(iii); (C)-(iv); (D)-(i)
Solution:सही सुमेलन है-
सूची- I (संघ)सूची- II (संस्थापक)
(A) द सत्य महिमा धर्म ऑफ उड़ीसामहिमा गोसाई
(B) द स्वामी नारायण संप्रदाय ऑफ गुजरातसहजानंद स्वामी
(C) द परमहंस मंडलीदादोबा पांडुरंग
(D) देव समाज (डिवाइन सोसायटी)पं. शिव नारायण
अग्निहोत्री

80. मद्रास उच्च न्यायालय में मुथुस्वामी अय्यर की नियुक्ति का निम्नलिखित में से किसने इस आधार पर विरोध किया था कि देशज अधिकारियों को समान परिस्थितियों में कार्यरत यूरोपीय अधिकारियों के समान वेतन नहीं मिलना चाहिए?

Correct Answer: (d) मद्रास मेल
Solution:

सर थिरूवरूर मुथुस्वामी अय्यर एक भारतीय वकील थे जो 1877 में मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने 1893 में मद्रास उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी काम किया।