यू.जी.सी. NTA नेट परीक्षा, दिसम्बर 2020/जून 2021 दृश्य कला

Total Questions: 30

1. पत्थर में कार्य करने वाले मूर्ति शिल्पकारों की पहचान कीजिए :

A. रजत घोष                 C. नागजी पटेल
B. लतिका कट्ट              D. बालन नांबियार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल B और C
Solution:

पत्थर में कार्य करने वाले मूर्ति शिल्पकारों में लतिका कट्ट और नागजी पटेल है।
लतिका कट्ट का जन्म 12 मार्च, 1948 उत्तर प्रदेश में हुआ था।
इन्होंने शिक्षा दून स्कूल, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी व बड़ौदा कॉलेज ऑफ आर्ट
लतिका कट्ट एक भारतीय मूर्तिकार है जो पत्थर पर नक्काशी, धातु की ढ़लाई व कॉस्य मूर्तिकला के लिए जानी जाती है।
नागजी पटेल का जन्म गुजरात में 1937 ई.में हुआ था।
नागजी पटेल के मूर्ति शिल्पों का महत्त्वपूर्ण अंग कार्किंग अर्थात् उत्कीर्णन है नागजी अधिकांशतः प्रस्तर (संगमरमर, ग्रेनाइट तथा सेण्ड स्टोन) माध्यम में कार्य करते हैं।
जोधपुर में सेण्डस्टोन में बना वट वृक्ष इनका श्रेष्ठ उदाहरण है।

2. क्षैतिज रेखाओं के माध्यम से कौन से प्रभाव की रचना होती है?

Correct Answer: (d) प्रशांति
Solution:क्षैतिज रेखाओं के माध्यम से प्रशांति उत्पन्न किया जाता है।
■ क्षैतिज रेखाएं विश्राम, शन्ति तथा निष्क्रियता आदि व्यक्त करती है।

3. "आर्ट एज एक्सपिरिएंस" पुस्तक की रचना किसने की है?

Correct Answer: (c) नेल्सन गुडमैन
Solution:

आर्ट एज एक्सपिरिएंस पुस्तक की रचना जॉन डेवी (John Dewey)ने की थी।
रॉबिन जॉर्ज कॉलिंगवुड का जन्म 22 फरवरी 1889 ई. में इंग्लैण्ड में हुआ था।
कालिंगवुड एक अंग्रेजी दार्शनिक, इतिहासकार व पुरातत्वविद् थे। इन्हें दार्शनिक कार्यों के लिए जाना जाता है।
प्रमुख पुस्तक      1- द प्रिंसिपल्स ऑफ आर्ट (1938)
2- द आइडिया ऑफ हिस्ट्री (1946)

4. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में और दूसरा उसके कारण के रूप में :

अभिकथन (A) : संप्रेषण अभिकल्प में टाइप विद्या महत्वपूर्ण है।
कारण (R) : टाइप विद्या लिखित शब्द की चाक्षुष (विजुअल) प्रस्तुति है। यह पाठ के अर्थ को सदृढ़ करती है और इसे अधिक स्पष्ट और पठनीय बनाती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

A और R दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
संप्रेषण अभिकल्प में टाइप विद्या महत्त्वपूर्ण है। टाइप विद्या लिखित शब्द की चाक्षुष (विजुअल) प्रतुति है। यह पाठ के अर्थ को सदृढ़ करती है और इसे अधिक स्पष्ट और पठनीय बनाती है।

5. रोबर्ट मदरवेल किस देश से है?

Correct Answer: (d) यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका
Solution:रोबर्ट मदरवेल यूनाइटेड ऑफ अमेरिका 1915 ई. में हुआ। ये एक अमेरिकी अमूर्त अभिव्यक्ति वादी चित्रकार, प्रिंटमेकर और संपादक थे।

6. निम्नलिखित में से क्या पैकेजिंग का कार्य नहीं है:

Correct Answer: (d) पुनः उपयोग
Solution:

पैकेजिंग का कार्य पुनः उपयोग नहीं होता है।
प्रारम्भिक स्वरूप में पैकेज का प्रयोग उत्पाद को लाने ले जाने और भण्डारण में सुरक्षा के उद्देश्य से किया जाता था। वर्तमान में पैकेज का प्रयोग परिष्कृत रूप में किया जाने लगा है। उत्पाद की सुरक्षा के साथ-साथ विपणन और अभिवृद्धि उपकरण के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य अन्य प्रतिस्पर्धी उत्पादों से उत्पाद की अलग पहचान करना है तथा यह निर्माता के नाम और व्यापारिक चिह्न को भी उपभोक्ता तक ले जाता है। यह उत्पाद के अवयवों एवं प्रयोग के लिए दिये गये दिशा-निर्देशों की सूचना भी उपभोक्ता को देता है।

7. सूची-1को सूची-11 से सुमेलित कीजिए :



नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c)
Solution:लगाश नगर के शासक अपने को प्राचीन परम्परा के अनुसार पटेसी कहते हैं। इस राजवंश का अन्तिम शासक उर कगिना (2900 ई.पू.) था इसी समय उम्मा नगर का शासक लूगल जाग्गिसी (2,850 ई.पू.) था जिसने उर कगिना को पराजित कर समेर में लगाश का नेतृत्व समाप्त किया। लगाश एक ऐसा नगर था जो गुती शासन से स्वतन्त्र था जिसका नेतृत्व पटेसी गुडी (Patesi-Gudea) के हाथ में था। इसने अनेक मन्दिर
बनवाये तथा पुराने मन्दिरों का जीर्णोद्वार करवाया।
जिगुरात शब्द का सुमेरियन भाषा में अर्थ पर्वत निवास है। सुमेरियन एक पवर्तताकार ढाँचा बनाकर उस पर देवस्थान बनाते थे। जहाँ देवता निवास करते थे।
हनीवा टेराकोटा जापान की छापा तकनीक है।

8. साहित्य व कला में रोमांसवाद केन्द्रित है।

A. व्यक्तिगत स्वतंत्रता
B. प्रकृति प्रेम
C. शास्त्रीयतावाद
D. नैतिकता
E. तर्कशक्ति से बड़ी है कल्पनाशीलता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B और E
Solution:

साहित्य व कला में प्रकृति प्रेम तथा तर्कशक्ति से बड़ी है। कल्पनाशीलता पर केन्द्रित है।
कला, साहित्य तथा बौद्धिक क्षेत्र का एक आन्दोलन था जो यूरोप में 18वीं शताब्दी के अन्त में आरम्भ हुआ। यह 1800 से 1850 ई. तक के काल में यह आन्दोलन अपने चर्मोत्कर्ष पर था। हिन्दी में स्वच्छन्दतावाद का प्रभाव 20वीं शताब्दी के दूसरे दशक में छायावादी कविता के रूप में सामने आया। हिन्दी में स्वच्छन्दता का जिक्र सबसे पहले रामचन्द्र शुक्ल के विख्यात ग्रन्थ हिन्दी साहित्य का इतिहास मिलता है। जहाँ उन्होंने श्रीधर पाठक को स्वच्छन्दतावाद का प्रवर्तक करार दिया है। प्रकृति प्रेम मानवीय दृष्टिकोण, आत्मविव्यंजना, रहस्यभावना, प्राचीन संस्कृति के प्रतिव्योम प्रतीक योजना, निराशा, पलायन अहं के उदात्तीकरण आदि के दर्शन होते हैं।

9. 1915 में स्थापित "बिचित्रा क्लब " के कौन-कौन सदस्य थे।

A. अवनिन्द्रनाथ टैगोर      B. गगनेन्द्रनाथ टैगोर
C. रवीन्द्रनाथ टैगोर          D. समरेन्द्रनाथ टैगोर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) केवल A, B और D
Solution:

रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा 1915 ई. में स्थापित “विचित्रा क्लब के सदस्य अवनीन्द्रनाथ टैगोर, गगेन्द्रनाथ टैगोर तथा समरेन्द्रनाथ टैगोर थे।
अवनीन्द्रनाथ एक अच्छे कलाकार होने के साथ-साथ एक 'आदर्श शिक्षक, कला समालोचक, साहित्यकार, रंगमंच अभिनेता, संगीतकार एवं शिल्पी आदि विविध प्रतिभाओं के धनी थे। अवनीन्द्र नाथ कुशल अभिनेता रहे। उन्होंने "विचित्रा क्लब” द्वारा आयोजित नाटकों में अभिनय किया।
गगेन्द्र नाथ विचित्रा क्लब के सदस्य थे और इण्डियन सोसायटी ऑफ ओरिन्टल आर्ट के संस्थापक सदस्य भी थे।
गगेन्द्रनाथ टैगोर पेशेवर चित्रकार नहीं थे। उन्होंने किसी कला विद्यालय से शिक्षा नहीं पाई थी। उनकी चित्रकला स्वान्तः सुखाय होती है। वे बिना पूर्व निश्चित धारणाओं व नियंत्रण के चित्रकारी करते थे। 38 वर्ष की अवस्था में होने पर आपने चित्रकला का कार्य आरम्भ किया।

10. होकुसाई निम्नलिखित में से किस रूप में प्रसिद्ध है।

A. उकियो ए लेखक            C. उकियो ए मूर्तिकार
B. उकियो ए पेंटर               D. उकियो ए छापाकार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (c) केवल B और D
Solution:

कात्सुशिका होकुसाई एक जापानी कलाकार उकियो-एपेंटर और प्रिंटमेकर थे। वे जापान के एदो काल के थे, और एदो (टोक्यो) में ही जन्में थे। उन्हें उनकी वुडब्लाक प्रिंट सीरीज फूजीयामा के छत्तीस दृश्य और का नागावा की लहर के लिए सबसे अधिक जाना जाता है। 'कानागावा की लहर' प्रिंट और फाइन विंड क्लियर मॉनिंग के कारण जापान और विदेशों में होकुसाई की ख्याति  प्राप्त की।
होकुसाई का तावारा स्कूल के साथ जुड़ाव और तवाराया सोरि नाम को अपनाया। उन्होंने कई ब्रश चित्रों का निर्माण किया, जिन्हें 'सरिमोनो' कहा जाता है।
होकुसाई का लम्बा करियर था लेकिन उन्होंने अपनी अधिकांश ख्याति 60 साल उम्र के बाद बनाई उनका सबसे लोकप्रिय काम उकियो-ए श्रृंखला थर्टी सिक्स व्यू ऑफ माउंट फूजी है जो 1826 और 1833 के बीच बनाया गया था।