Solution:साहित्य व कला में प्रकृति प्रेम तथा तर्कशक्ति से बड़ी है। कल्पनाशीलता पर केन्द्रित है।
• कला, साहित्य तथा बौद्धिक क्षेत्र का एक आन्दोलन था जो यूरोप में 18वीं शताब्दी के अन्त में आरम्भ हुआ। यह 1800 से 1850 ई. तक के काल में यह आन्दोलन अपने चर्मोत्कर्ष पर था। • हिन्दी में स्वच्छन्दतावाद का प्रभाव 20वीं शताब्दी के दूसरे दशक में छायावादी कविता के रूप में सामने आया। हिन्दी में स्वच्छन्दता का जिक्र सबसे पहले रामचन्द्र शुक्ल के विख्यात ग्रन्थ हिन्दी साहित्य का इतिहास मिलता है। जहाँ उन्होंने श्रीधर पाठक को स्वच्छन्दतावाद का प्रवर्तक करार दिया है। प्रकृति प्रेम मानवीय दृष्टिकोण, आत्मविव्यंजना, रहस्यभावना, प्राचीन संस्कृति के प्रतिव्योम प्रतीक योजना, निराशा, पलायन अहं के उदात्तीकरण आदि के दर्शन होते हैं।