Solution:रामकिंकर के मूर्तिशिल्प की विशिष्टता है अत्यधिक ऊर्जा, प्रचुरता व जीवन्तता क्योंकि वे जीवन के प्रति गहन प्रेम से संतृप्त थे। कथन I और II दोनों सही है।
• रामकिंकर बैज का जन्म 1906 ई. में बाकुरा पश्चिम बंगाल के जुग्गीपाड़ा में हुआ था। रामकिंकर पोटरी, कारपेन्टरी, चित्रकला, स्क्रीन प्रिंटिंग तथा रंगमंच सज्जा में कुशल थे। रामकिंकर बैज ने विश्व भारती, विश्वविद्यालय शान्तिनिकेतन में कला डिप्लोमा लिया। और वहीं पर शिल्पकला में विभागाध्यक्ष भी रहे।
• रामकिंकर ने मिट्टी, कंकरीट, प्रस्तर कांस्य आदि सामग्री से श्रेष्ठ निर्मित शिल्प बनायें।
रामकिंकर ने अपनी अभिव्यक्ति को कल्पना द्वारा प्रत्यक्ष से भिन्न अभिनव रूपाव्यंजित किया। सुजाता, संथाल परिवार, लड़की व कुत्ता, मिथुन, रवीन्द्रनाथ टैगोर का कांस्य आवाक्ष आदि महत्वपूर्ण शिल्प है।