बरनी एक भिन्न प्रकार का इतिहासकार था, जिसकी दिल्ली सल्तनत के इतिहास के बारे में 1357 में लिखित कृति उस बिंदु से शुरू होती है, जहां मिन्हाज सिराज़ ने अपना आख्यान समाप्त किया था। बरनी अपने सहकर्मियों से भिन्न है, विशेष रूप से इसलिए कि वह वंशगत और राजनीतिक के बजाए, जीवन के पहलुओं जैसे-आर्थिक, सामाजिक, बौद्धिक और धार्मिक को उठाता है। वह इसमें भी अनुपम है कि वह घटनाओं के प्रति स्वयं अपना एक विशिष्ट ऐतिहासिक सिद्धांत प्रस्तुत करता है। यह सिद्धांत स्वेच्छाचारी राजतंत्र, स्थापित अभिजात वर्ग और गैर-कुलीन वर्गों के, नवोदित वर्ग के बीच त्रिकोणीय संबंध पर आधारित है।
बरनी द्वारा वर्णित त्रिकोणीय संबंध के कौन से तत्त्व हैं?
Correct Answer: (a) स्वेच्छाचारी राजतंत्र, स्थापित अभिजात्य वर्ग, गैर-कुलीन वर्गों के नवोदित वर्ग ।
Solution:जियाउद्दीन बरनी एक इतिहासकार एवं राजनैतिक विचारक थे जो मुहम्मद बिन तुगलक और फिरोजशाह तुगलक के काल में भारत में रहे। बरनी की प्रसिद्ध कृति 'तारीख-ए-फिरोजशाही' है। बरनी ने वंशगत और राजनीति के बजाए जीवन के पहलुओं जैसे आर्थिक, सामाजिक, बौद्धिक और धार्मिक को उठाया हैं उसके द्वारा दिए गए सिद्धांत स्वेच्छाचारी राजतंत्र, स्थापित अभिजात वर्ग और गैर कुलीन वर्ग, नवोदित वर्ग के बीच त्रिकोणीय संबंध पर आधारित माने गए है।