यू.जी.सी. NTA नेट परीक्षा दिसम्बर – 2019 (इतिहास)

Total Questions: 100

31. अमीर खुसरों द्वारा रचित कृतियां निम्नलिखित में से कौन सी हैं?

(A) हश्त बिहिश्त
(B) मतला उल अनवर
(C) खजायन उल फुतुह
(D) नूह सिपिहर
निम्नलिखित विकल्पों में से सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (c) (A), (B), (C), (D)
Solution:

अमीर खुसरों का वास्तविक नाम अबुल हसन था ये निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। ये खड़ी बोली के आदि कवि कहे जाते है। इनकी प्रमुख कृतियाँ हश्त बिहिश्त, मतला-उल-अनवर, खजायन-उल-फुतूह, नूह सिपिहर, मिफताह-उल-फुतुह, किरान-उलसदामन, आशिकी, तुगलकनामा, आईने-ए-सिकन्दरी है।

32. निम्नलिखित में से किस स्थल पर 2001 में जीवाश्मीकृत मानव शिशु कपाल पाया गया था?

Correct Answer: (d) ओडई
Solution:

भारत में सर्वप्रथम वर्ष 1982 में नर्मदा नदी घाटी के किनारे बसे हथनोरा गाँव से आदिमानव की उत्पत्ति की जानकारी मिली। हथनोरा गाँव से आदिमानव के कंकाल (खोपड़ी का भाग) मिला। जिसका आकलन इएसआर (इलेक्ट्रॉन स्पीन रेजीलेंस) डेटिंग पद्धति से किया गया। जिससे पता चला कि यह कंकाल 3,50,000 वर्ष पुराना है। नर्मदा घाटी में पूर्वपाषाणकालीन औजारों के साथ मध्यपाषाण कालीन लुप्त जीवाश्म प्राप्त हुए है। 2001 ई.में केरल विश्वविद्यालय के पी.राजेन्द्रन ने विल्लुपुरम जिले (तमिलनाडु) के औदें (Odai) से मानव शिशु कपाल की प्राप्ति की है।

33. कांग्रेस के कराची (1931) में निम्नलिखित में से किस प्रतिनिधि (डेलीगेट) ने गाँधी-इरविन समझौते का विरोध नहीं किया?

Correct Answer: (d) पुरुषोत्तम दास ठाकुर
Solution:

कांग्रेस के कराची अधिवेशन (1931) की अध्यक्षता सरदार पटेल ने की। इस अधिवेशन का राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा और भारतीय समाज के राजनीतिक और सामाजिक विकास पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा। इस अधिवेशन में मौलिक अधिकारों से संबद्ध प्रस्ताव को अपनाया गया। इसी अधिवेशन में पुरुषोत्तम दास ठाकुर प्रतिनिधि के रूप में गाँधी-इरविन समझौते का समर्थन किया जिसने कांग्रेस को ब्रिटिश सरकार के साथ समान स्तर पर बात करने का अवसर प्रदान किया। के.एम. मुंशी ने इस समझौते को भारत के सांविधानिक इतिहास में एक 'युग प्रवर्तक घटना' कहा।

34. निम्नांकित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है?

लेखकपुस्तक
(a) इनायत खान- शाहजहाँ नामा
(b) भीमसेन- नुस्खा-ए-दिलकुशा
(c) मुहम्मद काजिम- आलमगीरनामा
(d) मुहम्मद वारिस- बहार-ए-आजम
Correct Answer: (d)
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है-
लेखकपुस्तक
इनायत खान- शाहजहाँ नामा
भीमसेन- नुस्खा-ए-दिलकुशा
मुहम्मद काजिम- आलमगीरनामा
मुहम्मद वारिस- बहार-ए-आजम

पादशाहनामा ग्रंथ की रचना शाहजहाँ के काल में मुहम्मद अमीन काजवीनी ने 10 वर्षों का इतिहास लिखा है जबकि अब्दुल हमीद लाहौरी ने शाहजहाँ के आदेश पर 20 वर्षों तक का एवं लाहौरी के शिष्य मुहम्मद वारिस ने 21 से लेकर 30 वर्ष तक का इतिहास लिखा है।

35. नीचे दो कथन दिए गए है, जिसमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे के तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): लगभग 1715 से बंगाली व्यापारियों ने ब्रिटिश नौपरिवहन सेवा के विकल्प और अपने मालवाहक यातायात के लिए ब्रिटिश पोतों के उपयोग को प्राथमिकता दी।
तर्क (R) : वे निजी जहाज को अपना माल सौंपने में असल में उस कंपनी को माल सुपुर्द कर रहे थे, जिसका अंग्रेजों के पास विशेषाधिकार था।
उपरोक्त दोनों कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (A) की सही व्याख्या (R)है।
Solution:

1713 ई. से 1719 ई. तक फर्रुखसियर मुगल बादशाह था। अंग्रेजों ने मुगल सम्राट के पास एक प्रतिनिधि को भेजा। 1715 ई. में बंगाल के व्यापारियों ने यातायात के लिए ब्रिटिश पोतो और नौपरिवहन सेवाओं के उपयोग को प्राथमिकता दी। इन व्यापारियों ने ब्रिटिश द्वारा प्राप्त विशेषाधिकारों का प्रयोग कर अपने व्यापार की आगे बढ़ाते थे। आगे लकर ब्रिटिश डॉक्टर हैमिल्टन के अनुरोध पर वर्ष 1715 में बादशाह फर्रुखसियर ने बंगाल में अंग्रेजी माल का मात्र 3000 रु. वार्षिक तुच्छ मूल्य के बदले शुल्क एकदम माफ कर दिया। इस उपलब्धि को कम्पनी का महाधिकार पत्र कहा है।

36. निम्नलिखित में से कौन सा राजस्व मुक्त भूमि अनुदान नहीं था?

Correct Answer: (b) अल्तमघा जागीर
Solution:मुगलकालीन राजस्व प्रणाली के अंतर्गत भूमि कर को मुख्यतः तीन वर्गों में विभाजित किया गया खालसा भूमि, जागीर भूमि,सुयरघाल भूमि । इन सभी भूमि द्वारा प्राप्त आय को शाही कोष में जमा कर दिया जाता था उसके पश्चात इसी कोष से कर्मचारियों को तनख्वाह व धार्मिक कार्यों में लगाया जाता था। सुयरघाल, मदद-ए-माश, पुण्य उदक को प्रमुख राजस्व मुक्त भूमि माना जाता है . जबकि अल्तमघा (अल्तमगा) जागीर की शुरूआत मुगल बादशाह जहाँगीर के समय में हुई थी यह एक सरकारी अनुदान के रूप में केवल उन्हीं को दी जाती थी जिन परिवारों पर बादशाह की विशेष कृपा होती थी।

37. निम्नांकित को सही कालक्रमानुसार सुव्यवस्थित करें:

(A) बंगाल अपराध विधि संशोधन अधिनियम
(B) बंगाल आतंकवादी गतिविधि दमन अधिनियम
(C) बंगाल आपात शक्तियां अध्यादेश
(D) बंगाल अपराधी विधि संशोधन अध्यादेश
निम्नलिखित विकल्पों में से सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (*)
Solution:

बंगाल अपराध विधि संशोधन अधिनियम - 1925 ई.
बंगाल आतंकवादी गतिविधि दमन अधिनियम - 1932 ई.
बंगाल आपात शक्तियां अध्यादेश - 1932 ई.
बंगाल अपराधी विधि संशोधन अध्यादेश - 1924 ई.
कोई भी विकल्प सही नहीं है।

38. अंग्रेजों द्वारा पारित निम्नलिखित सामाजिक विधानों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:

(A) विनियमन- XVII (रेगुलेशन- XVII), जिसके द्वारा बंगाल प्रेसीडेन्सी में सती को अवैध घोषित किया गया।.
(B) हिन्दू-विधवा पुनर्विवाह अधिनियम - XV (हिन्दू विडोज रिमैरिज एक्ट- XV)
(C) अधिनियम- V (एक्ट- V), जिसके द्वारा भारत में दासप्रथा को अवैध किया गया।
(D) विनियमन- III (रेगुलेशन-III), जिसके द्वारा शिशु वध को एक हत्या घोषित किया गया।
नीचे दिए गए विकल्पों मे से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (d) (D), (A),(C) और (B)
Solution:शिशु-वध को हत्या घोषित- 1795 ई.
सती प्रथा को अवैध- 1829 ई.
भारत में दास प्रथा को अवैध- 1843 ई.
हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम- 1856ई. की धारा 15 से बंगाल रेग्युलेशन द्वारा ब्रिटिश कालीन भारत में 1795 ई. को शिशु वध को हत्या घोषित किया गया। परन्तु अंतिम रूप से उन्मूलन लॉर्ड हार्डिंग प्रथम (1844-48 ई.) के शासनकाल में ही हुआ। लॉर्ड विलियम बेंटिक के काल में सती प्रथा (1829) ठगी प्रथा (1830) नरबलि प्रथा (1833) का अंत कर दिया गया आगे चलकर लाई एलेनबरो के काल में दास प्रथा (1843) को अवैध घोषित कर दिया गया। विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856की धारा 15 से विधवा विवाह को कानूनी मान्यता लॉर्ड कैनिंग के समय 26 जुलाई, 1856 ई. को प्राप्त हुई।

39. नीचे दो कथन दिए गए है, जिसमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे के तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): अजंता के प्राचीनतम चित्रों का काल द्वितीय और प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व माना जाता है। तर्क (R) : कालक्रमानुसार गुहा सं.1 और 2 के चित्र सबसे बाद के एवं गुप्तोत्तर काल के हैं।
उपरोक्त दोनों कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की सही व्याख्या (R) नहीं है।
Solution:

अजंता से प्राप्त तीस गुफाओं की खुदाई का काल पहली शताब्दी ई.पू. से सातवी शताब्दी के बीच माना गया। इनमें चैत्य (मंदिर) और विहार (मठ) प्रमुख है। अजंता के गुफाओं का मुख्य आकर्षण भित्ति चित्रकारी माना गया है। यहाँ की गुफाएँ बौद्ध धर्म द्वारा प्रेरित और उनकी करुणामय भावनाओं से भरी हुई शिल्पकला और चित्रकला से ओतप्रोत है। अजंता में निर्मित कुल 29 गुफाओं में वर्तमान में केवल गुफा संख्या 1,2,9,10,16,17 शेष है। इन 6 गुफाओं में गुफा संख्या 16 एवं 17 गुप्तकालीन है, गुफा संख्या 9 व 10 प्रथम शताब्दी (गुप्तकाल से पूर्व) तथा गुफा संख्या 1,2 गुप्तोत्तर कालीन के है। यूनेस्कों द्वारा 1983 में अजंता को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया।

40. इतिहास लेखन की बाह्य आलोचना (स्वतः शोध एवं अनुभवजन्य संक्रिया) का निम्नांकित में से कौन सा प्रकार्य सही नहीं है?

Correct Answer: (b) व्याख्यापरक आलोचना करना
Solution:

इतिहास लेखन में स्वतः शोध के लिए सर्वप्रथम उस विषय की पूरी जानकारी प्राप्त कर प्रलेख के लेखक का पता लगाए। तत्पश्चात अनुभवजन्य संक्रिया के द्वारा काल निर्धारण, लेखन की वास्तविक तिथि और वर्ष का पता लगाए। इसके पश्चात उस विषय का अध्ययन कर एक सामान्य निष्कर्ष को प्राप्त करे क्योंकि इतिहास और आलोचना स्वातंत्रयोत्तर हिन्दी साहित्य के प्रथम दशक में साहित्य के प्रगतिशील मूल्यों की प्रतिष्ठा के लिए किए जाने वाले संघर्ष का ऐतिहासिक दस्तावेज है।