यू.जी.सी. NTA नेट परीक्षा दिसम्बर – 2019 (इतिहास)

Total Questions: 100

51. क्लासिकल संस्कृत भाषा के दिल्ली स्थित दीर्घ पालम बावली अभिलेख, में स्वभावतः दावा किया गया है कि राजा के 'सुशासन' के कारण भगवान विष्णु 'समस्त चिंताओं को त्याग कर क्षीरसागर में शांतिपूर्वक शयनरत हैं।'यह किस राजा के बारे में दावा किया गया है?

Correct Answer: (b) गयासुद्दीन बलबन
Solution:

गयासुद्दीन बलबन इल्बरी तुर्क था। बलबन अपनी योग्यता और दूरदर्शिता के कारण उन्नति करता गया जिसने एक नये राजवंश 'बलबनी वंश' की स्थापना की थी। अपनी योग्यता के कारण ही रजिया सुल्तान के समय में “अमीर-ए-शिकार, अलाउद्दीन मसूद के समय 'अमीर-ए-हाजिब', मुइजुद्दीन बहरामशाह के समय "अमीर-ए-आखर" के रूप में अपनी योग्यता का परिचय दिया।

इसने इल्तुतमिश द्वारा बनाये गए "चालीसा दल" का दमन किया तथा ईरानी आदर्शों को स्थापित करने के लिए "सिजदा और 'पाबोस' की प्रथा शुरू की तथा ईरानी त्यौहार "नौरोज' को मनाना प्रारंभ किया उसके शासनकाल की सदृढ़ता को देखकर भगवान विष्णु समस्त चिंताओं को त्यागकर क्षीरसागर में शांतिपूर्वक शयनरत हो गए ऐसा माना गया। गढ़मुक्तेश्वर अभिलेख में बलबन को 'खलीफा का सहायक' कहा गया है।
नोट:- UGC ने अपने अंतिम कुंजी में इस प्रश्न को मूल्यांकन से बाहर कर दिया।

52. अभिलेखिक साक्ष्यों के अनुसार प्राचीन भारत निम्नलिखित में से कौन से नरेश कुशल संगीतज्ञ थे?

(a) खारवेल
(b) हर्षवर्द्धन
(c) रूद्रदामन
(d) समुद्रगुप्त
सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (d) (C) और (D)
Solution:

अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि समुद्रगुप्त के कुछ सिक्कों पर यूप बना है जबकि कुछ पर 'अश्वमेघ पराक्रमः' उत्कीर्ण होने के साथ ही उसे वीणा बजाते हुए दिखाया गया है जिससे उसके संगीत प्रेमी होने का साक्ष्य मिलता है। हर्ष एक प्रतिष्ठित नाटककार एवं कवि था। उसने 'नागानन्द', 'रत्नावली' एवं 'प्रियदर्शिका' नामक नाटकों की रचना की। रुद्रदामन कुशल राजनीतिज्ञ के अतिरिक्त प्रजापालक भी था।

जूनागढ़ अभिलेख के अनुसार वह संगीत व तर्कशास्त्र के क्षेत्र का विद्वान था। खारवेल के हाथीगुम्फा अभिलेख के अनुसार वह चेदि वंश का शासक था जिसने कलिंग में कई राज्यों का समावेश किया। वह एक कुशल योद्धा था। उसके संगीतज्ञ होने का प्रमाण नहीं मिलता। अतः प्रश्नानुसार रूद्रदामन व समुद्रगुप्त कुशल संगीतज्ञ थे।

53. प्रसिद्ध सिंधु नदी की निम्नलिखित में से कौन सी सहायक नदियां अफगानिस्तान में अवस्थित थीं?

Correct Answer: (a) केवल (A) और (B)
Solution:

पाकिस्तान से बहती हुई सिन्धु नदी एशिया की सबसे लंबी नदियों में एक हैं। यह पाकिस्तान, भारत (जम्मू और कश्मीर) और चीन (पश्चिमी तिब्बत) में बहती है। यह पाकिस्तान की सबसे लंबी नदी और राष्ट्रीय नदी है। सिन्धु की पाँच उपनदियाँ है जो पाकिस्तान व भारत के बीच विभाजित है। वितस्ता (झेलम) अस्किनी (चिनाब) परुष्णी (रावी) विपाशा (व्यास) शत्रुद्री (सतलज)। अफगानिस्तान में प्रवाहित होने वाली सिन्धु की सहायक नदियाँ कुभा, कुम्मु, हरिरूद है।

54. गुलबर्गा की जामी मस्जिद के निम्नलिखित विशेषताओं में से कौन से सही हैं?

(A) भारतीय और ईरानी तत्त्व परस्पर ऐसे गुथे हुए हैं कि उन्हें अलग-अलग नहीं किया जा सकता।
(B) संपूर्ण संरचना विशालकाय स्तंभयुक्त छतदार भवन है।
(C) इसमें खुला प्रांगण है।
(D) सात पंक्तियों में व्यवस्थित छोटे गुंबदों से संपूर्ण छत आच्छादित है।
सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल (A), (B) और (D)
Solution:

बहमनी शासक सुल्तान फिरोजशाह के काल में 14वी शताब्दी ईस्वी में गुलबर्गा की जामा मस्जिद का निर्माण करवाया गया। इस मस्जिद की प्रमुख विशेषता 1. इसमें भारतीय और ईरानी शैली इस तरह समामेलित है कि उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। 2. एक आंगन के बिना भारतीय मस्जिद का एक दुर्लभ उदाहरण है क्योंकि पूरी संरचना एक छत से ढकी हुई है। 3. सात पंक्तियों में व्यवस्थित छोटे गुंबदो से संपूर्ण छत आच्छादित है। 4. इस भवन में अलंकरण की दृष्टि से बहुत कम है लेकिन बौद्धिक महानता और मौलिकता का एक उदाहरण है। 5. इसकी संरचना 216 × 176 को मापती है जिसमें तीन तरफ की दीवारें और पश्चिमी तरफ गुंबद वाला विशाल अभयारण्य है।

55. स्तूप के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही है?

(A) बुद्ध ने अपने आस्थि अवशेषों पर स्तूपों के निर्माण का आदेश दिया था
(B) स्तूपों के निर्माण की प्रथा प्राक बौद्ध काल में थी।
(C) जैन धर्मावलम्बियों ने भी प्रारम्भिक काल में स्मारक के इस रूप का निर्माण किया था
(D) सारनाथ का वर्तमान धमेख स्तूप प्राचीनतम स्तूपों में से एक है।
सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (b) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध ने अपने अस्थि अवशेषों पर स्तूपों के निर्माण का आदेश दिया था। स्तूप का विकास संभवतः मिट्टी के ऐसे चबूतरे से हुआ जिसका निर्माण मृतक की चिता के ऊपर अथवा मृतक की चुनी हुई अस्थियों के रखने के लिए किया जाता था। स्तूपों के निर्माण की प्रथा प्राक बौद्ध काल से मानी जाती है। गौतम बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटनाओं, जन्म, सम्बोधि, धर्मचक्र प्रवर्तन तथा निर्वाण से सम्बन्धित स्थानों पर भी स्तूपों का निर्माण हुआ। आगे चलकर जैन धर्मावलम्बियों ने प्रारम्भिक काल में स्मारक के रूप में ऐसे स्तूपों का भी निर्माण करवाया।

56. अशोक के प्रस्तर स्तम्भों पर यूनानी शासकों का जिस क्रम में उल्लेख हुआ है, उसी क्रम में व्यवस्थितकीजिए।

(A) सिकन्दर
(B) ऐतिओकस
(C) एंटिगोनस
(D) टॉलमी
सही विकल्प चुनें:

Correct Answer: (c) (B), (D), (C) और (A)
Solution:

सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए भारत के सभी लोगों में और यूनानी राजाओं को भूमध्य सागर तक दूत भेजे। उनके स्तम्भों पर यूनान से उत्तर अफ्रीका तक के बहुत से समकालीन यूनानी शासकों के नाम मिलते है जो क्रमशः यूनानी नरेश अन्तियोको (अन्तियोकस), तुरमय (टॉलमी) अन्तिकिनी (अन्तिगोनस) मक (मागस), अलिक सुन्दर हैं। उसी तरह दक्षिण में चोल, पांड्य और ताम्रपण (श्रीलंका) में अपने पुत्र व पुत्री क्रमशः महेन्द्र एवं संघमित्रा) को बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए भी भेजा था। वृहद शिलालेख संख्या 13 में 5 यवन राजा का उल्लेख मिलता है।

57. निम्नांकित में किस सत्याग्रह का नेतृत्व महात्मा गांधी ने नहीं किया था?

Correct Answer: (c) महाद मीठा जलाशय सत्याग्रह
Solution:

महात्मा गाँधी 1915 ई.में द. अफ्रीका से वापस आकर भारत की सक्रिय राजनीति से स्वयं को जोड़ा तथा 1916 ई. में अहमदाबाद के समीप “साबरमती आश्रम" की स्थापना की। इसके पश्चात क्रमशः चम्पारण सत्याग्रह (1917 ई.), अहमदाबाद का मजदूर अंदोलन (1918 ई.) खेड़ा सत्याग्रह (1918 ई.) खिलाफत व असहयोग आंदोलन के साथ ही रोलेट एक्ट के विरुद्ध सत्याग्रह भी किया। केरल के त्रावणकोर राज्य में वायकूम सत्याग्रह आंदोलन में अछूतों के मंदिर प्रवेश की माँग का भी समर्थन किया। महाद मीठा जलाशय सत्याग्रह भीमराव अंबेडकर की अगुवाई में 20 मार्च 1927 ई. को महाराष्ट्र राज्य के रायगढ़ जिले के महाड़ स्थान पर दलितों को सार्वजनिक चवदार तालाब से पानी पीने और इस्तेमाल करने का अधिकार दिलाने के लिए किया गया एक प्रभावी सत्याग्रह था।

58. मौर्य प्रशासन में रिपोर्टरों को कहा जाता थाः

Correct Answer: (b) प्रतिवेदक
Solution:

मौर्य प्रशासन को सुदृढ़ ढंग से चलाने के लिए अलगअलग विभाग के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की गयी थी। मौर्यकालीन प्रमुख अधिकारी - 1. नागरक नगर का प्रमुख अधिकारी 2. युक्त रज्जुक के अधीन राजस्व अधिकारी 3. राजुक- जनपद का प्रमुख अधिकारी, इसे राजस्व अधिकार भी प्राप्त था 4. प्रतिवेदकजनता की बात राजा तक पहुँचाने वाला अधिकारी अर्थात रिपोर्टर 5. प्रदेष्टा- फौजदारी न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश 6. रूपदर्शक सिक्को की जाँच करने वाला प्रधान अधिकारी 7. स्थानिक ग्रामों से भू-राजस्व वसूलने का कार्य।

59. 'सुल्तान द्वारा सैन्य बलों का पुनर्गठन किया गया तत्पश्चात सेनापति को अमीरुल उमरा कहा गया और बारब रा दारान नामक अधिकारियों का एक समूह बनाया गया जिसका काम जरूरत के वक्त फौज को जुटाना था। इसके अलावा दो सौ यक्त जवान अथवा सिलाह दारान थे जिनका काम सुल्तान के निजी शस्त्रों का संरक्षण था। सुल्तान के 400 अंगरक्षक थे, जिन्हें खासह खेल कहा जाता था।'

गुलबर्गा के इस बहमनी सुल्तान की पहचान करें:

Correct Answer: (b) मुहम्मद I
Solution:

अलाउद्दीन बहमन शाह प्रथम (1358-75 ई.) दक्षिण के बहमनी वंश का प्रथम सुल्तान था। उसे मुहम्मद बिन तुगलक के दरबार में "जफर खाँ" का खिताब मिला। इसके पश्चात मुहम्मद शाह प्रथम बहमनी वंश का द्वितीय सुल्तान हुआ उसने नयी शासन व्यवस्था चलायी जिसका संचालन केन्द्र उसके आठ मंत्रियों द्वारा होता था। उसने महल के रक्षकों की गारद का पुनर्गठन किया। सैन्य बलों को पुर्नगठित करके उसके सेनापति को अमीरूल उमरा कहा गया तथा खासह खेल को सुल्तान के 400 अंगरक्षकों का दायित्व दिया गया उसकी मृत्यु अत्यधिक मद्यपान के कारण हो गयी।

60. निम्नांकित युग्मों में से कौन से युग्म सही सुमेलित है?

प्रशासनिक इकाईपदाधिकारी
(a) सूबा- तरफ़दार
(b) परगना- सरदार
(c) सरकार- फौजदार
(d) वतन- वतनदार
Correct Answer: (a)
Solution:

शेरशाह सूरी ने अपने साम्राज्य को अनेक प्रान्तों में विभक्त किया था। प्रांतों को 'सूबा' कहा जाता था। प्रत्येक सूबे का सर्वोच्च अधिकारी तरफदार सूबेदार होता था जो साधारणतया राजा का पुत्र, मित्र अथवा घनिष्ठ व्यक्ति होता था। इक्ताओं को 'सरकार' (जिला) में विभक्त किया जाता था इसके प्रमुख को फौजदार कहा जाता था। प्रत्येक सरकार कई 'परगनों में बँटा होता था। प्रत्येक परगने में एक शिकदार (प्रमुख), एक मुंसिफ, एक फोतदार(खजांची) और दो कारकुन (क्लर्क) होते थे। प्रशासन की सबसे छोटी ईकाई ग्राम थी। एक परगने में अनेक गाँव होते थे, ग्राम प्रशासन का प्रमुख "मुखिया” होता था जो गैर-सरकारी पदाधिकारीहोता था।