Solution:गयासुद्दीन बलबन इल्बरी तुर्क था। बलबन अपनी योग्यता और दूरदर्शिता के कारण उन्नति करता गया जिसने एक नये राजवंश 'बलबनी वंश' की स्थापना की थी। अपनी योग्यता के कारण ही रजिया सुल्तान के समय में “अमीर-ए-शिकार, अलाउद्दीन मसूद के समय 'अमीर-ए-हाजिब', मुइजुद्दीन बहरामशाह के समय "अमीर-ए-आखर" के रूप में अपनी योग्यता का परिचय दिया।
इसने इल्तुतमिश द्वारा बनाये गए "चालीसा दल" का दमन किया तथा ईरानी आदर्शों को स्थापित करने के लिए "सिजदा और 'पाबोस' की प्रथा शुरू की तथा ईरानी त्यौहार "नौरोज' को मनाना प्रारंभ किया उसके शासनकाल की सदृढ़ता को देखकर भगवान विष्णु समस्त चिंताओं को त्यागकर क्षीरसागर में शांतिपूर्वक शयनरत हो गए ऐसा माना गया। गढ़मुक्तेश्वर अभिलेख में बलबन को 'खलीफा का सहायक' कहा गया है।
नोट:- UGC ने अपने अंतिम कुंजी में इस प्रश्न को मूल्यांकन से बाहर कर दिया।